सूचना और प्रसारण मंत्रालय
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वैधानिक प्रावधानों के अनुसार फिल्मों का प्रमाणीकरण, प्रमाणीकरण के समय में कमी आई

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 5:49PM by PIB Delhi

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने श्री मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में राज्यसभा में बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का वैधानिक निकाय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952, सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियम, 2024 और इनके अंतर्गत जारी दिशानिर्देशों के तहत सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए फिल्मों का प्रमाणन करता है। फिल्म में काट-छांट या संशोधन की सिफारिश तभी की जाती है जब फिल्‍म की विषयवस्तु भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की सुरक्षा, विदेशी राष्‍ट्र के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध, सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता या नैतिकता, मानहानि, न्यायालय की अवमानना ​​या किसी अपराध के लिए उकसाने से संबंधित वैधानिक मानदंडों का उल्लंघन करती हो।

पिछले 5 वर्षों के दौरान केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा प्रमाणित डिजिटल और वीडियो फिल्मों और प्रमाणन अस्वीकृत फिल्मों का वर्षवार विवरण नीचे प्रस्‍तुत है:

वर्ष

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

कुल प्रमाणित फिल्‍म

8299

12719

18070

17431

15444

कट/संशोधनों के साथ प्रमाणित फिल्में

1475

1911

2205

2440

3033

प्रमाणन अस्वीकृत

0

0

1

0

2

 

पिछले पांच वर्षों (2020-21 से 2024-25) में, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने 71,963 फिल्में प्रमाणित की हैं जिनका श्रेणीवार विवरण प्रस्‍तुत है:

 

प्रमाणन श्रेणी

कुल प्रमाणित फिल्में

(2022-21 से 2024-25 तक)

यू

41,817

यूए*

28,268

1,878

एस

0

 

सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणन) नियम, 2024 के तहत यूए श्रेणी में आयु आधारित उप-श्रेणियां आरंभ की गईं।

सिनेमैटोग्राफ (प्रमाणीकरण) नियम, 2024 के नियम 37 के अनुसार, फिल्मों के प्रमाणीकरण की निर्धारित समय सीमा 48 कार्यदिवस है। ऑनलाइन प्रमाणीकरण प्रणाली लागू होने के बाद, फीचर फिल्मों के प्रमाणीकरण में लगने वाला औसत समय 22 कार्यदिवस और लघु फिल्मों के प्रमाणीकरण में लगने वाला औसत समय 3 कार्यदिवस है।

सिनेमैटोग्राफ अधिनियम में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के निर्णय के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील का प्रावधान है। न्यायिक कार्यवाही के आदेश के अनुसार ऐसे मामलों का निपटारा किया जाता है। उच्च न्यायालयों में चुनौती दिए गए निर्णयों का वर्षवार विवरण प्रस्‍तुत है:

वर्ष

2021

2022

2023

2024

2025

उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई

2

4

1

4

10

***

पीके/केसी/एकेवी/एसके


(रिलीज़ आईडी: 2239783) आगंतुक पटल : 73
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