आयुष
परंपरागत चिकित्सा में सहयोगात्मक अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
प्रविष्टि तिथि:
11 MAR 2026 12:30PM by PIB Delhi
केंद्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) - केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), नई दिल्ली, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और ए एंड यू तिब्बिया कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने 6 मार्च 2026 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली में सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजना इफेक्ट्स ऑफ सीजनल एमिसिस ऑन मेटाबॉलिक, इंफ्लेमेटरी और माइक्रोबायोम मार्कर्स इन अपेरंटली हेल्दी ऐडल्ट्स- एन रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड स्टडी के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस सहयोगात्मक पहल का उद्देश्य स्वस्थ वयस्कों में एमिसिस और मेटाबोलिक इंफ्लेमेटरी और माइक्रोबायोम मार्कर्स पर इसके प्रभावों का आकलन करके इसके वैज्ञानिक आधार और स्वास्थ्य प्रभावों का पता लगाना है। यह अध्ययन नैदानिक अनुसंधान के माध्यम से आयुर्वेद में साक्ष्य-आधारित अंतर्दृष्टि उत्पन्न करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, अनुसंधान एवं विकास निदेशक प्रोफेसर केदार सिंह, जीवन विज्ञान विद्यालय से प्रोफेसर अरुण खरात और अमल चंद्र तथा सीसीआरएएस-सीएआरआई के प्रभारी डॉ. हेमंत पाणिग्राही, डॉ. बबीता यादव, डॉ. शैजी लयीक और डॉ. रेनू रानी उपस्थित थे।
इस साझेदारी से एकीकृत स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने और पारंपरिक चिकित्सीय पद्धतियों के साक्ष्य आधार को मजबूत बनाने में योगदान मिलेगा।
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पीके/केसी/जेके/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2238094)
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