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केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उठाए गए कदमों और दूरसंचार धोखाधड़ी को कम करने में प्राप्त प्रमुख परिणामों पर प्रकाश डाला


डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म दूरसंचार धोखाधड़ी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई को बढ़ावा दे रहा है: श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

88 लाख से अधिक संदिग्ध कनेक्शन काटे गए; जोखिम-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से 1,400 करोड़ रुपये की संभावित धोखाधड़ी को रोका गया

उन्नत निगरानी प्रणालियों के माध्यम से स्पूफ कॉल में लगभग 99 प्रतिशत की कमी हासिल की गई: श्री सिंधिया

एआई-आधारित उपकरण और वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक नागरिक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करते हैं

प्रविष्टि तिथि: 12 FEB 2026 4:42PM by PIB Delhi

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज राज्यसभा में "साइबर/दूरसंचार धोखाधड़ी में कमी" विषय पर एक प्रश्न के लिखित उत्तर में डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के कारण साइबर/दूरसंचार धोखाधड़ी में आई कमी के संबंध में संसद को जानकारी दी। विवरण नीचे दिया गया है।

दूरसंचार विभाग ने साइबर अपराधों और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए हितधारकों के साथ द्विदिशात्मक सूचना साझाकरण हेतु एक सुरक्षित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया है। डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर 1,200 से अधिक संगठन जुड़ चुके हैं, जिनमें केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभाग, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी), बैंक, एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) सेवा प्रदाता, भुगतान प्रणाली संचालक और दूरसंचार सेवा प्रदाता शामिल हैं।

डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के तहत शामिल हितधारक साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दुरुपयोग होने की आशंका वाले मोबाइल नंबरों को दूरसंचार विभाग के साथ साझा कर सकते हैं। हितधारकों द्वारा साझा किए गए डेटा का विश्लेषण दूरसंचार विभाग द्वारा किया जाता है। प्रमुख परिणाम निम्नलिखित हैं:

(i) एएसटीआर: यह एक कृत्रिम बुद्धमत्ता (एआई) और बिग डेटा विश्लेषण उपकरण है जो संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करता है। ऐसे नंबर इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूरसंचार सेवा प्रदाता के साथ साझा किए जाते हैं। पुन: सत्यापन में विफल रहने के बाद ऐसे 88 लाख से अधिक मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए जा चुके हैं।

(ii) अंतर्राष्ट्रीय इनकमिंग स्पूफ्ड कॉल्स प्रिवेंशन सिस्टम (सीआईओआर): यह एक ऐसा सिस्टम है जो भारत से आने वाले प्रतीत होने वाले भारतीय मोबाइल नंबरों से प्रदर्शित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्पूफ कॉल्स की पहचान करके उन्हें ब्लॉक करता है। 17 अक्‍टूबर, 2024 को शुरू होने के बाद से, सीआईओआर ने महत्वपूर्ण परिणाम दिखाए हैं, 24 घंटों में 1.35 करोड़ कॉल्स को ब्लॉक किया है, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय कॉलिंग लाइन पहचान वाले स्पूफ कॉल्स में लगभग 99 प्रतिशत की कमी आई है। जो कॉल्स अभी भी अंतर्राष्ट्रीय गेटवे पर आती हैं, उन्हें वहीं ब्लॉक कर दिया जाता है।

(iii) वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई): यह एक जोखिम-आधारित मापदंड है जो संदिग्ध मोबाइल नंबरों को वित्तीय धोखाधड़ी के मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम से संबंधित होने की संभावना के आधार पर वर्गीकृत करता है। एफआरआई हितधारकों—विशेष रूप से बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और यूपीआई सेवा प्रदाताओं—को प्रवर्तन को प्राथमिकता देने और अतिरिक्त ग्राहक सुरक्षा उपाय करने में सक्षम बनाता है, जैसे कि बढ़ी हुई सतर्कता और चिह्नित मोबाइल नंबरों के लिए आवश्यक वास्तविक समय प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल (अलर्ट, लेनदेन में देरी, चेतावनी, लेनदेन अस्वीकृति आदि) को अपनाना। मई 2025 में इसके शुभारंभ के बाद से, वित्तीय संस्थानों ने बताया है कि लेनदेन अस्वीकृति और नागरिकों को दिए गए अलर्ट या सूचनाओं के आधार पर, एफआरआई का उपयोग करके 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित धोखाधड़ी को रोका गया है।

(iv) संचार साथी पर नागरिकों द्वारा साझा की गई संदिग्ध धोखाधड़ी संचार की 7.93 लाख रिपोर्टों के आधार पर, 39.53 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिए गए हैं।

डेटा पर आधारित विश्लेषण को दूरसंचार विभाग द्वारा डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के हितधारकों के साथ मोबाइल नंबर निरस्तीकरण सूची के रूप में साझा किया जाता है, जिसमें डिस्कनेक्ट किए गए मोबाइल नंबरों की सूची, डिस्कनेक्शन के कारण और तिथि, और एफआरआई शामिल होते हैं। इसके बदले में, हितधारक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट और साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दुरुपयोग किए जाने के संदेह वाले मोबाइल नंबर साझा करते हैं।

(स्टेयर्ड-आरएस-141-120226)

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