वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने मेडटेक स्टार्टअप्स से वैश्विक स्तर पर विस्तार करने और विश्व जीडीपी के 70 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाले व्यापार समझौतों का लाभ उठाने का आह्वान किया
तीन वर्षों में नौ मुक्त व्यापार समझौते 38 देशों को कवर करते हैं; भारत को अब वैश्विक जीडीपी के 70 प्रतिशत बाजार तक लगभग शून्य शुल्क पर पहुंच प्राप्त है: श्री गोयल
स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए तीन नए एनआईपीईआर, सात मौजूदा संस्थानों का उन्नयन और पूर्वी भारत में एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की घोषणा की गई है: श्री गोयल
स्टार्टअप्स को 80 प्रतिशत आईपी शुल्क में छूट मिलेगी; मंत्रालय ने समर्पित स्टार्टअप इंडिया टीम के माध्यम से 24x7 सहायता का आश्वासन दिया है: श्री गोयल
प्रविष्टि तिथि:
12 FEB 2026 3:28PM by PIB Delhi
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज मेडटेक स्टार्टअप्स से घरेलू बाजार से परे देखने, वैश्विक जीडीपी के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाले भारत के विस्तारित व्यापार समझौतों का लाभ उठाने और भारत और दुनिया दोनों की सेवा के लिए किफायती नवाचारों को बड़े पैमाने पर लागू करने का आग्रह किया।
नई दिल्ली में फाइजर आईडोवेशन स्टार्टअप शोकेस प्रोग्राम को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि किफायती और विस्तार योग्य चिकित्सा प्रौद्योगिकी देश के सबसे दूरस्थ हिस्सों तक पहुंचने में मदद कर सकती है और साथ ही अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के वैश्विक बाजारों तक पहुंच बना सकती है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में संपन्न हुए नौ मुक्त व्यापार समझौते मजबूत प्रति व्यक्ति आय वाले 38 देशों को कवर करते हैं, और अधिकांश विकसित बाजारों के भारत के साथ व्यापारिक समझौते हैं। इन समझौतों में 27 देशों का यूरोपीय संघ समूह, चार देशों का ईएफटीए समूह, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं, जबकि जापान और कोरिया के साथ समझौते पहले ही संपन्न हो चुके हैं, साथ ही आसियान देशों के साथ भी समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत को अब वैश्विक जीडीपी के 70 प्रतिशत बाजार तक पहुंच प्राप्त है, और अधिकांश मामलों में भारतीय उत्पादों पर कोई शुल्क नहीं लगता है।
श्री गोयल ने कहा कि स्टार्टअप्स को घरेलू बाजार तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए और वैश्विक मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि वाणिज्य मंत्रालय प्रतिनिधिमंडलों को सहयोग देगा और 190 से अधिक देशों में स्थित भारत के दूतावास नवप्रवर्तकों की सहायता के लिए तत्पर हैं। उन्होंने विकसित बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए 100 से अधिक देशों में मौजूद वैश्विक कंपनियों के साथ सहयोग को भी प्रोत्साहित किया।
मंत्री महोदय कहा कि किफायती और बड़े पैमाने पर उत्पादन योग्य चिकित्सा प्रौद्योगिकी उत्पाद लागत कम कर सकते हैं और बड़े पैमाने पर उत्पादन से गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई स्टार्टअप्स को केंद्रिय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की मंजूरी मिल चुकी है और कुछ अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मंजूरी प्राप्त करने के कगार पर हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि नवाचार को भारत की रोजमर्रा की जरूरतों और जमीनी स्तर की अनिवार्यताओं को पूरा करना चाहिए। उन्होंने सफलता की कहानियों को प्रदर्शित करने के महत्व को रेखांकित किया और स्टार्टअप इंडिया, निजी क्षेत्र और मीडिया से उद्यमियों को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया, जिनमें वे उद्यमी भी शामिल हैं जो शुरू में सफल नहीं हो सकते हैं।
श्री गोयल ने कहा कि असफलता कोई कलंक नहीं बल्कि सफलता की सीढ़ी है। उन्होंने अब्राहम लिंकन का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से पहले उन्हें शिक्षा, व्यवसाय, वकालत और चुनावों में बार-बार असफलता का सामना करना पड़ा था। उन्होंने युवा नवप्रवर्तकों से दृढ़ रहने का आग्रह किया।
श्री गोयल ने विशाखापत्तनम के पास स्थित आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन का उल्लेख किया और उत्तर भारत में, संभवतः राजस्थान या उत्तर प्रदेश में, या राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम की औद्योगिक परियोजनाओं के अंतर्गत, चिकित्सा उपकरणों के लिए समर्पित भूमि और स्टार्टअप के लिए सह-कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु इसी प्रकार की सुविधा स्थापित करने में रुचि व्यक्त की। उन्होंने एक समग्र इकोसिस्टम बनाने के लिए आस-पास के स्कूलों में प्रायोगिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने का भी सुझाव दिया।
मंत्री महोदय ने कहा कि भारत में 200,000 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जबकि कई और अपंजीकृत हैं उन्होंने भारत को एक विश्वसनीय और भरोसेमंद वैश्विक भागीदार बनाने के लक्ष्य को दोहराया।
उन्होंने घोषणा की कि मौजूदा सात राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों (एनआईपीईआर) के उन्नयन के साथ-साथ तीन और संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। पूर्वी भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सर्वोत्तम प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्टार्टअप्स को उत्पाद डिजाइन, दृश्य आकर्षण और समग्र गुणवत्ता में संभवतः नि:शुल्क कार्यक्रमों के माध्यम से सुधार करने में सहायता कर सकता है।
श्री गोयल ने यह भी बताया कि वास्तविक नवाचार को बढ़ावा देने और अनावश्यक आवेदनों को हतोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप्स को बौद्धिक संपदा संबंधी शुल्कों में 80 प्रतिशत की छूट दी जाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समर्पित स्टार्टअप इंडिया टीम के सहयोग से मंत्रालय के दरवाजे चौबीसों घंटे खुले रहेंगे।
अपने संबोधन के समापन में मंत्री महोदय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संदेश का हवाला देते हुए कहा: “युवाओं, अपने नवोन्मेषी विचारों को आगे लाएं। मैं आपके साथ खड़ा हूं। मैं इस यात्रा में आपका सहयोगी बनने के लिए तैयार हूं।”
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पीके/केसी/एचएन/ओपी
(रिलीज़ आईडी: 2227097)
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