वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पीएम गतिशक्ति नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने ₹16.10 लाख करोड़ की 352 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का मूल्यांकन किया


पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए राज्यों को 50-साल के ब्याज-मुक्त कर्ज के तौर पर ₹5,000 करोड़ प्रदान किए गए

प्रविष्टि तिथि: 10 FEB 2026 3:34PM by PIB Delhi

पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी), देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की प्लानिंग और निर्माण के लिए एक बदलावकारी दृष्टिकोण, अक्टूबर 2021 में शुरू किया गया था। पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (पीएमजीएस-एनएमपी) के ढांचे के अंतर्गत गठन किए गए नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी), केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का मूल्यांकन करता है, जिससे प्लानिंग के समय ही एकीकृत नियोजन, बहुआयामी कार्यप्रणाली, अंतर-आयामी कार्यप्रणाली, प्रयासों का समन्वय, अंतिम बिंदु तक कनेक्टिविटी, परियोजना स्थल और उसके आस-पास व्यापक निर्माण, डेटा पर आधारित फैसले आदि सुनिश्चित किए जा सकें। आज तक, एनपीजी तंत्र के जरिए ₹16.10 लाख करोड़ की कुल अनुमानित लागत वाली 352 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का मूल्यांकन किया जा चुका है। इन 352 परियोजनाओं में से 201 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से 167 परियोजनाएं कार्यान्वयन के अंतर्गत हैं।

 

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने "राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना 2022-23" के भाग-II (पीएम गति शक्ति से संबंधित खर्च के लिए) के अंतर्गत राज्यों को इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए 50-वर्ष के लिए ब्याज-मुक्त कर्ज के तौर पर ₹5000 करोड़ का वितरण करने का प्रावधान किया है। "राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना" के भाग-II के अंतर्गत मंजूर किए गए राज्यों की परियोजनाओं और आवंटित निधियों का विवरण नीचे दिया गया है।

 

सेंट्रल सेक्टर की चल रही परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की ओर से की जाती है, जिनमें पीएम गति शक्ति ढांचे के अंतर्गत नियोजित और मूल्यांकित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी लागत ₹150 करोड़ और उससे अधिक है। जुलाई 2025 से पीएआईएमएएनए (प्रोजेक्ट एसेसमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग एंड एनालिटिक्स फॉर नेशन बिल्डिंग) पोर्टल (अर्थात https://ipm.mospi.gov.in/ReportPage) पर स्थिति, लागत में बढ़ोतरी आदि दर्शाने वाली विस्तृत त्वरित रिपोर्ट प्रकाशित की जा रही है।

 

इसके साथ ही, परियोजनाओं की चरणबद्ध निगरानी करने और मुद्दों के समाधान में तेजी लाने तथा बड़े पैमाने की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं (जिनकी अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये और उससे अधिक है) के क्रियान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से एक संस्थागत तंत्र, अर्थात् परियोजना निगरानी समूह (पीएमजी), की स्थापना की गई है। पीएमजी ने एक अद्वितीय 5-स्तरीय समाधान फ्रेमवर्क लागू किया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि मुद्दों का समाधान उचित स्तर पर हो, नियमित मुद्दों के लिए संबंधित मंत्रालय से शुरुआत करते हुए जटिल मुद्दों के लिए पीआरएजीएटीआई (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लिमेंटेशन) प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जाए। यह दृष्टिकोण समीक्षा तंत्र को सुव्यवस्थित करता है, दोहराव को रोकता है और उच्च अधिकारियों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाता है। परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को दूर करने और समय पर परियोजना पूर्ण होने को सुनिश्चित करने के लिए, पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को पीएमजी के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे परियोजनाओं के कार्यान्वयन में आने वाली समस्याओं और नियामक बाधाओं के समाधान में तेजी आई है।

 

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

 

अनुलग्नक-

 

पीएम गतिशक्ति फ्रेमवर्क के अंतर्गत एनपीजी तंत्र के माध्यम से मूल्यांकित परियोजनाओं का मंत्रालयवार विवरण

 

मंत्रालय/ विभाग

एनपीजी द्वारा मूल्यांकित परियोजनाओं की संख्या

स्वीकृत

स्वीकृति मिलना शेष

कार्यान्वयन के अंतर्गत

कुल

अनुमानित लागत

(करोड़ रुपये में)

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

164

87

77

55

8,61,821

रेलवे मंत्रालय

137

83

54

83

4,22,324.84

आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय

23

7

16

7

2,01,264

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय

4

4

0

3

9,271

पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय

3

2

1

1

49,758.86

नागरिक उड्डयन मंत्रालय

5

3

2

3

7,871

एनआईसीडीसी, उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग

12

12

0

12

28,693

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय

1

1

0

1

20,773.70

इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

1

0

1

0

4,680

वस्त्र मंत्रालय

2

2

0

2

3,957

कुल योग

352

201

151

167

16,10,414

 

अनुलग्नक-बी

 

राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के भाग-II के अंतर्गत वर्ष 2022-23 के लिए राज्यवार निधि आवंटन

 

क्रम संख्या

प्रदेश

व्यय विभाग (डीओई) की ओर से स्वीकृत की गई परियोजनाएं

स्वीकृत पूंजीगत व्यय (करोड़ रुपये में)

1

पश्चिम बंगाल

30

376

2

छत्तीसगढ़

27

168.42

3

बिहार

21

502.92

4

उत्तर प्रदेश

15

896.91

5

मध्य प्रदेश

11

393

6

महाराष्ट्र

8

316

7

तमिलनाडु

8

204

8

राजस्थान

7

301

9

असम

6

156

10

नगालैंड

5

28.43

11

केरल

4

96

12

त्रिपुरा

4

35

13

गुजरात

3

174

14

हरियाणा

3

55

15

झारखंड

3

165

16

मणिपुर

3

36

17

हिमाचल प्रदेश

3

42

18

अरुणाचल प्रदेश

3

87.85

19

आंध्र

प्रदेश

2

202

20

कर्नाटक

2

182

21

मेघालय

2

38

22

मिजोरम

2

25

23

उत्तराखंड

2

56

24

गोवा

1

19

25

पंजाब

1

90

26

सिक्किम

1

19

27

तेलंगाना

1

100

28

ओडिशा

0

0

 

कुल

178

4764.53

 

स्रोत: व्यय विभाग का कार्यालय-ज्ञापन (ओएम), जो राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना के भाग-II के अंतर्गत वर्ष 2022-23 के लिए परियोजनाओं की स्वीकृति से संबंधित है।

***

पीके/केसी/एमएम


(रिलीज़ आईडी: 2226206) आगंतुक पटल : 43
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Marathi , Punjabi , Telugu