नागरिक उड्डयन मंत्रालय
विंग्स इंडिया 2026 भारत के विमानन क्षेत्र में विश्व के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजार के रूप में हो रही प्रगति को प्रदर्शित करेगा
एशिया का सबसे बड़ा नागर विमानन कार्यक्रम भारतीय विमानन के विकास और वैश्विक उड़ान के भविष्य को प्रदर्शित करेगा
प्रविष्टि तिथि:
25 JAN 2026 2:42PM by PIB Delhi
विश्व में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक भारत का नागर विमानन क्षेत्र एशिया के सबसे बड़े नागरिक उड्डयन कार्यक्रम विंग्स इंडिया 2026 में केंद्र बिंदु बनने के लिए तैयार है। यह 28 से 31 जनवरी 2026 को बेगमपेट हवाई अड्डे हैदराबाद में आयोजित होने वाला है।
चार दिन के इस भव्य आयोजन का औपचारिक शुभारंभ माननीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू द्वारा देश और विदेश के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जाएगा। यह शुभारंभ एक ऐतिहासिक वैश्विक विमानन सम्मेलन की शुरुआत का प्रतीक होगा। यह कनेक्टिविटी, विनिर्माण, सेवाओं, नवाचार और स्थिरता के क्षेत्र में भारत के एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में परिवर्तन को प्रदर्शित करेगा।
"भारतीय विमानन: भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना - डिजाइन से तैनाती तक, विनिर्माण से रखरखाव तक, समावेशिता से नवाचार तक और सुरक्षा से स्थिरता तक" विषय पर आधारित विंग्स इंडिया 2026 बताएगा कि कैसे भारत का विमानन इकोसिस्टम आर्थिक विकास, क्षेत्रीय विकास और वैश्विक एकीकरण के एक शक्तिशाली इंजन के रूप में विकसित हुआ है।
भारत के विमानन क्षेत्र के विकास की कहानी ने वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरीं।
पिछले एक दशक में देश के नागर विमानन क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है:
- यात्री यातायात में कई गुना वृद्धि हुई है। इससे भारत दुनिया के शीर्ष विमानन बाजारों में शुमार हो गया है।
- भारतीय विमानन कंपनियों ने सैकड़ों नए विमान शामिल किए हैं और रिकॉर्ड तोड़ विमान ऑर्डर ने देश को वैश्विक स्तर पर भविष्य के सबसे बड़े विमान बाजारों में से एक के रूप में स्थापित किया है।
- हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। इसमें नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, आधुनिक टर्मिनल और यूडीएन जैसी प्रमुख पहलों के अंतर्गत बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी शामिल है।
- भारत विमान रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (एमआरओ) , पायलट प्रशिक्षण , एयरोस्पेस विनिर्माण , कार्गो लॉजिस्टिक्स और उन्नत हवाई गतिशीलता के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर रहा है।
- सतत विमानन की दिशा में एक बडे प्रयास में सतत विमानन ईंधन (एसएएफ), हरित हवाई अड्डे और डिजिटल हवाई नेविगेशन शामिल हैं, जो उड़ान के भविष्य को नया आकार दे रहा है।
विंग्स इंडिया 2026 इस असाधारण विकास यात्रा को दर्शाएगा और वैश्विक विमानन शक्ति बनने की भारत की महत्वाकांक्षा को प्रदर्शित करेगा ।
विमानन उत्कृष्टता के लिए एक वैश्विक मंच
- विंग्स इंडिया 2026 में निम्नलिखित शामिल होंगे:
- एक विस्तृत और विश्व स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी
- स्थिर विमानों का प्रदर्शन और कलाबाजी के करतबों का प्रदर्शन
- एक उच्च स्तरीय वैश्विक विमानन सम्मेलन
- मंत्रिस्तरीय पूर्ण सत्र और वैश्विक सीईओ मंच
- सीईओ राउंडटेबल, बी2बी और बी2जी बैठकें
- विमानन रोजगार मेला और छात्र नवाचार प्रतियोगिता
- प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह
- देश की विरासत को प्रतिबिंबित करने वाले जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम
यह आयोजन नीति निर्माताओं, वैश्विक सीईओ, निवेशकों, नवप्रवर्तकों, एयरलाइनों, हवाई अड्डों, ओईएम, एमआरओ, पट्टेदारों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, प्रशिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप्स को एक साथ लाएगा। इससे यह दुनिया के सबसे व्यापक विमानन प्लेटफार्मों में से एक बन जाएगा।
मजबूत वैश्विक और घरेलू भागीदारी
विंग्स इंडिया 2026 में निम्नलिखित आयोजन होंगे:
- 20 देशों (कंबोडिया, घाना, रूस, सेशेल्स, त्रिनिदाद और टोबैगो, सिंगापुर, अल्जीरिया, डोमिनिकन गणराज्य, ईरान, मालदीव, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, ओमान, कतर, यूरोपीय संघ, यूके, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका) के मंत्रिस्तरीय और आधिकारिक विदेशी प्रतिनिधिमंडल।
- भारतीय राज्यों की सक्रिय भागीदारी रही है और कई मंत्रियों और अधिकारियों के उद्घाटन समारोह, प्रदर्शनियों और सत्रों में शामिल होने का कार्यक्रम है।
- एयरबस, बोइंग, एम्ब्रेयर, एचएएल, डसॉल्ट, बेल टेक्सट्रॉन, एटीआर, पिलाटस, डी हैविलैंड, आरटीएक्स, रोल्स-रॉयस, यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन, सीएसआईआर-एनएएल जैसी प्रमुख वैश्विक और घरेलू कंपनियों के साथ-साथ जीएमआर, अदानी, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एतिहाद एयरवेज, थाई एयरवेज, एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर ने भी अपनी भागीदारी की पुष्टि की है।
शीर्ष एयरलाइंस, हवाई अड्डों और ओईएम के वैश्विक सीईओ के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। यह वैश्विक विमानन में भारत के बढ़ते रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।
शानदार हवाई शो और विमान प्रदर्शन
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित शामिल होंगे:
- विभिन्न प्रकार के विमानों के स्थिर और हवाई प्रदर्शन
- वायु सेना की सूर्य किरण एरोबेटिक टीम और मार्क जेफ़रीज़ एरोबेटिक टीम द्वारा एरोबेटिक प्रदर्शन।
- विमानन उत्कृष्टता, नवाचार और जनभागीदारी का उत्सव
विचार नेतृत्व और भविष्य-निर्धारक संवाद
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 13 विषयगत सत्रों के साथ-साथ एक मंत्रिस्तरीय पूर्ण सत्र और वैश्विक सीईओ फोरम शामिल होंगे। इनमें निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की जाएगी:
- हवाई अड्डे और बुनियादी ढांचा
- एयरलाइंस और विमान पट्टे पर देना
- हेलिकॉप्टर और व्यावसायिक विमानन
- एमआरओ और घटक निर्माण
- हवाई माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स
- सतत विमानन ईंधन (एसएएफ)
- उन्नत हवाई गतिशीलता और ड्रोन
- विमानन प्रशिक्षण, कौशल विकास और विमानन में महिलाए
व्यवसाय, प्रतिभा और नवाचार चुनौती
विंग्स इंडिया 2026 में निम्नलिखित कार्यक्रम भी शामिल होंगे
- समर्पित प्रदर्शनी हॉल और शैले
- संरचित बी2बी और बी2जी बैठकें
- विमानन क्षेत्र में रोजगार मेला, उद्योग को कुशल युवाओं से जोड़ता है
- भावी विमानन नेताओं को पोषित करने के लिए एक छात्र नवाचार प्रतियोगिता
नागर विमानन में उत्कृष्टता को मान्यता देने वाले 30 से अधिक पुरस्कारों से युक्त एक प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह के साथ-साथ महत्वपूर्ण घोषणाएं, समझौता ज्ञापन और रणनीतिक साझेदारियां होने की उम्मीद है ।
व्यापार और नीति के अलावा, विंग्स इंडिया 2026 विमानन को एक जन-केंद्रित उद्योग के रूप में भी मनाएगा। एक विमानन जॉब फेयर उद्योग जगत के प्रमुखों को युवा पेशेवरों और कुशल प्रतिभाओं से जोड़ेगा, जबकि देश के शीर्ष संस्थानों के छात्रों के लिए एयरोस्पेस और भविष्य की प्रौद्योगिकी पर केंद्रित एक नागरिक विमानन नवाचार चुनौती, विमानन क्षेत्र के अगली पीढ़ी के विचारकों और समस्या-समाधानकर्ताओं को पोषित करेगी।
लक्षित भागीदारी
150 से अधिक प्रदर्शकों, 7500 व्यावसायिक आगंतुकों , एक लाख सामान्य आगंतुकों , 200 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों , 500 से अधिक बी2बी और बी2जी बैठकों और 31 से अधिक विमानों के प्रदर्शन के साथ , विंग्स इंडिया 2026 न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक विमानन समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन बनने जा रहा है।
वैश्विक विमानन के भविष्य की रूपरेखा तैयार करना
अपने अद्वितीय पैमाने, वैश्विक भागीदारी और रणनीतिक फोकस के साथ, विंग्स इंडिया 2026 वैश्विक विमानन समुदाय के लिए एक निर्णायक क्षण बनने जा रहा है।
जैसे-जैसे भारत विनिर्माण, रखरखाव, कनेक्टिविटी, स्थिरता और डिजिटल नवाचार को शामिल करते हुए एक वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विंग्स इंडिया 2026 न केवल देश की उल्लेखनीय विमानन विकास गाथा को प्रदर्शित करेगा बल्कि विश्व स्तर पर नागरिक उड्डयन के भविष्य के पथ को भी आकार देगा।
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पीके/ केसी/ एसके/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2218556)
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