वित्त मंत्रालय
पीएफआरडीए ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सुनिश्चित भुगतान के लिए ढांचा विकसित करने हेतु विशेषज्ञ समिति की घोषणा की
प्रविष्टि तिथि:
13 JAN 2026 1:40PM by PIB Delhi
पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत सुनिश्चित भुगतान के लिए एक ढांचा तैयार करने हेतु दिशा-निर्देश और विनियम बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह कदम पीएफआरडीए अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है और इसका उद्देश्य पेंशनभोगियों की सेवानिवृत्ति से जुड़ी आय की सुरक्षा का विस्तार करना है।
इस समिति का गठन पीएफआरडीए द्वारा विकसित भारत 2047 की व्यापक परिकल्पना की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां प्रत्येक नागरिक अपने स्वर्णिम वर्षों में सच्ची वित्तीय स्वतंत्रता और गरिमा प्राप्त करता है।
समिति का नेतृत्व और संरचना
डॉ. साहू रेगुलेटरी चैंबर्स के संस्थापक और भारतीय दिवालियापन एवं दिवालिया बोर्ड (आईबीबीआई) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एम.एस. साहू इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। 15 सदस्यीय इस पैनल में विधि, बीमा, वित्त, बीमा, पूंजी बाजार और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। व्यापक विचार-विमर्श सुनिश्चित करने के लिए, समिति को बाहरी विशेषज्ञों या मध्यस्थों को विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में राय और परामर्श के लिए आमंत्रित करने का अधिकार दिया गया है।
प्रमुख उद्देश्य और संदर्भ शर्तें
यह समिति संरचित पेंशन भुगतान पर एक स्थायी सलाहकार समिति के रूप में स्थापित की गई है। इसके प्राथमिक अधिदेश में अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित शामिल हैं:
- ढांचागत विकास: सुनिश्चित भुगतान के लिए नियम बनाना, जिसमें 30 सितंबर, 2025 के पीएफआरडीए परामर्श पत्र में उजागर की गई पेंशन योजनाओं की पड़ताल करना शामिल है।
- निर्बाध परिवर्तन: संचय चरण से निकासी (भुगतान) चरण में जाने वाले ग्राहकों के लिए एक सुचारू, संपूर्ण परिवर्तन सुनिश्चित करना।
- बाजार आधारित आश्वासन: कानूनी रूप से लागू करने योग्य और बाजार आधारित गारंटी सुनिश्चित करने के लिए नवीकरण और निपटान संबंधी अवधारणाओं पर विचार-विमर्श करना।
- संचालनात्मक डिजाइन: प्रदाताओं के लिए लॉक-इन अवधि, निकासी सीमा, मूल्य निर्धारण प्रणाली और शुल्क संरचना जैसे शब्दों को परिभाषित करना।
- जोखिम और कानूनी निगरानी: सुदृढ़ जोखिम प्रबंधन (पूंजी और सॉल्वेंसी से जुड़ी आवश्यकताएं) स्थापित करना और उन भुगतानों के लिए कर निहितार्थों की जांच करना जिनके लिए ग्राहक को एनपीएस संरचना से बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं होती है।
- उपभोक्ता संरक्षण: गलत बिक्री को रोकने और आश्वासन तथा बाजार आधारित गारंटी की प्रकृति के संबंध में ग्राहकों की अपेक्षाओं का प्रबंधन करने के उद्देश्य से मानकीकृत घोषणा संबंधी ढांचा विकसित करना।
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पीके/केसी/एसकेएस/एसवी
(रिलीज़ आईडी: 2214478)
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