नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
केन्द्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने गुजरात के चिखली में 5.4 गीगावॉट क्षमता वाले अत्याधुनिक संयंत्र का उद्घाटन किया
आज का दिन गुजरात और हमारे देश के लिए एक यादगार दिन है: श्री प्रल्हाद जोशी
पिछले 10 वर्षों में, देश की सौर ऊर्जा क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो 2014 में 2.82 गीगावॉट से बढ़कर आज 104 गीगावॉट हो गई है और यह 3580 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है: श्री प्रल्हाद जोशी
Posted On:
29 MAR 2025 4:46PM by PIB Delhi
केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रहलाद जोशी ने गुजरात के चिखली में वार्री एनर्जी की अत्याधुनिक 5.4 गीगावॉट सौर सेल गीगाफैक्ट्री/मैन्यूफैक्चरिंग सुविधा का उद्घाटन किया। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल, तथा ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री श्री कनुभाई देसाई; गृह, खेल एवं युवा कार्यक्रम राज्यमंत्री श्री हर्षभाई सांघवी; पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं जल संसाधन राज्यमंत्री श्री मुकेशभाई पटेल और श्री पी.पी. चौधरी जैसे गुजरात के वरिष्ठ मंत्री इस अवसर पर उपस्थित थे।

भारत के सबसे बड़े अत्याधुनिक सौर सेल उत्पादन संयंत्र के रूप में, यह ऐतिहासिक उपलब्धि घरेलू सौर आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। वहीं वैश्विक सौर ऊर्जा मूल्य श्रृंखला भी शुद्ध निर्यातक और इकोसिस्टम में सक्षमकर्ता के रूप में देश की प्रगति में अग्रणी है।

इस अवसर पर बोलते हुए, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, “यह शानदार सुविधा भारत की भावना का प्रतीक है और वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता के रूप में खड़ी है। यह पूर्ण रूप से भारत को स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के वैश्विक मैन्यूफैक्चरिंग केन्द्र के रूप में स्थापित करने के हमारे राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह संयंत्र न केवल स्थानीय जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भारत को उन्नत सौर प्रौद्योगिकियों के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में भी स्थापित करेगा।”

श्री प्रल्हाद जोशी ने आगे कहा कि आज का यह दिन न केवल वारी एनर्जी के लिए बल्कि गुजरात एवं हमारे देश के लिए भी एक यादगार दिन है। वेदों एवं उपनिषदों सहित हमारे पवित्र ग्रंथों ने हमेशा मानवता और पर्यावरण के बीच सद्भाव के महत्व पर जोर दिया है।

गायत्री मंत्र के महत्व के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले लिखा गया यह मंत्र सूर्य की दिव्य ऊर्जा को समर्पित है। आज भी करोड़ों भारतीय अपने दिन की शुरुआत इसी पवित्र मंत्र से करते हैं। वहीं सूर्य नमस्कार के माध्यम से भगवान को सम्मान दिया जाता है। अब जब हम इस गहरी आध्यात्मिक परंपरा को प्रतिबिंबित करते हैं, तो यह चौंकाने वाली बात है कि 2014 तक, भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा तथा स्थिरता के क्षेत्रों में कोई प्रगति नहीं की थी। स्थिरता के वैश्विक मानचित्र पर हम कहीं नज़र नहीं आ रहे थे।
श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदीजी के सत्ता संभालने के बाद ही पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति भारत का दृष्टिकोण बदलना शुरू हुआ। हम न केवल वैश्विक ऊर्जा क्रांति में भाग ले रहे हैं, बल्कि इसका नेतृत्व भी कर रहे हैं। आज हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वाले देश बन गये हैं। पिछले 10 वर्षों में, देश की सौर ऊर्जा क्षमता में असाधारण वृद्धि हुई है, जो 2014 में 2.82 गीगावॉट से बढ़कर आज 104 गीगावॉट हो गई है और यह 3580 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि मॉड्यूल उत्पादन पर भी जोर बढ़ा है और इसकी क्षमता 2014 में 2 गीगावॉट से बढ़कर आज 80 गीगावॉट हो गई है। वर्ष 2014 में सोलर सेल और वेफर्स का उत्पादन नहीं होता था, लेकिन आज भारत में 25 गीगावॉट सेल और 2 गीगावॉट वेफर्स का उत्पादन होता है। इसे और बढ़ावा देने हेतु, सरकार ने दिशानिर्देश जारी किए हैं जिसमें कहा गया है कि परियोजनाओं में उपयोग किए जाने वाले सभी सौर पीवी मॉड्यूल को 1 जून, 2026 से अपने सौर सेल को एएलएम सूची- II से प्राप्त करना होगा। वर्ष 2030 तक, यह पहल भारत के नवीकरणीय ऊर्जा प्रयासों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। हमें विश्वास है कि सौर मॉड्यूल का उत्पादन आसमान छूएगा और उस समय तक 150 गीगावॉट तक पहुंच जाएगा। सौर सेल की हमारी क्षमता बढ़कर 100 गीगावॉट हो जाएगी, साथ ही वेफर उत्पादन भी 40 गीगावॉट तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने सौर ऊर्जा के वैश्विक विकास में तेजी लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की सह-स्थापना की। वर्तमान में, 100 से अधिक देशों ने आईएसए के माध्यम से हरित भविष्य के लिए प्रतिबद्धता जताई है। कई वर्षों से, एक देश (चीन) नवीकरणीय और नए जमाने के संसाधनों के क्षेत्र में एक मजबूत शक्ति रहा है। लेकिन आज भारत विश्वामित्र के रूप में उभर रहा है, ग्लोबल साउथ की आवाज बन रहा है और एक नई विश्व व्यवस्था का नेतृत्व कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में 195 देश हैं, लेकिन पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, यह भारत ही था जिसने एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड पहल शुरू की। यही कारण है कि, आज जब यूरोपियन यूनियन कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स यूरोपीय महाद्वीप के बाहर पहली बार जाते हैं, तो वे भारत को प्राथमिकता देते हैं।
श्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “आज, चाहे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी हो, विश्व आर्थिक मंच हो, आईएमएफ हो या विश्व बैंक, वे सभी भारत को नेतृत्व के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं। यह सब हमारे प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता, गति और पैमाने के कारण संभव हुआ है। वह गुजरात की इस भूमि के पुत्र हैं और उन्होंने नेतृत्व की उस विरासत को आगे बढ़ाया है जो इस भूमि ने हमें दी है। इस भूमि ने हमें महात्मा गांधी और सरदार पटेल दिए। इस भूमि ने भारत को अपनी उद्यमशीलता की पहचान दी है। यह गुजरात ही था जहां नवीकरणीय ऊर्जा के विकास की कहानी शुरू हुई थी। इसकी शुरुआत तब हुई थी जब मोदी इस राज्य के मुख्यमंत्री थे। आज, गुजरात एक ऐसा मॉडल बन गया है, जो एक राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है। इस संदर्भ में, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल जी भी मोदीजी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में अपने नेतृत्व के लिए प्रशंसा के पात्र हैं। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गुजरात इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सबसे आगे रहे। मैं अन्य राज्यों को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात के विकास मॉडल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। अन्य राज्यों को उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश करने के मामले में गुजरात के उदाहरण से सीखना चाहिए।”
केन्द्रीय मंत्री जोशी ने बताया कि, विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025 के अनुसार, हरित बदलाव जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर नौकरियां पैदा करने से 2030 तक 170 मिलियन नौकरियां पैदा होंगी। नौकरियों की इस संख्या में इस 5.4 गीगावॉट क्षमता वाले सौर सेल मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र द्वारा उत्पन्न नौकरियों का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र स्थानीय निवासियों एवं पेशेवरों, दोनों के लिए कई अवसर पैदा करेगा।
श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि गुजरात एक ऐसा राज्य है, जहां नवीकरणीय ऊर्जा कुल ऊर्जा क्षमता का 57 प्रतिशत है, जबकि तापीय ऊर्जा 43 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के तहत इस राज्य में अपनी प्रगति को बढ़ाने की और अधिक संभावनाएं हैं। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक कुल 3.85 लाख इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं। इस संख्या को और बढ़ाने की जरूरत है। केन्द्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि गुजरात का जुनून सिर्फ व्यापार और वाणिज्य को लेकर नहीं है। इसका संबंध जिम्मेदारीपूर्वक और सतत रूप से व्यवसाय करने को लेकर भी है। उन्होंने कहा, हमें गर्व है कि यह संयंत्र अपनी पूरी क्षमता के साथ भारत को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति बनाने में योगदान देगा।
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