प्रविष्टि तिथि:
19 DEC 2024 7:24PM by PIB Delhi
भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज महाराष्ट्र राज्य में स्थानीय समुदायों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी प्रणालियों की सहनीयता को बढ़ाने हेतु तटीय और नदी तट संरक्षण प्रदान करने के लिए 42 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
महाराष्ट्र सतत जलवायु-सहनीय तटीय संरक्षण और प्रबंधन परियोजना के लिए ऋण समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री जूही मुखर्जी और एडीबी की ओर से एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मियो ओका ने हस्ताक्षर किए।
सुश्री मुखर्जी ने कहा कि एडीबी के वित्तपोषण से महाराष्ट्र के समुद्र तट को पुनर्जीवित और स्थिरता प्रदान करने तथा तटीय समुदायों की आजीविका की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
सुश्री ओका ने कहा, "यह परियोजना तटीय कटाव से निपटने के लिए संयुक्त दृष्टिकोणों को शामिल करके एडीबी के पिछले निवेश पर आधारित है, जैसे अपतटीय चट्टानें, चट्टान संरक्षण कार्य, साथ ही समुद्र तट और टीलों के पोषण जैसे लचीले प्रकृति-आधारित समाधान।" "यह समुद्र के स्तर में वृद्धि और उग्र मौसम जैसे जलवायु परिवर्तन प्रभावों की भविष्यवाणी करने के लिए उन्नत तकनीकों का भी उपयोग करता है और रिमोट सेंसिंग उपग्रह तस्वीरों के साथ तटीय प्रबंधन सूचना प्रणाली का विस्तार करता है, जिससे तटरेखा प्रबंधन में सुधार होता है।"
तटीय संरक्षण में वृद्धि से समुदाय की सहनीयता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे पर्यटन और मत्स्य पालन क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों का समाधान होगा, जो दो महत्वपूर्ण स्थानीय उद्योग हैं। पर्यटन और मत्स्य पालन तटीय कटाव, बाढ़ और खराब तटीय प्रबंधन से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। साथ ही, परियोजना तटीय क्षेत्र प्रबंधन में महिलाओं, युवाओं और कमजोर समूहों की भागीदारी मी विस्तार को भी प्रोत्साहित करती है, ताकि आपदाओं के लिए तैयार रहने और प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई करने की उनकी क्षमता में वृद्धि हो।
एडीबी तटीय अवसंरचना प्रबंधन इकाई की स्थापना सहित तट प्रबंधन योजना में महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड के क्षमता निर्माण में मदद करेगा। यह परियोजना लैंगिक समानता और सामाजिक समावेश, तटीय प्रबंधन और आजीविका गतिविधियों पर हितधारकों के क्षमता निर्माण का समर्थन करेगी।
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एमजी/केसी/जेके