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सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2023-24 और 2021-22 के लिए आय और लेन-देन के अंतर को दूर करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक अभियान शुरू किया

प्रविष्टि तिथि: 17 DEC 2024 1:33PM by PIB Delhi

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2023-24 और 2021-22 के लिए वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) में रिपोर्ट की गई आय व लेनदेन और आयकर रिटर्न (आईटीआर) में बताए गए आय व लेनदेन के बीच विसंगति को हल करने में करदाताओं की सहायता के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक अभियान शुरू किया है। यह अभियान उन व्यक्तियों को भी लक्षित करता है जिनके एआईएस में कर योग्य आय या उच्च-मूल्य लेनदेन की सूचना दी गई है लेकिन संबंधित वर्षों के लिए आईटीआर दाखिल नहीं किया है। यह पहल ई-सत्यापन योजना 2021 के कार्यान्वयन के अंतर्गत है।

इस अभियान के अंतर्गत करदाताओं और आयकर दाखिल न करने वालों को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सूचनात्मक संदेश भेजे गए हैं जहां एआईएस में रिपोर्ट किए गए लेनदेन और दायर किए गए आईटीआर के बीच विसंगति की पहचान की गई है। इन संदेशों का उद्देश्य उन व्यक्तियों को याद दिलाना और मार्गदर्शन करना है जिन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए संशोधित या विलंबित आईटीआर दाखिल करने का अवसर लेने के लिए अपने आईटीआर में अपनी आय का पूरी तरह से खुलासा नहीं किया है। इन संशोधित या विलंबित आईटीआर  फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2024 है।

वित्त वर्ष 2021-22 से संबंधित मामलों के लिए करदाता 31 मार्च, 2025 तक अपडेटेड आईटीआर दाखिल कर सकते हैं।

करदाता ई-फाइलिंग वेबसाइट (https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/) के माध्यम से एआईएस में रिपोर्ट की गई जानकारी से असहमत होने सहित अपनी प्रतिक्रिया भी दे सकते हैं।

यह पहल अनुपालन को सरल बनाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए आयकर विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। तीसरे पक्ष के डेटा का उपयोग करके विभाग का लक्ष्य और अधिक कुशल, करदाता-अनुकूल प्रणाली का विकास करना है जो विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हो। सीबीडीटी सभी पात्र करदाताओं को अपनी कर जिम्मेदारियों को पूरा करने और देश के आर्थिक विकास में योगदान करने के लिए इस अवसर का लाभ उठाने हेतु प्रोत्साहित करता है। यह प्रयास न केवल विकसित भारत के लिए सरकार के दृष्टिकोण का समर्थन करता है बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और स्वैच्छिक अनुपालन की संस्कृति को भी बढ़ावा देता है।

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एमजी/केसी/बीयू/ओपी


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