जल शक्ति मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

जल जीवन मिशन ने 14 करोड़ (72.71 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है


जल जीवन मिशन ने बेमिसाल गति और पैमाने का प्रदर्शन करते हुए केवल चार वर्षों में ग्रामीण नल कनेक्शन कवरेज को आश्चर्यजनक रूप से 3 करोड़ से बढ़ाकर 14 करोड़ कर दिया है

प्रत्येक क्षण नल जल कनेक्शन की स्थापना का गवाह बन रहा है जिससे ग्रामीण परिदृश्य में एक आदर्श बदलाव आया है

दो लाख से अधिक गांवों और 161 जिलों में अब 'हर घर जल' है

प्रविष्टि तिथि: 05 JAN 2024 3:35PM by PIB Delhi

जल जीवन मिशन (जेजेएम) ने आज 14 करोड़ (72.71%) ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन प्रदान करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। 15 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई, भारत सरकार की इस प्रमुख पहल ने बेमिसाल गति और पैमाने का प्रदर्शन करते हुए केवल चार वर्षों में ग्रामीण नल कनेक्शन कवरेज को आश्चर्यजनक रूप से तीन करोड़ से बढ़ाकर 14 करोड़ कर दिया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि ग्रामीण विकास में एक आदर्श बदलाव का प्रतीक है, जो पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, समुदायों को सशक्त बनाने और सतत प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने के लिए मिशन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और विभिन्न विकास भागीदारों के सहयोग से कार्य करते हुए, जन जीवन मिशन ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आज तक, छह राज्यों-गोवा, तेलंगाना, हरियाणा, गुजरात, पंजाब और हिमाचल प्रदेश तथा तीन केंद्र शासित प्रदेशों पुदुचेरी, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेलीतथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर ली है। मिजोरम 98.68 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश 98.48 प्रतिशत और बिहार 96.42 प्रतिशत कवरेज के साथ निकट भविष्य में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के मार्ग पर हैं।

इस बदलाव का मुख्य कारण, केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों के साथ-साथ विकास भागीदारों की सक्रिय भागीदारी में समाहित हैं। प्रत्येक क्षण नल जल कनेक्शन की स्थापना का गवाह बन रहा है, जिससे ग्रामीण परिदृश्य में आमूल-चूल बदलाव आ रहा है। 2 लाख से अधिक गांव और 161 जिलों में अब 'हर घर जल' है।

Image

जल जीवन मिशन ने जल शुद्धिकरण और उपचार विधियों को लागू करके यह सुनिश्चित किया है कि घरों तक पहुंचने वाला पानी मानकों को पूरा करे, इससे जलजनित बीमारियों में काफी कमी आई है और ग्रामीण समुदायों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।

घरेलू पानी के कनेक्शन के अलावा इस मिशन ने देश भर में 9.24 लाख (90.65 प्रतिशत) स्कूलों और 9.57 लाख (86.63 प्रतिशत) आंगनवाड़ी केंद्रों में नल के जल की आपूर्ति सुनिश्चित की है। 112 आकांक्षी जिलों में, नल के पानी की पहुंच जो मिशन की शुरूआत के समय 21.41 लाख (7.86 प्रतिशत) घरों तक थी आज बढ़कर आज 1.96 करोड़ (72.08 प्रतिशत) घरों तक हो गई है।

'हर घर जल' पहल से पर्याप्त सामाजिक-आर्थिक लाभ मिल रहे हैं, जिससे ग्रामीण आबादी, विशेषकर महिलाओं और युवा लड़कियों को रोजाना पानी लाने के कठिन काम से मुक्ति मिल रही है। इस बचाए गए समय का अब आय-सृजन गतिविधियों, कौशल विकास और बच्चों की शिक्षा में सहायता के लिए उपयोग किया जा रहा है।

जन जीवन मिशन के सतत मॉडल का लक्ष्य बुनियादी ढांचे की लंबी उम्र सुनिश्चित करना और समुदाय के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देना है। 5.29 लाख से अधिक ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (वीडब्ल्यूएससी)/पानी समितियों का गठन किया गया है, साथ ही 5.17 लाख ग्राम कार्य योजनाओं (वीएपी) की तैयारियों के साथ-साथ पेयजल स्रोत प्रबंधन, ग्रेवाटर उपचार और गांव में जल आपूर्ति के नियमित संगठन और तरीके (ओ एंड एम) पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीके) का उपयोग करके पानी के नमूनों का परीक्षण करने के लिए 23.55 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। पानी के स्रोत और आपूर्ति बिंदुओं से पानी के नमूनों का नियमित रूप से कड़ा परीक्षण किया जाता है। आज, सभी आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित बस्तियों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है।

'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के सिद्धांत से प्रेरित होकर, जल जीवन मिशन लगातार सतत विकास लक्ष्य छह सभी को सुरक्षित और किफायती पानी उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों, स्कूलों, आंगनबाड़ियों और सार्वजनिक संस्थानों में नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की मिशन की प्रतिबद्धता पूरी तरह विकसित भारत के उद्देश्यों के अनुरूप है।

***

एमजी/एआर/आईपीएस/एसके


(रिलीज़ आईडी: 1993585) आगंतुक पटल : 606
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: Tamil , Telugu , English , Urdu , Marathi , Assamese , Gujarati