स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने डायग्नोस्टिक उद्योग के प्रतिनिधियों के लिए एबीडीएम अपनाने को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया
प्रविष्टि तिथि:
22 DEC 2022 6:36PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने 22 दिसंबर, 2022 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में डायग्नोस्टिक (नैदानिकी) उद्योग के हितधारकों के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य एबीडीएम की भूमिका और रोगियों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्डों के महत्व को रेखांकित करना था। इन रिकॉर्डों में विशेष रूप से डायग्नोस्टिक रिपोर्टें शामिल हैं, जिनकी रेफरल के मामले में या एक अन्य स्वास्थ्य केंद्र में जाने पर बार-बार जरूरत होती है।
इस कार्यशाला में पैथोलॉजिस्ट व माइक्रोबायोलॉजिस्ट, डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला मालिकों, इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट (आईएपीएम) के प्रतिनिधियों और लैब ओनर्स एसोसिएशन के जिला व राज्य स्तरीय पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला में डायग्नोस्टिक उद्योग के इन प्रतिनिधियों के अलावा एनएचए के अधिकारियों, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और एलएमआईएस (प्रयोगशाला प्रबंधन जानकारी समाधान) व पीएचआर (व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड) समाधानों को प्रस्तुत करने वाले एबीडीएम भागीदारों ने भी हिस्सा लिया।
इन प्रतिभागियों को एबीडीएम के तहत हितधारकों के लिए हाल ही में शुरू की गई डिजिटल स्वास्थ्य प्रोत्साहन योजना (डीएचआईएस) के बारे में भी जानकारी दी गई। डीएचआईएस के तहत योग्य प्रयोगशालाएं और एलएमआईएस समाधान प्रदाता रोगियों को उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण करने में सहायता करके 4 करोड़ रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त कर सकते हैं।
इस कार्यशाला का आयोजन बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) और प्राइसवाटरहाउसकूपर्स एलएलपी इंडिया के सहयोग से किया गया था। विभिन्न क्षेत्रों में हितधारकों तक पहुंचने और एबीडीएम के लाभ व विशेषताओं के बारे में उन्हें जागरूक करने को लेकर इस तरह की और कार्यशाला और वेबिनारों का आयोजन किया जाएगा।
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एमजी/एएम/एचकेपी/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 1885855)
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