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तेजपुर विश्वविद्यालय समुदाय को स्थानीय एवं राष्ट्रीय समस्याओं का अभिनव समाधान प्रदान करना चाहिए: राष्ट्रपति कोविंद


राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने तेजपुर विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया

प्रविष्टि तिथि: 26 FEB 2022 12:41PM by PIB Delhi

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कहा कि तेजपुर विश्वविद्यालय समुदाय को स्थानीय एवं राष्ट्रीय समस्याओं का अभिनव समाधान प्रदान करना चाहिए। राष्ट्रपति आज असम के तेजपुर में तेजपुर विश्वविद्यालय के 19वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तेजपुर विश्वविद्यालय के छात्र एवं शिक्षक इसे नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनाने का प्रयास करें। उन्होंने स्थानीय एवं राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्‍होंने असम के कई गांवों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए तेजपुर विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किए गए अभिनव समाधानों के बारे में जानकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि गांवों के साथ विश्वविद्यालय के जुड़ाव का दायरा और बढ़ाया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय अपने सामाजिक दायित्व के तहत कुछ गांवों के समग्र विकास में मदद करने के लिए उन्‍हें गोद ले सकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि असम को प्रकृति की असाधारण सुंदरता और समृद्ध जैव-विविधता का उपहार मिला है। इसको संरक्षित करना होगा। असम के प्रत्येक निवासी, विशेष रूप से युवाओं को संरक्षण और सतत विकास के मोर्चे पर काफी सक्रिय होना चाहिए। उन्‍हें तेजपुर विश्वविद्यालय की नवीकरणीय ऊर्जा पहल, विशेष तौर पर गांवों में की गई पहल के बारे में जानकर खुशी हुई। उन्होंने कहा कि इस ग्रह को हरा-भरा रखने में युवा आबादी का बड़ा दायित्‍व है और उन्हें अपने कार्यों के जरिये कहीं अधिक जागरूकता दिखाने की आवश्‍यकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि असम ने जैव-विविधता के संरक्षण में सराहनीय कार्य किया है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व के साथ-साथ एलिफेंट रिजर्व भी संरक्षण के उल्‍लेखनीय उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि संरक्षण प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से छात्र समुदाय के लिए ध्‍यान देने वाला शब्द होना चाहिए।

यह बताते हुए कि पूर्वोत्‍तर राज्‍य जैविक खेती को उच्‍च प्राथमिकता देते हैं, राष्ट्रपति ने कहा कि तेजपुर विश्वविद्यालय इस क्षेत्र के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग एवं विपणन में प्रमुख भूमिका निभा सकता है। उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि विश्वविद्यालय को कटहल एवं अनाज आधारित तैयार खाद्य उत्पादों के प्रसंस्‍करण के लिए एक ऊष्मायन केंद्र स्थापित करने के लिए 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के औपचारिकरण' के तहत मंजूरी मिल गई है। खाद्य अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय तकनीकी संस्थान के रूप में मान्यता दी गई है। अपने उत्कृष्ट स्वाद एवं सुगंध के लिए मशहूर असम के अनूठे जोहा चावल का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि असम के विश्वविद्यालय चावल की इस अनूठी किस्म की ब्रांडिंग, लोकप्रिय बनाने और विपणन के जरिये किसानों की मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कई कृषि उत्पाद हैं जिन्हें बढ़ावा दिया जा सकता है।

राष्ट्रपति ने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि कोविड वैश्विक महामारी के कारण शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उन्‍होंने कहा कि हमारे लोगों के अपेक्षाकृत कमजोर वर्गों की शिक्षा पर  वैश्विक महामारी का गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के दौरान जारी की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रौद्योगिकी की मदद से डिजिटल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। उच्च शिक्षा को कहीं अधिक सुलभ बनाने की दृष्टि से केंद्र सरकार ने एक डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है ताकि देश भर के छात्रों को व्‍यक्तिगत अधिगम अनुभव के साथ विश्‍वस्‍तरीय गुणवत्तापूर्ण सार्वभौमिक शिक्षा तक उनके दरवाजे पर पहुंच सुनिश्चित हो सके। डिजिटल विश्वविद्यालय विभिन्न भारतीय भाषाओं और आईसीटी प्रारूपों में शिक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि तेजपुर विश्वविद्यालय इस पहल में एक सक्रिय हितधारक बन सकता है विशेष तौर पर असमिया और पूर्वोत्‍तर की अन्य भाषाओं में उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल सामग्री उपलब्‍ध कराते हुए।

राष्ट्रपति ने तेजपुर विश्वविद्यालय की पूरी टीम से पूर्व, वर्तमान और भविष्य के छात्रों को एकता की भावना से बांधे रखने और विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित लक्ष्यों- जोपान बोगान तीब्रो गोतिरे- को तेजी से आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तेजी से आगे बढ़ते हुए विश्वविद्यालय वर्ष 2047 तक भारत को कहीं अधिक समृद्ध एवं मजबूत राष्ट्र के तौर पर उभरने में सार्थक योगदान दे सकेगा क्‍योंकि आज के छात्र उस समय निर्णय लेने वालों की भूमिका में होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी आजादी के 75 साल पूरे होने पर 'आजादी का अमृत महोत्सव' मनाने के पीछे असली भावना अब तक की सीख के आधार पर निर्माण और उच्च लक्ष्यों के साथ आगे बढना है। उन्होंने तेजपुर विश्वविद्यालय से आग्रह किया कि वह निकट भविष्य में एनआईआरएफ रैंकिंग में शीर्ष 10 विश्वविद्यालयों में शामिल होने के लिए प्रयास करे।

 

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