इस्‍पात मंत्रालय

श्री धर्मेंद्र प्रधान ने सेल के दुर्गापुर स्टील प्लांट में जंबो कोविड केयर फैसिलिटी का उद्घाटन किया, इसे प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के अनुरूप बताया

प्रविष्टि तिथि: 31 MAY 2021 7:49PM by PIB Delhi

केन्द्रीय इस्पात और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज सेल के दुर्गापुर इस्पात संयंत्र में जंबो कोविड केयर सुविधा का उद्घाटन किया। इस वर्चुअल कार्यक्रम में इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, पश्चिम बंगाल के कानून और लोक निर्माण मंत्री श्री मोलोय घटक, सांसद श्री एसएस अहलूवालिया, विधायक, इस्पात मंत्रालय, राज्य सरकार और सेल के अधिकारी शामिल हुए।

इस तरह के जंबो कोविड केयर सुविधा के तहत दुर्गापुर स्टील प्लांट में 200 बेड की कोविड केयर फैसिलिटी शुरू की गई है। यह कोविड केंद्र प्राण वायु ऑक्सीजन की सुविधा से सुसज्जित है, जिसे एक समर्पित पाइपलाइन के माध्यम से सीधे संयंत्र से निकाला जाएगा, जिससे रोगियों के लिए निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। कोविड अस्पताल के लिए एक दो मंजिला इमारत को मोडिफाइड किया गया है और उसमें सभी जरूरी इंस्टॉलेशन और चिकित्सा उपकरणों को लगाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-जीटी रोड के बगल में स्थित यह केंद्र होने से इस क्षेत्र के कोविड रोगियों को अस्पताल तक पहुंचना और आसान हो गया है।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री प्रधान ने कहा कि केंद्र क्षेत्र में कोविड से संबंधित चिकित्सा बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा और क्षेत्र के रोगियों को बहुत जरूरी सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर और बर्नपुर में सेल के दोनों इस्पात संयंत्र राज्य को कोविड-19 महामारी से लड़ने में हर संभव मदद प्रदान करने के लिए मजबूती के साथ खड़े हैं। सेल ने इस महामारी से लड़ने में बंगाल को मजबूती प्रदान की है। हाल ही में, बर्नपुर में 200 बिस्तरों वाले एक कोविड केयर केंद्र को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया गया था। सेल द्वारा फास्ट ट्रैक मोड में स्थापित की जा रही जंबो कोविड केयर फैसलिटी श्रृंखला का यह पहला केंद्र था। श्री प्रधान ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्रोत से इस्तेमाल कर गैसीय ऑक्सीजन की अवधारणा शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि दुर्गापुर की कोविड केयर फैसलिटी भी प्रधानमंत्री की सोच पर अधारित है "जहां बीमार, वहीं उपचार"। इसके साथ ही यह केंद्र प्रधानमंत्री के मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के अनुरूप भी है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ टीकाकरण हमारा सबसे शक्तिशाली हथियार है। उन्होंने यह भी बताया कि हमारे स्वदेशी वैक्सीन निर्माता अपनी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करने की प्रक्रिया में हैं। अन्य देशों में उपलब्ध टीके भी भारत पहुंचने की प्रक्रिया में हैं। श्री प्रधान ने उद्योग जगत से सभी हितधारकों और उनके परिवार के सदस्यों को 1+2 के मंत्र से टीका लगाने का आह्वान किया। यानी हर कर्मचारी के साथ दो गैर-कर्मचारियों को भी टीका लगाया जाना चाहिए, जिसमें ठेके पर काम करने वाले श्रमिक और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान इस्पात और पेट्रोलियम क्षेत्र राष्ट्र के साथ खड़ा है। इन दोनों क्षेत्र ने देश में तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दो महीने पहले एलएमओ की आवश्यकता केवल 1300 मीट्रिक टन थी, लेकिन दूसरी लहर के कारण इसकी मांग में वृद्धि हुई जो मई के पहले सप्ताह में प्रति दिन 10,000 मीट्रिक टन से अधिक हो गई। अधिकांश आवश्यकता इस्पात संयंत्रों द्वारा पूरी की गई। उन्होंने कहा कि तरल नाइट्रोजन और आर्गन की उत्पादन क्षमता में बदलाव करके और खुद की ऑक्सीजन की आवश्यकता को कम करके, हमारी स्टील कंपनियों ने व्यवसाय से परे देखा है और इस अभूतपूर्व समय में देश के साथ खड़े रहने का काम किया है।

मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी सदी में एक बार आने वाली चुनौती है जिसका सामना हमारा देश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस संकट के हर पहलू से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है। श्री प्रधान ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में देश ने दिखा दिया है कि वह साथ आ सकता है। भारत अंततः जीतेगा और इस अदृश्य शत्रु पर विजय प्राप्त करेगा।

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एमजी/एएम/एके/एसएस


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