निर्वाचन आयोग
पश्चिम बंगाल में आज विधान सभा के लिए चौथे चरण का मतदान संपन्न
निर्वाचन आयोग ने कूच बिहार के अंतर्गत 5-सीतलकुचि (एससी) विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या 126 पर मतदान स्थगित किया
प्रविष्टि तिथि:
10 APR 2021 6:45PM by PIB Delhi
पश्चिम बंगाल में आज चौथे चरण के लिए 44 विधानसभा क्षेत्रों में 15,940 मतदान केन्द्रों पर मतदान संपन्न हुआ। हालाँकि विशेष पर्यवेक्षकों ने सूचना दी थी कि कूच बिहार के अंतर्गत 5-सीतलकुचि (एससी) विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र संख्या 126 पर हिंसा की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। की सूचना के आधार पर इस मतदान केन्द्र पर मतदान स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार है।
चुनाव में मतदाताओं, मतदान केन्द्रों और पर्यवेक्षकों का विवरण इस प्रकार है :
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तालिका 1 : पश्चिम बंगाल के बारे में तथ्यात्मक जानकारियां
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राज्य
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पहला चरण
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दूसरा चरण
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तीसरा चरण
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चौथा चरण
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चौथे चरण तक कुल संख्या
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विधानसभा क्षेत्र
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30
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30
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31
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44
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135
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मतदान केन्द्रों की संख्या
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10,288
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10,620
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10,871
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15,940
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47,719
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पंजीकृत मतदाता
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73,80,942
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75,94,549
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78,52,425
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1,15,81,022
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3,44,08,938
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उम्मीदवारों की कुल संख्या
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191
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171
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205
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373
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940
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तैनात किए गए सामान्य पर्यवेक्षकों की संख्या
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20
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23
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22
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35
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100
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तैनात किए गए पुलिस पर्यवेक्षकों की संख्या
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7
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6
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9
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9
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31
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तैनात किए गए व्यय पर्यवेक्षकों की संख्या
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9
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9
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7
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10
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35
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शाम 5 बजे तक मतदान का प्रतिशत
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84.63
(अंतिम वीटीआर)
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86.11
(अंतिम वीटीआर)
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84.61
(अंतिम वीटीआर)
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76.16%
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समावेशी और सुगम चुनाव सुनिश्चित करने के लिए, ईसीआई ने डाक मतपत्र की सुविधा के विकल्प का दिव्यांग, 80 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों, कोविड-19 संदिग्ध या प्रभावित लोगों और आवश्यक सेवाओं में तैनात लोगों के लिए विस्तार कर दिया है। पर्यवेक्षक ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि इन मतदाताओं के लिए उचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ।
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तालिका 2 : दिव्यांग और 80+ आयु के मतदाताओं की संख्या
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राज्य
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पहला चरण
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दूसरा चरण
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तीसरा चरण
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चौथा चरण
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चौथे चरण तक कुल संख्या
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दिव्यांग मतदाताओं की संख्या
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40,408
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54,765
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64,083
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50,523
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2,09,779
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80+ आयु के मतदाताओं की कुल संख्या
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1,23,393
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1,18,116
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1,26,177
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2,03,927
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5,71,613
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दिव्यांग मतदाताओं की कुल संख्या = 50,523
80+ आयु के मतदाताओं की कुल संख्या = 2,03,927
पश्चिम बंगाल में चौथे चरण के मतदान के दौरान 15,940 बैलेट यूनिट (बीयू), 15,940 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 15,940 वीवीपीएटी का इस्तेमाल किया गया। मानक प्रक्रिया के तहत ये सभी ईवीएम और वीवीपीएटी पहले ही पहले स्तर की जांच, औचक परीक्षण और राजनीतिक दलों/ उम्मीदवारों के एजेंटों की उपस्थिति में इंस्टाल करने की प्रक्रिया से गुजर चुकी हैं। ईवीएम और वीवीपीएटी को एफएलसी और इंस्टाल करने के प्रक्रिया के दौरान को मॉक मतदान प्रक्रिया से गुजारा गया है। आज मतदान शुरू होने से पहले प्रत्येक ईवीएम और वीवीपीएटी को फिर से उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट की उपस्थिति में मानक प्रक्रिया के तहत कम से 50 मत डलवाकर मॉक मतदान प्रक्रिया से गुजारा गया। मॉक मतदान के अंत में ईवीएम के नतीजे का वीवीपीएटी पर्चियों के नतीजे के साथ मिलान किया गया और उसे पोलिंग एजेंटों को दिखाया गया। मॉक मतदान के दौरान मशीनों के काम नहीं करने की दर पिछले कुछ चुनावों की तुलना/ अनुभव से कम रही।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने को प्रोत्साहन देने के क्रम में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के तहत गंभीर और संवेदनशील पोलिंग बूथ सहित 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदान केन्द्रों की लाइव स्ट्रीमिंग और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई, जिसका उद्देश्य मतदान क्षेत्रों में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। आयोग, सीईओ, डीईओ, पर्यवेक्षक आदि इन मतदान केन्द्रों लाइव प्रसारण देख सकते थे और इन मतदान केन्द्रों पर पैनी नजर रख सकते थे।
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8304
(52.1%)
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15,940 में से वेबकास्टिंग के माध्यम लाइव निगरानी किए जाने वाले मदतान केन्द्रों की संख्या
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निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत सीएपीएफ कर्मियों सहित पुलिस अधिकारी मतदान केन्द्रों के भीतर नहीं जाएंगे, जब तक कि कानून व्यवस्था की समस्या के चलते पीठासीन अधिकारी को मतदान केन्द्र के भीतर इन्हें बुलाने की आवश्यकता न हो। आयोग का यह स्पष्ट निर्देश है कि चुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों में शांति काल यानी मतदान के समय से 48 घंटे पहले या बाद में किसी भी बाहरी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्वाचन आयोग ने डीईओ और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान अपने इस निर्देश को दोहराया था। इन सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया गया।
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पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के चौथे चरण अर्थात् 10 अप्रैल, 2021 तक रिकॉर्ड 283.70 करोड़ रुपये की धनराशि और सामान ज़ब्त किया जा चुका है। ज़ब्ती के इन आंकड़ों में नकदी, शराब, नशीले पदार्थ, उपहार आदि शामिल हैं। यह आंकड़ा जीई एलए 2016 में जब्त कुल 44.33 करोड़ रुपये के आंकड़े की तुलना मे 6.4 गुना अधिक है। निर्वाचन आयोग प्रलोभन मुक्त चुनाव कराने और धनबल, शराब, मुफ्तखोरी पर रोक लगाने पर जोर दे रहा है। इन राज्यों में नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और उपहारों की आवाजाही की जांच और प्रभावी तरीके से निगरानी के लिए कुल 1137 उड़न दस्ते (एफएस) और 1012 स्थायी निगरानी दल (एसएसटी) सक्रिय कर दिए गए हैं। जिलों में डीईओ, व्यय पर्यवेक्षकों और विशेष पर्यवेक्षकों द्वारा इस पर पैनी नजर रखी जा रही है। कोलकाता के विभिन्न क्षेत्रों, दुर्गापुर के अन्दल और पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में आईटी विभाग की कुल 19 एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) तैनात की गई हैं।
जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहा है/ हो चुका है, वहां 10 अप्रैल, 2021 तक कुल 973.7 करोड़ रुपये की धनराशि/सामान ज़ब्त किया जा चुका है (इसमें उप-चुनाव के दौरान की गई 4.46 करोड़ रुपये की ज़ब्ती भी शामिल है)
10.04.2021 की दोपहर तक ज़ब्त किए गए सामान के अनुसार रिपोर्ट
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राज्य
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नकद (करोड़ों में)
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कीमती धातु (रु. करोड़ में)
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ड्रग/नारकोटिक्स
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अन्य वस्तु / मुफ्त
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शराब
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कुल (करोड़ रुपये में)
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एलए 2016 में कुल जब्ती (रुपये करोड़ में)
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एलए 2016 की तुलना में बदलाव
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मात्रा (किग्रा में)
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मूल्य (करोड़ रुपये में)
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मूल्य (करोड़ रुपये में)
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मात्रा (लीटर में)
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मूल्य (करोड़ रुपये में)
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पश्चिम बंगाल में चौथे चरण तक
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46.76
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10.60
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2886.5
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117
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82.02
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2260441
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27.31
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283.70
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44.33
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+640%
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भारतीय निर्वाचन आयोग की सी-विजिल ऐप एक नागरिक केन्द्रित मोबाइल एप्लीकेशन है, जो स्वचालित लोकेशन विवरण के साथ रियल टाइम आधार पर एमसीसी (आदर्श आचार संहिता) उल्लंघन के मामलों की सूचना देने के लिए लोगों को सशक्त बनाती है और क्षेत्रीय स्तर पर सत्यापन के बाद 100 मिनट के भीतर इस पर कार्रवाई की जाती है। सी-विजिल ऐप के माध्यम से आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कुल 21217 मामलों की सूचना मिली, जिनमें से आज (दोपहर 3 बजे) तक 20987 मामलों का निपटान कर दिया गया।
सभी मतदान केन्द्रों पर, पेयजल, वेटिंग शेड, पानी की सुविधा के साथ शौचालय, प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था, पीडब्ल्यूडी मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की उचित व्यवस्था और मानक मतदान कम्पार्टमेंट आदि जैसी सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) उपलब्ध कराई गई थीं। परिवहन सुविधा, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ स्वैच्छिक सहायक जैसी व्यवस्थाएं मतदान केन्द्रों पर उपलब्ध थीं।
सभी मतदान केन्द्रों पर कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। मतदाताओं और चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा के लिए यह सुनिश्चित किया गया था कि चुनाव से एक दिन पहले मतदान केन्द्रों को सैनिटाइज किया जाए और मतदान केन्द्रों पर थर्मल स्कैनिंग, हैंड सैनिटाइजर, फेस मास्क जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहें। सामाजिक दूरी के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई। बीएलओ और स्वयंसेवक मतदान केन्द्रों की निगरानी कर रहे थे और सामाजिक दूरी के मानकों का सख्ती से पालन कराया गया। मतदान कोविड-19 प्रोटोकॉल और स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में कोविड-19 सुरक्षा के साथ संपन्न कराया गया। आयोग का मुख्य रूप से कोविड सुरक्षा के लिए पारदर्शी और सतर्क तंत्र, सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच भयमुक्त और प्रलोभन मुक्त चुनाव संपन्न कराने पर जोर था। सभी एसी में चुनाव के दौरान सख्त सुरक्षा व्यवस्था रहीं।
निर्वाचन आयोग ने सुगम और सुरक्षित चुनाव संपन्न कराने के लिए एक विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की थी। मुक्त, निष्पक्ष, समावेशी और सुगम तरीके से चुनावों के संचालन के लिए शांतिपूर्ण, प्रलोभन मुक्त और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने को केन्द्रीय सैन्य पुलिस बलों (सीएपीएफ) के साथ-साथ स्थानीय पुलिस बल भी तैनात किए गए थे। मतदाताओं, विशेषकर समाज के कमजोर तबकों से जुड़े लोगों को भरोसा दिलाने के लिए संवेदनशील इलाकों में रूट मार्च, नियमित प्वाइंट पेट्रोलिंग और अन्य भरोसा बढ़ाने वाले उपाय किए गए थे। कूच बिहार स्थित सीतलकुचि विधान सभा के अंतर्गत मतदान केन्द्र संख्या 126 को छोड़कर बाकी सभी 15939 मतदान केन्द्रों पर शांतिपूर्ण और सुगम तरीके से मतदान संपन्न हुआ। मतदान केन्द्र संख्या 126 पर दोबारा मतदान कराया जाएगा।
भारतीय निर्वाचन आयोग ने आज सभी हितधारकों विशेषकर चुनाव प्रक्रिया में उत्साह और भयमुक्त भागीदारी के लिए मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोग विशेष रूप से पीडब्ल्यूडी मतदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों, सेवा मतदाताओं को कोविड प्रोटोकॉल मानकों का सम्मान करते हुए चुनाव में भाग लेने के लिए धन्यवाद करता है। ईसीआई मुक्त, निष्पक्ष, पारदर्शी और महामारी के बावजूद सुरक्षित चुनाव संपन्न कराने के लिए ड्यूटी पर मौजूद मतदानकर्मियों, सुरक्षा कर्मचारियों, पर्यवेक्षक कर्मचारियों, पर्यवेक्षकों, विशेष पर्यवेक्षकों, रेलवे अधिकारियों, प्रवर्तन एजेंसियों, स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही पूरी चुनावी मशीनरी की सेवाओं को सम्मान देता है। आयोग सुगम और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए मीडिया सहित सभी हितधारों से सक्रिय सहयोग, भागीदारी और रचनात्मक साझेदारी का अनुरोध करता है।
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