रेल मंत्रालय

भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2020-21 में सबसे अधिक स्क्रैप की बिक्री की

2020-21 की अवधि में उसने स्क्रैप बिक्री से कुल 4573 करोड़ रुपये कमाए

यह आय 2019-20  की तुलना में 5.5 प्रतिशत यानी कि 4333 करोड़ रुपए अधिक है

भारतीय रेल स्क्रैप सामग्री जुटाने और ई-नीलामी के माध्यम से उनकी बिक्री कर अपने संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के सभी प्रयास करती है

Posted On: 07 APR 2021 4:49PM by PIB Delhi

भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 2020-21 में अबतक की सबसे अधिक स्क्रैप की बिक्री की है। इसके  माध्यम से उसने कुल 4573 करोड़ रुपये कमाए हैं जो कि वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में 5.5 प्रतिशत यानी कि 4333 करोड़ रुपये अधिक हैं। इससे पहले स्क्रैप बिक्री की कमाई का सबसे अच्छा आंकड़ा 2009-10 में 4409 करोड़ रुपये था। भारतीय रेल स्क्रैप सामग्री जुटाने और ई-नीलामी के माध्यम से उनकी बिक्री कर अपने संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के सभी प्रयास करती है।

दोबारा इस्तेमाल में न लाए जा सकने वाली सामग्रियों यानी कि स्क्रैप का इकठ्ठा हो जाना और उनकी बिक्री रेलवे में एक सतत प्रक्रिया है। रेलवे के आंचलिक  कार्यालयों और रेलवे बोर्ड की ओर से उच्चतम स्तर पर इसकी निगरानी की जाती है। रेलवे प्रशासन स्क्रैप सामग्री को इकठ्ठा करने और ई-नीलामी के माध्यम से उनकी बिक्री के लिए सभी प्रयास करता है। रेलेवे की निर्माण परियोजनाओं और छोटी रेल लाइनों को बड़ी रेल लाइनों में बदलने से जुड़ी परियोजनाओं में सामान्य रूप से इस तरह की स्क्रैप सामग्री बड़े पैमाने पर इकठ्ठा हो जाती है । ये दोबारा इस्तेमाल के लायक नहीं रहतीं इसलिए इनका निपटारा रेलवे के तय नियमों के अनुसार किया जाता है।

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