स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

कोविड टीकाकरण में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाया जा रहा है

राज्यों द्वारा आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के तहत लगभग 10,000 अस्पतालों और सीजीएचएस के तहत 687 अस्पतालों को कोविड टीकाकरण केंद्र (सीवीसी) के रूप में उपयोग किया जा सकता है

राज्यों को सीवीसी के रूप में राज्य सरकार स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत सभी निजी अस्पतालों का उपयोग करने की स्वीकृति दी गई

राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का सीवीसी के रूप में उपयोग कर सकते हैं

सीवीसी के रूप में कार्य करने वाले निजी अस्पताल प्रति खुराक के लिए एक व्यक्ति से 250 रुपये तक का अधिकतम शुल्क ले सकते हैं

Posted On: 27 FEB 2021 7:04PM by PIB Delhi

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) के माध्यम से उपयुक्त-आयु समूहों के टीकाकरण पर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों और एमडी (एनएचएम) के साथ वार्तालाप किया।

राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान का शुभारंभ 16 जून, 2021 को किया गया था। इस तिथि से स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों (एचसीडब्ल्यू) को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी, जबकि अंग्रिम पंक्ति के कर्मियों (एफएलडब्ल्यू) को इस टीकाकरण में 2 फरवरी, 2021 से शामिल किया गया था। अब तक, 1.5 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

इस राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम को अब 1 मार्च, 2021 से निम्नलिखित आयु-समूहों में तेजी के साथ विस्तारित किया जाएगा:

i) 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक, और

ii) निर्दिष्ट सह-रुग्णताओं के साथ 45 से 59 वर्ष के आयु समूह के भीतर के सभी नागरिक

कोविड टीकाकरण क्षमता को कई गुना बढ़ाने के लिए, बड़ी संख्या में निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को इसमें शामिल किया जा रहा है। आयुष्मान भारत पीएमजेएवाई के तहत लगभग 10,000 निजी अस्पतालों और सीजीएचएस के तहत 600 से अधिक अस्पतालों के साथ-साथ राज्य सरकार के अधीन अन्य निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। स्वास्थ्य बीमा योजनाएं भी कोविड टीकाकरण केंद्र (सीवीसी) के रूप में सहभागिता कर सकती हैं। राज्य सरकारों के स्वास्थ्य विभागों ने पहले से ही इन निजी अस्पतालों के साथ वार्तालाप आरंभ कर दिया है ताकि उन्हें सीवीसी के रूप में इस अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इन सभी निजी अस्पतालों की एक सूची स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। इन्हें निम्नलिखित वेबसाईटों पर देखा जा सकता है:

ए.) https://www.mohfw.gov.in/pdf/CGHSEmphospitals.xlsx

बी.) https://www.mohfw.gov.in/pdf/PMJAYPRIVATEHOSPITALSCONSOLIDATED.xlsx


इसके अलावा, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों, उप-विभाग अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), उप-स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्य और देखभाल केन्द्रों को सीवीसी के रूप में उपयोग किया जाएगा। इन सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के जीपीएस निर्देशांक के साथ सीवीसी के रूप में कार्य करने वाले सभी केन्द्रों के जियो संदर्भ मानचित्र तैयार किए गए हैं और इन भू संदर्भित मानचित्रों को राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है।

सभी सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर यह निःशुल्क किया जाएगा और इस टीकाकरण का पूरा खर्च वाली केंद्र सरकार वहन करेगी।

सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों के रूप में कार्य करने वाली सभी निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय को-विन प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म के साथ सामजस्य बनाते हुए नियत प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा के सख्त मानदंडों का पालन करना चाहिए। सभी निजी स्वास्थ्य सुविधाओं में पर्याप्त स्थान, कोल्ड चेन की पर्याप्त व्यवस्था, टीकाकरण करने वाले और सहायक कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या और टीकाकरण के बाद होने वाली किसी प्रतिकूल स्थिति (एईएफआई) को सँभालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

राज्यों को पंजीकरण के 3 (तीन) तरीकों अर्थात् अग्रिम स्व-पंजीकरण, ऑनसाइट पंजीकरण और सुविधा समन्वयन पंजीकरण की भी जानकारी दी गई।

राज्यों को जानकारी दी गई कि सीवीसी के रूप में कार्य करने वाले निजी अस्पताल इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय प्रबंधन तंत्र के साथ प्रति व्यक्ति के लिए प्रति खुराक अधिकतम 250 रुपये का शुल्क ले सकते हैं। बैठक के दौरान, कोविन 2.0 के प्रभावी उपयोग की सुविधा के लिए निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को उपयोगकर्ताओं के नाम और पासवर्ड भी प्रदान किए जाने पर चर्चा की गई।

इसके अलावा, निकटतम कोल्ड चेन स्थलों के साथ निजी सुविधाओं की मैपिंग के माध्यम से राज्यों को टीकों की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने की भी जानकारी दी गई।

45-59 वर्ष के आयु समूह के भीतर 20 सह-रुग्णताओं वाले लोगों को चिन्हित करने की सरलीकृत प्रणाली के संबंध में भी राज्यों को जानकारी दी गई। एक पृष्ठ के सरल प्रमाणपत्र को किसी भी पंजीकृत चिकित्सा पेशेवर द्वारा हस्ताक्षरित किया जाने वाला पत्र अनुलग्नक-1 में है। प्रमाण पत्र को या तो लाभार्थी के स्व-पंजीकरण के द्वारा कोविन 2.0 पर अपलोड किया जा सकता है, अथवा लाभार्थी के द्वारा एक हार्ड कॉपी सीवीसी को दी जा सकती है।

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