स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय में राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया गया


डॉ. हर्षवर्धन ने 79,572 सीआरपीएफ कर्मियों को मृत्य के बाद उनके अंगों को दान करने का संकल्प दिलाया: ‘वे मृत्यु के बाद भी राष्ट्र की सेवा की भावना का अऩुकरण करते हैं’

डॉ. हर्षवर्धन ने एनओटीटीओ को बधाई दी; “डब्लूएचओ-जीओडीटी के अनुसार 2019 में 12,666 अंगों को प्रत्यारोपित करने के साथ भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है”

“कोविड-19 महामारी का भारत में मृतकों के अंगदान कार्यक्रम पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है”

तमिलनाडु ने उन रोगियों के 76 फेफड़ों का प्रत्यारोपण किया जो कोविड-19 से गंभीर रूप से पीड़ित थे

Posted On: 27 NOV 2020 5:40PM by PIB Delhi

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज राष्ट्रीय अंग दान दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रमों की अध्यक्षता की।

डॉ. हर्षवर्धन ने इस वर्ष 14 अगस्त को सीआरपीएफ द्वारा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली और ऑर्गन रिट्रीवल बैंकिंग ऑर्गेनाइजेशन (ओआरबीओ) के सहयोग से शुरू किये गये विशाल स्वैच्छिक अभियान के समापन कार्यक्रम में सीआरपीएफ जवानों को संबोधित किया I इस अभियान के जरिये लगभग साढ़े तीन लाख जवानों को अंगदान के बारे में जागरूक किया गया।   

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि सीआरपीएफ द्वारा आयोजित इस अभियान का सकारात्मक संदेश अंतिम जवान तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के उन 79,572 जवानों को 'अंगदान योद्धा' का दर्जा दिया गया है, जिन्होंने अपनी आंखें, त्वचा, फेफड़े, हृदय, यकृत, अग्नाशय, गुर्दे, हृदय के वॉल्व और आंतों को अपनी मृत्यु के बाद दान करने के लिए शपथ पत्र भरा हैI उन्होंने कहा वे मृत्यु के बाद भी राष्ट्र की सेवा की भावना का अनुकरण करते हैं I”

इस संदर्भ में डॉ. हर्षवर्धन ने आगे कहा कि, “हमारे देश में, अंगों के कार्य न करने के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हो जाती हैराष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल के अनुसार, अंगों की अनुपलब्धता के कारण प्रत्येक वर्ष लगभग 5 लाख लोग अपना जीवन गवां देते हैं I मैं यह भी कहना चाहता हूं कि आयु, जाति, धर्म, समुदाय, और आस्था अंगदान जैसे नेक कार्य में बाधा नहीं बनने चाहिए। यदि 18 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति अंग दान करना चाहता है, तो वह अपने माता-पिता या अभिभावक की सहमति से ऐसा कर सकता है। इस अभियान का लक्ष्य वेबिनार, सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता फैलाकर अंगदान करने से जुड़े भय को दूर करना है और अंगदान करने की स्वीकृति प्रदान करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है।

डॉ. हर्षवर्धन ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद, पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद, मध्य भारत में वामपंथी उग्रवाद  की समस्या से निपटने के लिए उल्लेखनीय सेवा प्रदान करने तथा राज्य के चुनाव और राष्ट्रीय चुनाव निष्पक्ष व कुशलता से संपन्न कराने के लिए सीआरपीएफ को बधाई दी I

सीआरपीएफ के महानिदेशक डॉ. ए.पी. माहेश्वरी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप सिंह गुलेरिया, ऑर्गन रिट्रीवल बैंकिंग ऑर्गेनाइजेशन (ओआरबीओ) की प्रमुख डॉ. (प्रो.) आरती विज ने  वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीआरपीएफ के कार्यक्रम में भाग लिया।  सीआरपीएफ के डीआईजी श्री भारत भूषण भी इस आयोजन में उपस्थित थे।

इसके उपरांत दिन में राष्ट्रीय अंग व ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ), जिसे मानव अंगों के प्रत्यारोपण (संशोधन) अधिनियम 2011 के तहत मृतकों के अंगदान को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधियों को कार्यान्वित करने,  अंग दान और प्रत्यारोपण के लिए व्यवस्था बनाने और आवश्यक श्रमशक्ति व कर्मियों को प्रशिक्षित करने का अधिकार प्राप्त है, ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे की उपस्थिति में 11वां राष्ट्रीय अंग दान दिवस मनाया।

मृतकों के अंगदान से प्राप्त अंगों को उपलब्ध कराने और उनका समय पर आवंटन के लिए एनओटीटीओ को राष्ट्रीय स्तर पर, क्षेत्रीय अंग व ऊतक प्रत्‍यारोपण संगठन (आरओटीटीओ) को क्षेत्रीय स्तर पर और राज्य अंग व ऊतक प्रत्‍यारोपण संगठन (एसओटीटीओ) को राज्य स्तर पर अस्पतालों और ऊतक बैंकों के बीच नेटवर्क स्थापित करने के लिए बधाई देते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने चंडीगढ़, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई और गुवाहाटी में 5 आरओटीटीओ स्थापित किए हैं जो क्रमशः देश के उत्तर, पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों को कवर करेंगे। इनके अलावा केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, ओडिशा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और झारखंड में 12 एसओटीटीओ स्थापित किए गए हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्यारोपण और पुनर्प्राप्ति अस्पतालों की नेटवर्किंग बड़े पैमाने पर की गयी है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गयी थी कि जो भी अंग दान किया जाए वह व्यर्थ नहीं जाये; क्योंकि प्रत्येक दान किया गया अंग एक बहुमूल्य राष्ट्रीय संसाधन है।

अंग और ऊतक दान करने के लिए ऑनलाइन शपथ लेने की सुविधा एनओटीटीओ वेबसाइट (www.notto.gov.in) के माध्यम से उपलब्ध है, जिससे नागरिकों के लिए संकल्प लेना आसान हो गया हैI डॉ. हर्षवर्धन ने भारत के सभी वयस्क नागरिकों से अनुरोध किया कि वे इस नए युग की क्रांति का हिस्सा बनने के लिए विशेष रूप से कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए अपने अंगों को दान करने के लिए एनओटीटीओ वेबसाइट पर जाकर शपथ लें साथ ही साथ एनओटीटीओ के ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब पेज को फॉलो करेंI उन्होंने संभावित अंग दाताओं से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया कि अंगदान का निर्णय लेने के दौरान अपने परिवार और मित्रों को विश्वास में लें, क्योंकि अंगदान करने की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।

डॉ. हर्षवर्धन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा डब्ल्यूएचओ- ग्लोबल ऑब्जर्वेटरी ऑन डोनेशन एंड ट्रांसप्लांटेशन (जीओडीटी) की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2019 में 12,666 अंगों को प्रत्यारोपित करने के साथ भारत विश्व में तीसरे स्थान पर हैI हमारे देश में राज्यों और स्वास्थ्य पेशेवरों के इस उल्लेखनीय प्रदर्शन को हर कदम पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए जिससे कि यह कार्य आगे कि ओर बढ़ता रहेI” उन्होंने उल्लेख किया कि राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (एनओटीपी) आरओटीटीओ और एसओटीटीओ की स्थापना करने, मौजूदा पुनर्प्राप्ति और प्रत्यारोपण केंद्रों का उन्नयन और क्षेत्रीय व राज्य बायोमैटेरियल केंद्र स्थापित करने और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के रोगियों, जिन्होंने सरकारी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण कराया हो, उनको प्रतिरक्षात्मक चिकित्सा प्रदान करने के लिए वित्तीय अनुदान प्रदान करता हैI इसके अलावा, अस्पतालों द्वारा प्रत्यारोपण समन्वयकों की सेवा लेने के लिए और मृतकों के ब्रेनस्टेम के रख-रखाव के लिए, जब कम से कम एक अंग सरकारी अस्पताल के साथ साझा किया जाये, वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती हैI

यह बताते हुए कि कोविड-19 महामारी का भारत में मृतकों के अंगदान कार्यक्रम पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, उन्होंने कहा कि भारतीय अंग दान दिवस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम में हम मृतकों द्वारा स्वास्थ्य सेवा और मानव जाति के लिए किए गए निःस्वार्थ योगदान को रेखांकित करते हैं और मानवता में हमारे विश्वास को फिर से कायम करते हैं। आभार व्यक्त करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने देश के प्रत्येक राज्य से अंगदान करने वालों के नामों का उल्लेख किया जिनकी मृत्यु ने दूसरों को पुनः जीवन दिया है।

श्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि उपनिषदों में उल्लेख है कि शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है जोकि मृत्यु के बाद वापस पंच तत्व में मिल जाता है। उन्होंने कहा कि स्वयं को पार्थिव शरीर के साथ जोड़ना हिन्दू ग्रंथों में मोह से मुक्ति के तौर पर वर्णित है। ऋषि दधीचि की तरह प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर का दान एक अच्छे कार्य के लिए करना चाहिए। उन्होंने अंग पुनर्प्राप्ति और प्रत्यारोपण के बेहतर समन्वय और संबंधित आंकड़ों की बेहतर रिपोर्टिंग के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल बनाने की बात कही।

आरओटीटीओ (पश्चिम) को देश का सबसे अच्छा आरओटीटीओ माना गया, जबकि तमिलनाडु एसओटीटीओ को सर्वश्रेष्ठ राज्य एसओटीटीओ घोषित किया गया। तमिलनाडु ने सर्वाधिक 295 प्रत्यारोपण किए जिनमें 76 फेफड़ों का प्रत्यारोपण उन रोगियों में किया गया जो कि कोविड-19 से गंभीर रूप से पीड़ित थे। पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ को श्रेष्ठ अस्पताल घोषित किया गया।

महाराष्ट्र (आरओटीटीओ पश्चिम की ओर से) के स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेश टोपे और तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री श्री सी. विजय भास्कर ने उनके काम को सम्मानित करने पर अभार व्यक्त किया और उपस्थित सभी लोगों को संबोधित किया।    

अंगों को प्राप्त करने वालों ने आभार व्यक्त किया और सभी से कहा कि लाचारी की स्थिति से अन्य लोगों को बाहर लाने के लिए अंगों की जरूरत में दूसरों की मदद करेंI

 

कार्यक्रम के अंत में डॉ. हर्षवर्धन ने उपस्थित लोगों को अंगदान करने की शपथ दिलायी।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण  दूसरे आयोजन में मौजूद थे।

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एमजी/एएम/वीडी/एसके



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