उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का क्रियान्वयन

Posted On: 17 OCT 2020 5:37PM by PIB Delhi

खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 पहले से ही शुरू हो चुका है। इस बीच सरकार द्वारा अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद भी जारी है जैसे कि, विगत वर्षों में होती रही है।

 

 

उत्तराखंड जैसे कुछ नए राज्यों में खरीद की शुरुआत के साथ ही खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान धान की ख़रीद पूरे ज़ोर-शोर से जारी है। दिनांक 16 अक्टूबर 2020 तक विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 6.69 लाख किसानों से 76.77 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। अब तक का कुल न्यूनतम समर्थन मूल्य भुगतान 14495.22 करोड़ रुपये रहा है।

 

 

इसके अलावा राज्यों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020 के लिए 41.67 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। यदि अधिसूचित फ़सल कटाई अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार दर एमएसपी से नीचे चली जाती है, तो राज्य की नोडल एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरे की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।

 

दिनांक 16 अक्टूबर 2020 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 723.79 मीट्रिक टन मूंग और उड़द की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है। इस प्रकार तमिलनाडु, महाराष्ट्र और हरियाणा के 681 किसानों को 5 करोड़ 21 लाख रुपये की आय हुई है। इसी तरह से 5089 मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3961 किसानों को लाभान्वित करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52 करोड़ 40 लाख रुपये की अदायगी की गई है। खोपरा और उड़द की फसल के लिए, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में एमएसपी पर या उससे ऊपर की दर पर भुगतान किया जा रहा है। इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन तथा तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं।

 

 

 

 

खरीफ विपणन सत्र 2020-21 के दौरान बीज कपास की खरीद 1 अक्टूबर 2020 से शुरू हो चुकी है और भारतीय कपास निगम द्वारा 16 अक्टूबर 2020 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत 1,50,654 गाठों के लिए 30,139 किसानों को लाभान्वित करते हुए 42,555.85 लाख रुपए की अदायगी की गई है।

 

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