सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

केंद्रीय सड़क मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन को 1.10.2020से लागू करने के लिए अधिसूचित कर दिया है, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी पोर्टल के माध्यम से वाहनों के दस्तावेज़ के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से रख-रखाव की सुविधा है

आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के माध्यम से यातायात नियम बेहतर तरीके से लागू होंगे और ड्राइवरों तथा नागरिकों का उत्पीड़न समाप्त होगा

लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा अयोग्य घोषित या निरस्त ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण पोर्टल में दर्ज किया जायेगा और समय के अनुसार अद्यतन किया जाएगा

इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से वैध पाए गए वाहनों के दस्तावेजों को जांच के लिए दिखाने की मांग नहीं की जाएगी

वाहन चलाते समय केवल रूट नेविगेशन के लिए संचार उपकरणों के उपयोग की अनुमति होगी

Posted On: 26 SEP 2020 7:41PM by PIB Delhi

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने हाल ही में केंद्रीय मोटर वाहन नियम-1989 में विभिन्न संशोधनों के बारे में अधिसूचना जारी की है। इसमें 1.10.2020 से मोटर वाहन नियमों की बेहतर तरीके से निगरानी और उन्हें लागू करने के लिए पोर्टल के माध्यम से वाहनों के कागजात के रख-रखाव और ई-चालान की जरूरत है।

आईटी सेवाओं और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के उपयोग से देश में यातायात नियमों को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा और इससे वाहन चालकों का उत्पीड़न दूर होगा और नागरिकों को सुविधा होगी।

मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 पारित होने और 9 अगस्त, 2019 को प्रकाशित होने के बाद इसकी आवश्यकता थी।

इसके अनुसार, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के कुछ प्रावधानों के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 में संशोधन के नियम जीएसआर 584 (ई) दिनांक 25 सितंबर 2020 के माध्यम से प्रकाशित किए गए थे। संशोधन के अनुसार, चालान को परिभाषित कर, आईटी के माध्यम से सेवाएं प्रदान करने और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और लागू करने की आवश्यकता के रूप में पोर्टल को शामिल किया गया है।

लाइसेंसिंग प्राधिकारी द्वारा अयोग्य या निरस्त ड्राइविंग लाइसेंस का विवरण पोर्टल पर समय के अनुसार दर्ज किया जाएगा और इस तरह के रिकॉर्ड नियमित आधार पर को पोर्टल पर प्रदर्शित किये जायेंगे। इस प्रकार रिकॉर्ड को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सुरक्षित रखा जाएगा और चालक के व्यवहार पर भी निगरानी रखी जाएगी।

शारीरिक और इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रमाण पत्र प्राप्त करने और उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के लिए प्रावधान किए गए हैं। इस तरह के दस्तावेजों की वैधता, जारी करने और निरीक्षण करने के लिए अधिकारी की निरीक्षण और पहचान की तारीख और समय की मुहर लगाई जाएगी। यह प्रावधान किया गया है कि यदि प्रवर्तन अधिकारी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दस्तावेजों के विवरण को वैध पाया जाता है, तो निरीक्षण के लिए ऐसे दस्तावेजों की प्रत्यक्ष रूप से मांग नहीं की जाएगी। इसमें ऐसे मामले भी शामिल हैं जिनमें दस्तावेजों की किसी भी तरह की जब्ती आवश्यक हो।

किसी भी दस्तावेज की मांग करने या उसका निरीक्षण करने पर, वर्दी में पुलिस अधिकारी के निरीक्षण और पहचान या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किसी अन्य अधिकारी की जांच की तारीख और समय की मुहर पोर्टल पर दर्ज की जायेगी। इससे वाहनों की अनावश्यक दोबारा जाँच या निरीक्षण में मदद करेगा और आगे चलकर वाहन चालकों को परेशानी से मुक्ति मिलेगी।

इसमें इस बात का भी प्रावधान है कि वाहन चलाते समय हाथ में संचार उपकरणों का उपयोग केवल रूट नेविगेशन के लिए इस तरह से किया जाएगा कि वाहन चलाते समय चालक की एकाग्रता भंग न हो।

अधिसूचना संख्या जीएसआर 586 (ई) दिनांक 25 सितंबर 2020 मोटर अधिनियम (ड्राइविंग) विनियम 2017 में कुछ संशोधन किए गए हैं जो अधिनियम में संशोधन और सीएमवीआर 1989 के लिए समेकित किए गए हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग और इलेक्ट्रॉनिक रूप में दस्तावेजों का निरीक्षण शामिल है।

एस. ओ. (ई) 3311 दिनांक 25; सितम्बर 2020 अधिसूचना मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के कुछ प्रावधानो को 1 अक्टूबर 2020 से लागू करने के लिए अनुमति प्रदान करती है। इसके लिए उपर्युक्त नियम प्रकाशित किए जा रहे हैं।

एस. ओ. (ई) 3310 दिनांक 25; सितम्बर 2020 को राज्य सरकार द्वारा शर्तों के लिए दंड की राशि को तय करने के लिए विचार किया गया है।

एस. ओ. (ई) दिनांक 25; सितम्बर 2020 के आदेश के अनुसार मोटर वाहन (ड्राइविंग) विनियम, 2017 के उल्लंघन के लिए दंड धारा 177ए के अनुसार होगा कि इस तरह के उल्लंघन के लिए दंड विशेष रूप से अधिनियम के तहत प्रदान नहीं किए गए हैं।

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