कोयला मंत्रालय

भारत में व्यावसायिक कोयला खनन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

Posted On: 03 AUG 2020 4:44PM by PIB Delhi

      यह भारत में व्यावसायिक कोयला खनन के लिए चल रही कोयला खदानों की मौजूदा नीलामी प्रक्रिया के संदर्भ में है जिसे जून 2020 में भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के मनोनीत प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया था। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति, 2017 में संशोधन किया गया था, इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी 2019 का प्रेस नोट 4 देखें, ताकि कोयले की बिक्री और सहयोगी प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे सहित कोयला खनन गतिविधियों में स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी जा सके। ये समय-समय पर संशोधित कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों और खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 और इस विषय पर अन्य प्रासंगिक अधिनियमों के अधीन है।

            इसके अनुसार निविदा दस्तावेज में ये कहा गया था कि केंद्रसरकारद्वाराजारी2019 के प्रेस नोट 4 द्वारा एफडीआई नीति 2017 में संशोधन किया गया ताकि कोयले की बिक्री के लिए, इस अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के अधीन संबंधित प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे सहित कोयला खनन गतिविधियों में स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई को अनुमति दी जा सके।आगेयहभीस्पष्टकियागयाहैकिव्यावसायिककोयला खनन में कोई भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, केंद्र सरकार द्वारा जारी 2020 के प्रेस नोट 3 समेत लागू कानूनों के अधीन है जिसके अनुसार किसीदेशकीएकइकाई, जो भारत के साथ भूमि सीमा साझा करती है या जहां भारत में किसी निवेश का एक लाभकारी स्वामी, ऐसे किसी भी देश में बसा हुआ है या वहां का नागरिक है, वो केवल सरकारी मार्ग के तहत ही निवेश कर सकता है। इसके अलावा पाकिस्तान का कोई नागरिक या पाकिस्तान में शामिल कोई इकाई सरकारी मार्ग के तहत रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और विदेशी निवेश के लिए निषिद्ध क्षेत्रों/गतिविधियों के अलावा ही अन्य गतिविधियों में निवेश कर सकते हैं।इससंबंधमेंनिविदादस्तावेजकोएकशुद्धिपत्रभीजारीकियागयाहै।

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