सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

यात्रियों व मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए पड़ोसी देशों के साथ एमओयू को सुगम बनाने के लिए मोटर वाहन नियमों में संशोधन के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए

Posted On: 20 JUN 2020 4:35PM by PIB Delhi

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यात्रियों व मालवाहक वाहनों की आवाजाही से संबंधित एमओयू को सुगम बनाने के लिए मोटर वाहन प्रारूप नियमों में प्रस्तावित संशोधन पर आम लोगों सहित सभी हितधारकों से  सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। इस संबंध में एक अधिसूचना 18वें इंस्टैंट को जारी की गई है जिसे www.morth.gov.in. पर देखा जा सकता है।

दिनांक 18 जून 2020 की प्रारूप अधिसूचना जीएसआर 392 (ई) मंत्रालय द्वारा जारी की गई है जिसे समय-समय पर भारतीय राज्यों एवं अन्य पड़ोसी देशों के बीच यात्रियों और वस्तुओं को ढोने वाले वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मोटर वाहन अधिनियम 1988 के प्रावधानों के तहत आवश्यक सहायक नियमों के संबंध में विभिन्न सरकारी विभागों एवं राज्यों से आग्रह प्राप्त होते हैं।

मंत्रालय ने अमृतसर एवं लाहौर के बीच (2006), नई दिल्ली और लाहौर के बीच (2000), कोलकाता एवं ढाका के बीच (2000) तथा अमृतसर एवं ननकाना साहिब (2006) के बीच बस सेवा को सुगम बनाने के लिए नियमों को अधिसूचित किया है। एमओयू, जिन पर भारत एवं पड़ोसी देशों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं, के तहत प्रचालनों को सुगम बनाने के लिए ऐसे सभी विनियमनों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बिशालगढ़, त्रिपुरा में एलपीजी बौटलिंग प्लांट को थोक मात्रा में एलपीजी की आपूर्ति करने के लिए भारतीय क्षेत्र में बांग्लादेश पंजीकृत एलपीजी ट्रकों की आवाजाही के संबंध में 17 अक्टूबर 2018 को भी नियमों को अधिसूचित किया था।

उपरोक्त उल्लिखित सभी मामलों पर विचार करते हुए एवं भारत तथा पड़ोसी देशों के बीच वस्तुओं या यात्रियों की आवाजाही से संबंधित एमओयू के प्रचालन को सुगम बनाने के लिए, भारतीय राज्यों तथा अन्य पड़ोसी देशों के बीच वस्तुओं तथा यात्रियों को ढोने वाले वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए मानक दिशा-निर्देश नियमों को स्थापित करने का फैसला किया गया है।

इस संबंध में सुझाव या टिप्पणियां 17 जुलाई, 2020 तक संयुक्त सचिव (एमवीएल), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-1110001 ( ई मेल: jspb-morth@gov.in) भेजी जा सकती हैं।

एसजी/एएम/एसकेजे/एसके

 



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