वित्त मंत्रालय
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में लाभार्थी किसानों को सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से बहुत कम समयावधि में धनराशि के इलेक्ट्रॉनिक अंतरण का सफल परिचालन: एक ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रविष्टि तिथि:
25 FEB 2019 3:28PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 24 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के पात्र किसानों के 1,010,6,880 बैंक खातों में 2,021 रुपये की पहली किस्त का सीधे इलेक्ट्रॉनिक अंतरण करने के लिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 24 फरवरी, 2019 को पीएम-किसान योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत दो हेक्टेयर तक के मिश्रित जोतों/स्वामित्व वाले पात्र छोटे और मझौले किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। यह धनराशि प्रति 2000 रुपये की तीन किस्तों में प्रदान की जाएगी।
पीएम-किसान योजना के अंतर्गत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से किया जा रहा है, जो वेब आधारित भुगतान तथा लेखा महानियंत्रक (सीजीए), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नियंत्रित भारत सरकार का एमआईएस आईटी अनुप्रयोग है। पीएफएमएस के माध्यम से डीबीटी की प्रक्रिया मानवीय हस्तक्षेप के बिना लाभार्थियों के बैंक खातों में पारदर्शी रूप से बिना किसी विलंब के डिजिटली प्रमाणिक भुगतान सुनिश्चित करती है। पीएफएमएस ने लगभग 273 बैंकों के साथ एकीकरण करके लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधा भुगतान करने से पहले उनके खाते विवरण के विधिमान्यकरण को संभव बनाया। भारत सरकार की योजनाओं के लिए समस्त डीबीटी भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किये जा रहे हैं।
पीएम-किसान योजना के लिए पीएफएमएस टीम ने बहुत समय कम होने के बावजूद पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन किया। इस योजना की घोषणा 1 फरवरी, 2019 को की गई थी और 24 फरवरी, 2019 तक पृथक सर्वर का विन्यास, योजना का सृजन, राज्य/संघ शासित प्रदेशों की एजेंसियों का पंजीकरण, भुगतान आदेश जारी करना तथा प्रायोजक बैंकों, एनपीसीआई और अंतत: लाभार्थियों के खातों में धनराशि के हस्तांतरण का कार्य रिकॉर्ड समय में बिना किसी धांधली के संपन्न हो गया। पीएफएमएस टीम इसके सुचारू परिचालन के लिए कृषि मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), वित्त मंत्रालय और लाभार्थियों के 202 बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई के साथ निरंतर आगे की कार्रवाई कर रही थी। अगले कुछ हफ्तों में बैंक खातों के विधिमान्यकरण और चिन्हित किये गये सभी शेष पात्र लाभार्थियों (देश भर में लगभग 12 करोड़ लाभार्थी हैं) के बैंक खातों में पहली किस्त जमा कराने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यह भारत सरकार की किसी एक योजना के अंतर्गत इतने बड़े पैमाने के लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड प्रत्यक्ष लाभ अंतरण होगा।
पीएम-किसान योजना के अंतर्गत पीएफएमएस द्वारा इतने कम अर्से में लाभार्थियों की विशाल संख्या के खातों में धनराशि के इलेक्ट्रॉनिक अंतरण का सफल परिचालन, पीएफएमएस की ऐतिहासिक उपलब्घि है, जिसने भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को और ज्यादा मजबूती प्रदान की है।
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आर.के.मीणा/एएम/आरके/वाईबी -540
(रिलीज़ आईडी: 1566241)
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