कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
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एनएपीएस के तहत शिक्षुता प्रशिक्षण

प्रविष्टि तिथि: 20 JUL 2026 4:16PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने अगस्त 2016 में 'राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना' (एनएपीएस) शुरू की थी, जिसका उद्देश्य शिक्षुता प्रशिक्षण को बढ़ावा देना और शिक्षुओं के नियोजन को बढ़ाना था। वर्ष 2022-23 से, यह योजना एनएपीएस-2 के रूप में जारी है और आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में लागू है। पिछले पांच वर्षों और वर्तमान वर्ष के दौरान एनएपीएस के तहत नियोजित प्रशिक्षुओं का ब्‍यौरा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सहित वर्षवार और अनुबंध की तालिका-I में दिया गया है।

यह योजना शिक्षु अधिनियम, 1961 के तहत कार्यरत शिक्षुओं को आंशिक वजीफा सहायता प्रदान करके, शिक्षुता प्रणाली की क्षमता निर्माण करके और हितधारकों को समर्थन सहायता प्रदान करके देश में शिक्षुता प्रशिक्षण को बढ़ावा देती है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रति शिक्षु को दिए जाने वाले वजीफे का 25% तक, अधिकतम 1,500 रुपये प्रति माह तक की आंशिक वजीफा सहायता, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से शिक्षु के बैंक खाते में भुगतान की जाती है। यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) में प्रशिक्षुओं के नामांकन को प्रोत्साहित करती है। पिछले पांच वर्षों और चालू वर्ष (30 जून 2026 तक) के दौरान आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में एनएपीएस के तहत प्रशिक्षुओं को नियोजित करने वाले एमएसएमई और अन्य प्रतिष्ठानों की संख्या नीचे दी गई है।

प्रतिष्ठान का प्रकार

आंध्र प्रदेश में प्रशिक्षुओं को नियोजित करने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या

डीबीटी के माध्यम से वजीफे में सरकारी हिस्सेदारी – आंध्र प्रदेश*

(करोड़ रुपये में)

देश भर में प्रशिक्षुओं को नियोजित करने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या

डीबीटी के माध्यम से वजीफे में सरकारी हिस्सेदारी – अखिल भारतीय स्तर पर*

(करोड़ रुपये में)

एमएसएमई

825

21.88

33,319

758.45

अन्य

445

32.80

16,859

850.74

 

1,270

54.68

50,178

1609.19

* अखिल भारतीय डीबीटी योजना की शुरुआत जुलाई 2023 से हुई। इसलिए निधि संबंधी डेटा वित्त वर्ष 2023-24 से 2026-27 (30 जून, 2026 तक) का है।

 

शिक्षुता प्रशिक्षण के अंतर्गत, शिक्षु अधिनियम, 1961 के प्रावधान के अनुसार, नियोक्ता के लिए प्रशिक्षण पूर्ण होने पर शिक्षुओं को नौकरी पर रखना अनिवार्य नहीं है। शिक्षुता के दौरान प्रदान किया जाने वाला ऑन द जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) शिक्षुओं को उद्योग के लिए तैयार होने में मदद करता है, जिससे नियोक्ताओं को संगठनात्मक आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित उम्मीदवारों का एक समूह उपलब्ध हो जाता है।

राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) के अंतर्गत शिक्षुता प्रशिक्षण, शिक्षु अधिनियम, 1961 के तहत अधिसूचित विभिन्न सेक्‍टरों और ट्रेडों में लागू किया जाता है। शिक्षुता प्रशिक्षण को मुख्य रूप से निर्धारित ट्रेडों और वैकल्पिक ट्रेडों में वर्गीकृत किया गया है। वर्ष 2022-23 से 2026-27 (30.06.2026 तक) की अवधि के दौरान, एनएपीएस के तहत 45 से अधिक सेक्‍टरों में कुल 47,50,432 प्रशिक्षुओं को नियोजित किया गया है। प्रमुख क्षेत्रों में ऑटोमोटिव, आईटी-आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, खुदरा, उत्पादन एवं विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, दूरसंचार, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, परिधान, निर्माण, स्वास्थ्य सेवा, जीवन विज्ञान और पर्यटन एवं आतिथ्य शामिल हैं। एनएपीएस के तहत नियोजित प्रशिक्षुओं का सेक्‍टर-वार वितरण अनुबंध की तालिका-II में दिया गया है।

इसके अलावा, तटीय अर्थव्यवस्था से संबंधित ट्रेडों को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और समुद्री जैसे विभिन्न क्षेत्रों के माध्यम से एनएपीएस के अंतर्गत शामिल किया गया है। इनमें एक्वाकल्चर वर्कर, मछली और समुद्री खाद्य प्रसंस्करण तकनीशियन, मछली और समुद्री खाद्य जूनियर प्रोसेसर, पाइप फिटर (समुद्री), रिगर (समुद्री), शिपराइट (स्टील), शिपराइट (लकड़ी), क्रेन ऑपरेटर-पोर्ट टर्मिनल/कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस)/इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी), जूनियर कार्गो ऑपरेटर-पोर्ट टर्मिनल/सीएफएस/आईसीडी, पोर्ट टर्मिनल/सीएफएस/आईसीडी सुपरवाइजर, बल्क कार्गो इंस्पेक्टर, इंटरनेशनल फ्रेट फॉरवर्डिंग एग्जीक्यूटिव, कोल्ड चेन स्पेशलिस्ट, वेयरहाउस ऑपरेशंस और अन्य लॉजिस्टिक्स से संबंधित ट्रेड शामिल हैं। उद्योग की मांग और संबंधित सेक्‍टरों में कार्यरत प्रतिष्ठानों की भागीदारी के आधार पर इन ट्रेडों में अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध हैं।

शिक्षु अधिनियम, 1961 प्रतिष्ठानों को अपने प्रशिक्षण अवसंरचना और कार्यस्थल सुविधाओं का उपयोग शिक्षुता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। अधिनियम के तहत, चार या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान शिक्षुओं को नियोजित करने के पात्र हैं, जबकि तीस या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए अधिनियम के प्रावधानों के अधीन शिक्षुओं को नियोजित करना अनिवार्य है।

शिक्षुता के अवसरों को बढ़ावा देने और व्यापक पहुंच बनाने के लिए, सरकार जून 2022 से देशभर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेलों (पीएमएनएएम) का आयोजन कर रही है। आंध्र प्रदेश सहित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को स्थानीय आवश्यकताओं और प्रशासनिक विचारों के आधार पर जिलों, स्थानों और समय-सारणी के चयन में फ्लेक्सिबिलिटी के साथ नियमित रूप से पीएमएनएएम आयोजित करने की सलाह दी गई है। एनएपीएस के तहत शिक्षुता के अवसर काकीनाडा सहित सभी जिलों में भागीदार संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध हैं। इसके अलावा, युवाओं और संस्थानों की शिक्षुता प्रशिक्षण में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर जागरूकता सृजन, उम्मीदवारों को जुटाने और नियोक्ताओं तक पहुंचने की गतिविधियां की जाती हैं।

अनुबंध

एनएपीएस के अंतर्गत शिक्षुता प्रशिक्षण के संबंध में दिनांक 20.07.2026 को लोक सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 77 के भाग (क) और (ग) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध

 

तालिका I: पिछले पांच वर्षों और वर्तमान वर्ष के दौरान एनएपीएस के तहत (आंध्र प्रदेश सहित) राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार और वर्षवार नियोजित प्रशिक्षुओं का ब्यौरा निम्नानुसार है:

क्रमांक

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का नाम

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

2026-27

(30.06.2026 तक)

  1.  

अंडमान व निकोबार द्वीप समूह

9

41

48

199

177

92

  1.  

आंध्र प्रदेश

15,501

16,424

21,701

22,075

26,446

6,448

  1.  

अरुणाचल प्रदेश

18

42

65

66

204

48

  1.  

असम

14,007

9,660

8,174

5,801

10,028

1,394

  1.  

बिहार

6,476

5,543

5,317

5,502

9,013

2,549

  1.  

चंडीगढ़

813

668

1,231

1,692

1,739

244

  1.  

छत्तीसगढ

2,631

4,875

5,249

5,362

6,820

994

  1.  

दिल्ली

17,799

15,817

15,957

22,471

30,330

8,381

  1.  

गोवा

3,432

4,406

11,882

11,770

12,412

2,244

  1.  

गुजरात

69,568

76,222

83,957

90,796

1,09,027

24,788

  1.  

हरियाणा

42,338

62,867

66,714

66,504

85,979

23,171

  1.  

हिमाचल प्रदेश

5,670

6,825

10,212

9,257

10,891

2,277

  1.  

जम्मू और कश्मीर

832

989

859

1,026

1,230

201

  1.  

झारखंड

8,258

9,151

11,883

9,686

10,674

2,416

  1.  

कर्नाटक

41,972

58,629

78,457

92,843

1,16,343

25,924

  1.  

केरल

8,975

11,275

13,104

15,317

15,519

3,805

  1.  

लद्दाख

18

28

66

50

19

17

  1.  

लक्षद्वीप

4

9

6

8

14

0

  1.  

मध्य प्रदेश

17,093

21,205

22,706

26,823

34,210

10,066

  1.  

महाराष्ट्र

1,46,903

1,86,010

2,63,245

2,78,423

3,01,910

59,230

  1.  

मणिपुर

90

32

18

187

219

36

  1.  

मेघालय

117

181

212

328

175

34

  1.  

मिजोरम

4

4

12

146

280

22

  1.  

नागालैंड

27

22

15

24

40

33

  1.  

ओडिशा

8,296

10,458

10,755

10,757

12,416

1,965

  1.  

पुदुचेरी

1,090

1,343

2,469

4,268

5,953

969

  1.  

पंजाब

11,659

15,361

14,761

15,510

25,649

5,773

  1.  

राजस्थान

9,478

15,204

18,230

22,328

32,243

7,056

  1.  

सिक्किम

308

202

298

439

508

204

  1.  

तमिलनाडु

49,929

72,311

1,01,553

1,01,788

1,43,236

33,145

  1.  

तेलंगाना

38,454

31,821

37,775

34,017

47,501

12,080

  1.  

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

1,282

1,006

2,878

3,570

4,100

1,156

  1.  

त्रिपुरा

244

368

383

449

533

95

  1.  

उत्तर प्रदेश

38,042

56,946

71,505

78,966

1,06,269

24,514

  1.  

उत्तराखंड

9,986

16,436

21,058

22,887

30,643

7,074

  1.  

पश्चिम बंगाल

18,791

26,109

29,538

23,324

35,153

8,531

 

तालिका II: वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2026-27 (30.06.2026 तक) के लिए एनएपीएस के तहत प्रशिक्षुओं के सेक्‍टर-वार नियोजन का ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:

क्रमांक

सेक्टर का नाम

एनएपीएस-2 के अंतर्गत नियोजित प्रशिक्षु

  1.  

एयरोस्पेस और विमानन

5,011

  1.  

कृषि

43,210

  1.  

कृषि एवं संबद्ध सेवाएं

1,865

  1.  

परिधान

13,185

  1.  

परिधान तैयार उत्पाद और गृह सज्जा

61,900

  1.  

ऑटोमोबाइल

1,14,304

  1.  

ऑटोमोटिव

9,76,046

  1.  

बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई)

1,32,298

  1.  

सौंदर्य एवं स्वास्थ्य

12,954

  1.  

पूंजीगत माल

1,09,269

  1.  

रासायनिक

25,985

  1.  

निर्माण

53,174

  1.  

घरेलू श्रमिक

44,974

  1.  

विद्युत (नए और नवीकरणीय ऊर्जा सहित)

2,84,095

  1.  

इलेक्ट्रानिक्स

4,11,693

  1.  

गढ़ाई

70,052

  1.  

खाद्य प्रसंस्करण

90,185

  1.  

खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण

3,778

  1.  

फर्नीचर और फिटिंग

44,752

  1.  

रत्न और आभूषण

23,682

  1.  

ग्रीन जॉब्स

13,814

  1.  

हस्तशिल्प और कालीन

1,040

  1.  

स्वास्थ्य देखभाल

48,084

  1.  

स्वास्थ्य सेवा और कल्याण

9,953

  1.  

हाइड्रोकार्बन

6,082

  1.  

औद्योगिक स्वचालन और उपकरण

9,559

  1.  

लोहा और इस्पात

26,243

  1.  

आईटी आईटीईएस

4,64,993

  1.  

चमड़ा

7,958

  1.  

जीवन विज्ञान

1,12,567

  1.  

लॉजिक्टिक्‍स

1,42,945

  1.  

प्रबंधन एवं उद्यमशीलता एवं व्यावसायिक कौशल

1,02,048

  1.  

समुद्री (मेरीन)

814

  1.  

मीडिया और मनोरंजन

2,153

  1.  

खनन

1,584

  1.  

खनन और खनिज

522

  1.  

पेंट और कोटिंग्स

2,563

  1.  

दिव्यांगजन

81

  1.  

नलसाजी

1,168

  1.  

विद्युत

83,880

  1.  

उत्पादन और विनिर्माण

2,83,183

  1.  

खुदरा

3,61,363

  1.  

खुदरा और लॉजिस्टिक्स

3,542

  1.  

रबड़

1,41,712

  1.  

मरम्मत और रखरखाव सहित सेवाएं

28,958

  1.  

खेल, शारीरिक शिक्षा, फिटनेस और लेजर

290

  1.  

दूरसंचार

1,46,894

  1.  

वस्त्र

70,205

  1.  

पर्यटन और आतिथ्य

1,53,822

 

कुल जोड़

47,50,432

 

यह जानकारी आज कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी द्वारा लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

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पीके/केसी/डीवी/डीए


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