गृह मंत्रालय
जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत तमिलनाडु और त्रिपुरा में स्व-गणना (Self-Enumeration) शुरू
केरल और नागालैंड में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य जारी
29 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण
जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए की जा रही है,
आंकड़ों का संकलन समर्पित मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किया जा रहा है और पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी यथावत रखी गई है
जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत एकत्र की गई सभी सूचनाएँ पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाता है
प्रविष्टि तिथि:
17 JUL 2026 3:17PM by PIB Delhi
जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) के लिए स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा आज से तमिलनाडु और त्रिपुरा में प्रारंभ हो गई है। यह सुविधा 31 जुलाई, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 1 अगस्त से 30 अगस्त, 2026 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर क्षेत्रीय गणना का कार्य किया जाएगा।
इन राज्यों के निवासी आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर सकते हैं। स्व-गणना पूरी होने पर प्राप्त Self-Enumeration ID (SE ID) को सुरक्षित रखें तथा प्रगणक के क्षेत्रीय भ्रमण के समय उन्हें उपलब्ध कराएँ, ताकि HLO प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सके।
इस बीच, केरल और नागालैंड में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का क्षेत्रीय कार्य जारी है, जो 30 जुलाई, 2026 तक चलेगा। जिन परिवारों ने स्व-गणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर कवर किया जाएगा।
अब तक जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 29 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों में सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड शामिल हैं।
जनगणना 2027 पहली बार व्यापक स्तर पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए आयोजित की जा रही है। आंकड़ों का संकलन समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि पूर्ण एवं सटीक कवरेज सुनिश्चित करने हेतु पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की व्यवस्था भी यथावत रखी गई है। इस चरण में अधिसूचित 33 प्रश्नों वाली संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवार संबंधी विवरण, उपलब्ध सुविधाओं तथा परिवारों के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है।
जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत एकत्र की गई सभी सूचनाएँ पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाता है। अधिसूचित राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के सभी निवासियों से आग्रह है कि वे जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएँ तथा प्रगणकों को आवश्यक जानकारी देकर पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
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आरके / आरआर / पीआर
(रिलीज़ आईडी: 2285711)
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