सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
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महाराष्ट्र के नागपुर में तीसरी ब्रिक्स परिवहन कार्य समूह की बैठक शुरू हुई

प्रविष्टि तिथि: 09 JUL 2026 7:35PM by PIB Delhi

भारत की ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता के तहत तीसरे ब्रिक्स परिवहन कार्य समूह (टीडब्ल्यूजी) की बैठक आज महाराष्‍ट्र के नागपुर में शुरू हुई। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुएं, ताकि टिकाऊ, मज़बूत और भविष्य के लिए तैयार परिवहन प्रणालियों पर और सहयोग बढ़ाया जा सके।  

ये प्रतिनिधि अगले दो दिनों में, टिकाऊ परिवहन बुनियादी ढांचे, पर्यावरण अनुकूल गतिशीलता (मोबिलिटी), सुदृढ़ लॉजिस्टिक्‍स और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को कवर करने वाली प्रमुख नीतिगत  प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके साथ ही वे परिवहन क्षेत्र से संबंधित वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संस्थागत सहयोग को भी सुदृढ़ करेंगे।

प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सचिव श्री वी. उमाशंकर ने 'वसुधैव कुटुंबकम' – विश्‍व एक परिवार है, के शाश्वत सिद्धांत से प्रेरित होकर मिल-जुलकर रहने और समावेशी विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय, "मज़बूती, नवाचार, सहयोग और दीर्घकाल के लिए निर्माण," एक जन-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रतीक है, जिसमें कुशल, टिकाऊ और मज़बूत परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने के लिए व्यावहारिक साझेदारी आवश्‍यक है।

भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए सचिव ने कहा कि परिवहन एजेंडा को छह मुख्य पहलों के आधार पर तैयार किया गया है। ये पहलें दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे, टिकाऊ विमान ईंधन (एसएएफ), परिवहन से कार्बन उत्सर्जन कम करने, शहरी मोबिलिटी, मज़बूत लॉजिस्टिक्स और रेलवे अनुसंधान में सहयोग पर केंद्रित हैं। इन पहलों का उद्देश्य ब्रिक्‍स सदस्य देशों के बीच जानकारी साझा करने को बढ़ावा देना, तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहित करना, संस्थागत साझेदारी को मज़बूत करना और क्षमता बढ़ाने में सहायता करना है।

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उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पहल पिछले ब्रिक्स परिवहन कार्य समूह की बैठकों के दौरान हासिल की गई प्रगति पर आधारित है और इस क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है। ये पहलें ब्रिक्‍स देशों की उस साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसके तहत वे ऐसी परिवहन प्रणाली विकसित करना चाहते हैं, जो नए विचारों पर आधारित, पर्यावरण के अनुकूल और लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप हों।

श्री वी. उमाशंकर ने कहा कि नागपुर की बैठक व्‍यापक विचार-विमर्श प्रक्रिया का परिणाम है, जिसमें पांच वर्चुअल तैयारी बैठकें शामिल थीं। इन बैठकों में सदस्य देशों ने भारत की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए महत्‍वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। सभी प्रतिनिधिमंडलों की सकारात्मक भागीदारी की सराहना करते हुए, उन्होंने भरोसा जताया कि सहयोग की इसी भावना से चर्चाएं आगे बढ़ेंगी और प्रमुख परिणामों पर व्यापक सहमति बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने अध्यक्ष के तौर पर भारत की भूमिका पर पुन: जोर देते हुए इसमें शामिल प्रतिनिधिमंडलों को भरोसा दिलाया कि चर्चाएं पारदर्शी, समावेशी और सहमति पर आधारित होंगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि परिणाम ब्रिक्‍स के सभी सदस्यों की सामूहिक प्राथमिकताओं और विकास के नज़रिए को दर्शाते हैं।

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उन्होंने विस्‍तारित ब्रिक्स समूह के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि इसके सभी सदस्य देश, विश्व की 49.5 प्रतिशत आबादी, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का 26 प्रतिशत हिस्सा हैं। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र में बेहतर सहयोग से कनेक्टिविटी सुदृढ़ होने, आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती बढ़ने और टिकाऊ आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है।

सचिव ने विश्वास व्‍यक्‍त किया कि अगले दो दिनों में होने वाले विचार-विमर्श से ब्रिक्स देशों के बीच साझेदारी और एक-दूसरे से सीखने की भावना मजबूत होगी और आगामी मंत्रिस्तरीय बैठक में ठोस परिणामों का मार्ग प्रशस्त होगा।

कार्य समूह की बैठक के बाद तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक होगी, जो 11 जुलाई 2026 को नागपुर में आयोजित की जाएगी।

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पीके/केसी/एमके/एसएस  


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