प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प, आत्म-संयम और बुद्धिमत्ता के गुणों को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
प्रविष्टि तिथि:
02 JUN 2026 8:30AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका तात्पर्य है दृढ़ संकल्प और आत्म-संयम ही वह शक्तियां हैं जो कठिनतम मार्गों को भी सुगम बना देती हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज हमारे युवा इसी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट में लिखा:
"दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।
निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।
अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥"
जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्चय के साथ आरंभ करता है और बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। ऐसा व्यक्ति ही वास्तव में बुद्धिमान होता है।
पीके/केसी/एसएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2267820)
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