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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
150 करोड़ रुपये और उससे अधिक की केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं पर त्वरित रिपोर्ट
पीएआईएमएएनए के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं की बेहतर निगरानी के साथ अवसंरचना उत्कृष्टता की ओर कदम
प्रविष्टि तिथि:
25 FEB 2026 4:59PM by PIB Delhi
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक की केंद्रीय क्षेत्र अवसंरचना परियोजनाओं की अनिवार्य निगरानी के लिए एक नया वेब-आधारित पोर्टल- पीएआईएमएएनए (राष्ट्र निर्माण के लिए परियोजना मूल्यांकन, अवसंरचना निगरानी एवं विश्लेषण) - शुरू किया है, जिसने अपने पूर्ववर्ती ओसीएमएस-2006 (ऑनलाइन कम्प्यूटरीकृत निगरानी प्रणाली) का स्थान लिया है। “एक डेटा, एक प्रविष्टि” के सिद्धांत के अनुरूप पीएआईएमएएनए को डीपीआईआईटी के एकीकृत परियोजना निगरानी पोर्टल (आईपीएमपी/आईआईजी-पीएमजी) के साथ एपीआई के माध्यम से एकीकृत किया गया है, जिससे केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा आईपीएमपी पर रिपोर्ट की गई जानकारी का स्वचालित प्रवाह सुनिश्चित होता है। इस एकीकरण से मैन्युअल डेटा प्रविष्टि में काफी कमी आ गई है, जिससे पीएआईएमएएनए पर लगभग 60 प्रतिशत परियोजनाएं स्वचालित रूप से अपडेट हो रही हैं। इससे भारत सरकार द्वारा अवसंरचना परियोजनाओं की मानकीकृत और कुशल निगरानी सुनिश्चित हो रही है।
पीएआईएमएएनए पोर्टल अवसंरचना परियोजनाओं के लिए एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय भंडार के रूप में कार्य करता है, जिससे वेब-आधारित विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार की जा सकती हैं और डेटा की सटीकता और परिचालन दक्षता में सुधार होता है। पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं में उन्नत डेटा विश्लेषण, भूमिका-आधारित उपयोगकर्ता पहुंच, इंटरैक्टिव डैशबोर्ड, रिपोर्टिंग और क्वेरी मॉड्यूल तथा डेटा की कमियों की पहचान से संबंधित मामलों की समीक्षा करना शामिल हैं, जिससे डेटा की गुणवत्ता में सुधार और सूचित निर्णय लेने में सहायता मिलती है। पीएआईएमएएनए का संचालन 20 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, डीईए और डीपीआईआईटी के साथ मिलकर व्यापक समन्वय से किया गया है, जिसमें परियोजना मानचित्रण, डेटा माइग्रेशन, विश्लेषण और सत्यापन शामिल हैं।
पोर्टल को अपनाने के बाद आईपीएमपी डेटाबेस के व्यापक डेटा शुद्धिकरण का कार्य चल रहा है, साथ ही अधिक हितधारकों को जोड़ने और पुराने एवं नए स्वीकृत परियोजनाओं को शामिल करने के निरंतर प्रयास जारी हैं। वर्तमान में 1702 चालू अवसंरचना परियोजनाएं पीएआईएमएएनए पोर्टल पर शामिल की जा चुकी हैं तथा अधिक हितधारकों और परियोजनाओं को जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।
- जनवरी 2026 तक 17 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अंतर्गत 39.25 लाख करोड़ रुपये की संशोधित लागत वाली 1702 निर्माणाधीन अवसंरचना परियोजनाएं पीएआईएमएएनए पोर्टल पर दर्ज हैं। इसी माह के दौरान तीन परियोजनाओं को कमीशन किया गया और 203 अतिरिक्त परियोजनाओं को पीएआईएमएएनए की निगरानी में लाया गया।
- जनवरी 2026 तक इन परियोजनाओं पर कुल संचयी व्यय 20.02 लाख करोड़ रुपये रहा।
- चल रही 1,702 अवसंरचना परियोजनाओं में से 645 (~38 प्रतिशत) ने 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर ली है, जबकि 240 (~14 प्रतिशत) ने 80 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति हासिल की है, जो दर्शाता है कि परियोजनाओं का एक बड़ा हिस्सा कार्यान्वयन के उन्नत चरण में है।
- परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र (डीईए की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार) में सबसे अधिक संख्या में चालू परियोजनाएं (1180 परियोजनाएं) हैं, जिनका संशोधित अनुमान 20.65 लाख करोड़ रुपये है, जो कनेक्टिविटी-संचालित बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने पर जोर देता है।
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2. मुख्य विशेषताएं
- चल रही 1,702 अवसंरचना परियोजनाओं में 695 मेगा परियोजनाएं (परियोजना लागत 1,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक) शामिल हैं, जिनकी संशोधित लागत 29 लाख करोड़ रुपये है और 1,007 प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 4.72 लाख करोड़ रुपये है।
- जनवरी 2026 तक कार्यान्वयन के अधीन 1,702 परियोजनाओं पर किया गया संचयी व्यय 20.02 लाख करोड़ रुपये है, जो संशोधित परियोजना लागत का लगभग 51.01 प्रतिशत है।
- भौतिक और वित्तीय प्रगति मोटे तौर पर साथ-साथ चलती है, जिसमें बड़ी संख्या में परियोजनाएं प्रारंभिक (0-20 प्रतिशत) और उन्नत (81-100 प्रतिशत) चरणों में हैं, जो कई पूर्ण होने के करीब पहुंच चुकी परियोजनाओं के साथ-साथ नई शुरू हुई परियोजनाओं की एक श्रृंखला को दर्शाती हैं। जबकि 81-100 प्रतिशत के दायरे में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से अधिक है, प्रारंभिक चरणों में वित्तीय प्रगति अपेक्षाकृत अधिक है, जो परियोजना कार्यान्वयन में अग्रिम व्यय के पैटर्न को दर्शाती है।

3. मंत्रालय/विभाग-वार अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत सबसे अधिक 863 परियोजनाएं (50 प्रतिशत) हैं और कुल परियोजना लागत में 8.1 लाख करोड़ रुपये (20 प्रतिशत) की हिस्सेदारी है, जो राष्ट्रीय अवसंरचना विकास में इसकी केंद्रीय भूमिका को उजागर करती है।
- रेल मंत्रालय 249 परियोजनाओं (15 प्रतिशत) को कार्यान्वित कर रहा है और कुल परियोजना लागत में इसका सबसे बड़ा हिस्सा यानी 8.5 लाख करोड़ रुपये (22 प्रतिशत) है।
- कोयला मंत्रालय 126 परियोजनाओं (7 प्रतिशत) को कार्यान्वित कर रही है, जिनकी कुल परियोजना लागत 2.14 लाख करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) है।
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं जीआर विभाग क्रमशः 110, 102, 56 और 47 परियोजनाओं को कार्यान्वित कर रहे हैं, जिनकी संबद्ध लागत क्रमशः 5.03 लाख करोड़ रुपये, 5.28 लाख करोड़ रुपये, 3.96 लाख करोड़ रुपये और 1.98 लाख करोड़ रुपये है।
- शेष 149 परियोजनाएं (9 प्रतिशत), जिनकी कुल लागत 3.98 लाख करोड़ रुपये (10 प्रतिशत) है, उच्च शिक्षा, नागर विमानन, इस्पात, दूरसंचार, श्रम एवं रोजगार, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खान, डीपीआईआईटी और खेल सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में वितरित हैं। (अनुलग्नक I देखें)

4. क्षेत्रवार (डीईए की अवसंरचना संबंधी सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार) अवसंरचना संबंधी परियोजनाओं की प्रगति
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्रमुख क्षेत्र बना हुआ है, जो 1180 परियोजनाओं (कुल परियोजनाओं का 69 प्रतिशत) में कुल संशोधित परियोजना लागत (20.65 लाख करोड़ रुपये) का 53 प्रतिशत हिस्सा है, जो आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सड़कों और राजमार्गों, रेलवे, विमानन, शहरी सार्वजनिक परिवहन, पोत परिवहन और अंतर्देशीय जलमार्गों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
- ऊर्जा क्षेत्र 218 परियोजनाओं में कुल संशोधित लागत (10.84 लाख करोड़ रुपये) का 28 प्रतिशत हिस्सा लेकर दूसरे स्थान पर है, जो तेल और गैस अवसंरचना, विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण नेटवर्क और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर निरंतर जोर देने को दर्शाता है।
- संचार अवसंरचना, जिसमें 14 परियोजनाओं में 2.74 लाख करोड़ रुपये (7 प्रतिशत) की परियोजना लागत शामिल है, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से लक्षित हस्तक्षेपों को दर्शाती है।
- जल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में 70 परियोजनाओं में कुल 2.03 लाख करोड़ रुपये (5 प्रतिशत) का निवेश किया गया है, जो आवश्यक शहरी सेवाओं पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।
- सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना, जिसमें 74 परियोजनाएं शामिल हैं और जिनकी संशोधित परियोजना लागत 0.79 लाख करोड़ रुपये (2 प्रतिशत) है, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट और पर्यटन, आतिथ्य और कल्याण में चुनिंदा निवेश को दर्शाती है।
- 'अन्य' श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत परियोजनाएं, जिनकी कुल लागत 146 परियोजनाओं में फैली हुई है और जिनका मूल्य 2.18 लाख करोड़ रुपये (5 प्रतिशत) है, कोयला, इस्पात, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में विविधीकरण को दर्शाती हैं। (अनुलग्नक II देखें)
5. पूरी हो चुकी परियोजनाएं और नई परियोजनाएं
- जनवरी 2026 के दौरान रेलवे, विद्युत और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र की प्रमुख परिसंपत्तियों सहित 3 परियोजनाएं पूरी हुईं। इनमें उल्लेखनीय रूप से शामिल हैं : पतरातु-सोननगर के बीच तीसरी रेलवे लाइन [291 किमी] (8,975 करोड़ रुपये) और चरण II- भाग C के अंतर्गत खावड़ा पीएस पर 4.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा निकासी हेतु पारेषण योजना (2,821 करोड़ रुपये)।
- जनवरी 2026 के दौरान 203 अतिरिक्त परियोजनाओं को पीएआईएमएएनए की निगरानी में लाया गया। इनमें से 169 सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से, 15 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से, 9 विद्युत मंत्रालय से, 3 कोयला मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से तथा 3 अन्य मंत्रालयों/विभागों से हैं। इनमें शामिल हैं:
- विद्युत उत्पादन में "नबीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, स्टेज-II [3x800 मेगावाट]" (29,948 करोड़ रुपये) और विद्युत वितरण में "राजस्थान पार्ट-I पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड" (25,000 करोड़ रुपये) जैसी प्रमुख विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं ।
- शहरी सार्वजनिक परिवहन परियोजनाएं जैसे "दिल्ली मेट्रो रेल चरण वीए" (12,015 करोड़ रुपये), "लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना चरण-1बी पूर्व पश्चिम गलियारा" (5,801 करोड़ रुपये) और "मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो कनेक्टिविटी (द्वारका एक्सप्रेसवे शाखा सहित), गुरुग्राम (5,453 करोड़ रुपये)।
6. प्रेस विज्ञप्ति की अगली तिथि: फरवरी 2026 माह की त्वरित रिपोर्ट 25 मार्च 2026 को जारी की जाएगी।
नोट: यह प्रेस विज्ञप्ति सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की त्वरित रिपोर्ट (जनवरी 2026) के मुख्य बिंदुओं का सार प्रस्तुत करती है, जिसमें केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं (150 करोड़ रुपये और उससे अधिक) का उल्लेख है। यह रिपोर्ट https://www.ipm.mospi.gov.in/ पर या क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध है।
अनुलग्नक I
केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की मंत्रालय/विभाग-वार प्रगति
|
क्रमांक
|
मंत्रालय/विभाग
|
परियोजना संख्या
|
संशोधित लागत
|
संचयी व्यय (हजार करोड़ रुपये)
|
| |
(हजार करोड़ रुपये)
|
|
1
|
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
|
863
|
814.34
|
247.87
|
|
2
|
रेल मंत्रालय
|
249
|
845.97
|
698.71
|
|
3
|
कोयला मंत्रालय
|
126
|
242.8
|
77.02
|
|
4
|
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
|
110
|
502.37
|
287.29
|
|
5
|
विद्युत मंत्रालय
|
102
|
527.5
|
190.14
|
|
6
|
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय
|
56
|
395.88
|
222.33
|
|
7
|
जल संसाधन, नदी विकास एवं जीआर
|
47
|
197.63
|
142.02
|
|
8
|
उच्च शिक्षा विभाग
|
29
|
14.45
|
7.79
|
|
9
|
नागर विमानन मंत्रालय
|
26
|
22.81
|
9.68
|
|
10
|
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
|
23
|
21.47
|
7.78
|
|
11
|
इस्पात मंत्रालय
|
20
|
23.16
|
9.13
|
|
12
|
दूरसंचार विभाग
|
14
|
274.02
|
77.23
|
|
13
|
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
|
13
|
3.47
|
1.92
|
|
14
|
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
|
13
|
22.48
|
14.09
|
|
15
|
खान मंत्रालय
|
7
|
10.98
|
7.1
|
|
16
|
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग
|
3
|
4.6
|
1.24
|
|
17
|
खेल विभाग
|
1
|
0.61
|
0.57
|
|
|
कुल
|
1,702
|
3,924.54
|
2,001.89
|
अनुलग्नक II
केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की क्षेत्रवार प्रगति (डीईए की अवसंरचना संबंधी सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार)
|
क्रमांक
|
एचएमएल श्रेणी
|
परियोजना संख्या
|
संशोधित लागत (हजार करोड़ रूपये)
|
संचयी व्यय (हजार करोड़ रूपये)
|
|
1
|
परिवहन और लॉजिस्टिक्स
|
1180
|
2,065.24
|
1,178.04
|
|
2
|
ऊर्जा
|
218
|
1,083.94
|
503.7
|
|
3
|
जल एवं स्वच्छता
|
70
|
203.33
|
146.15
|
|
4
|
संचार
|
14
|
274.02
|
77.23
|
|
5
|
सामाजिक एवं वाणिज्यिक
|
74
|
79.52
|
31.86
|
|
6
|
अन्य
|
146
|
218.5
|
64.9
|
|
|
कुल
|
1,702
|
3,924.53
|
2,001.89
|
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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2232835)
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