उप राष्ट्रपति सचिवालय
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कॉफी टेबल बुक 'अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन' का विमोचन किया
पुस्तक विमोचन समारोह में उपराष्ट्रपति ने अटल जी के साथ अपने व्यक्तिगत सम्बन्ध को याद किया
उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र से वाजपेयी के एकता और लोकतंत्र के आदर्शों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया
प्रविष्टि तिथि:
21 FEB 2026 7:20PM by PIB Delhi
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में श्री विजय गोयल द्वारा लिखित कॉफी टेबल बुक 'अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन' का विमोचन किया।
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने इस अवसर को सम्मानजनक और भावनात्मक क्षण बताया और कहा कि यह पुस्तक भारत के एक महानतम नेताओं में से एक, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को अर्पित उपयुक्त श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन केवल तस्वीरों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक ऐसे राजनेता का उत्सव है, जिनका जीवन और विरासत राष्ट्र को निरन्तर प्रेरणा देती है।
श्री वाजपेयी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें श्री वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान 12वें और 13वें लोकसभा के सदस्य के रूप में सेवा देने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि 1974 में कोयंबटूर में उन्होंने एक जनसभा का आयोजन किया था, जिसे श्री वाजपेयी ने संबोधित किया था, इस स्मरण को साझा करते हुए उन्होंने इसे अपने सार्वजनिक जीवन के प्रारंभिक वर्षों का अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव बताया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि संसद सदस्य से प्रधानमंत्री तक श्री वाजपेयी की यात्रा भारतीय लोकतंत्र की ताकत को प्रतिबिंबित करती है। तीव्र राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के दौरान भी, उन्होंने अपनी निष्ठा, समावेशी दृष्टिकोण और गरिमापूर्ण आचरण के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच सम्मान अर्जित किया।
श्री वाजपेयी के नेतृत्व की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने पोखरण परमाणु परीक्षण और दिल्ली मेट्रो जैसी दूरदर्शी अवसंरचना पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी ने यह दिखाया कि ताकत और संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकती हैं और वे हमेशा संवाद, लोकतंत्र और विकास को मार्गदर्शक सिद्धांत मानते थे।
श्री वाजपेयी को एक उत्कृष्ट कवि, दूरदर्शी और संसद सदस्य के रूप में वर्णित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके भाषण संसद और देश दोनों को प्रभावित करते थे और उनमें बिना अप्रिय हुए असहमति जताने की दुर्लभ क्षमता थी — एक ऐसा गुण, जो सार्वजनिक जीवन में आवश्यक है।
कॉफी टेबल बुक की रचना के लिए श्री विजय गोयल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह कार्य दुर्लभ तस्वीरों, व्यक्तिगत किस्सों और अभिलेखीय सामग्री के माध्यम से इतिहास को जीवंत स्मृति के रूप में संरक्षित करता है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक देशभर में घरों और संस्थानों तक पहुंचेगी, विशेष रूप से नई पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता, लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव के आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगी।
इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान; हरियाणा के राज्यपाल प्रो. अशिम कुमार घोष; राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े; पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी; और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय गोयल सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
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पीके/केसी/जेके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2231372)
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