महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन (शी-बॉक्स) का आयोजन किया


केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने 'शी-बॉक्स' लोगो, पॉश स्वैच्छिक अनुपालन जाँच सूची, मिशन शक्ति ऐप के साथ 'शी-बॉक्स' का एकीकरण और 'शी-बॉक्स' पोर्टल पर कर्मयोगी भारत पॉश प्रशिक्षण लिंक का शुभारंभ किया

राष्ट्रीय कार्यस्थल सुरक्षा प्रतिज्ञा दिलाई गई

इस पहल का उद्देश्य देश भर के कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षा और सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देना है

प्रविष्टि तिथि: 14 FEB 2026 5:04PM by PIB Delhi

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आज (14 फरवरी 2026) विज्ञान भवन, नई दिल्ली में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा (शी-बॉक्स) पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।

यह सम्मेलन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी; महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर और संसद सदस्यों- श्री सुधांशु त्रिवेदी, श्रीमती रेखा शर्मा, श्रीमती लवली आनंद और श्रीमती शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी; आंतरिक समितियों (आईसी) और स्थानीय समितियों (एलसी) के अध्यक्ष और सदस्य; नोडल अधिकारी; अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि; उद्योग जगत के प्रमुख; नागरिक समाज के प्रतिनिधि और अन्य प्रमुख हितधारक भी शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने 'शी-बॉक्स' के माध्यम से हुई संस्थागत प्रगति का उल्‍लेख करते हुए कहा कि 1.5 लाख से अधिक कार्यस्थलों को इसमें शामिल किया गया है और प्रत्येक जिले में स्थानीय समितियां सक्रिय हैं जिससे एक राष्ट्रव्यापी सुरक्षा ढांचे की स्थापना हुई है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की श्रम शक्ति में भागीदारी 42 प्रतिशत है और 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत हैं इसलिए व्यापक कवरेज और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

इसके बाद "महिलाओं की समानता और आर्थिक भागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के चालक के रूप में सुरक्षित कार्यस्थल" शीर्षक वाली एक विषयगत फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

उद्घाटन सत्र के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने शी-बॉक्स लोगो, पॉश स्वैच्छिक अनुपालन जाँच सूची, मिशन शक्ति ऐप के साथ शी-बॉक्स का एकीकरण और शी-बॉक्स पोर्टल पर कर्मयोगी भारत पॉश प्रशिक्षण लिंक प्रारंभ किया। उन्होंने राष्ट्रीय कार्यस्थल सुरक्षा शपथ भी दिलाई जिससे देशभर में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को बल मिला।

अपने मुख्य भाषण में श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा केवल एक वैधानिक आवश्यकता नहीं है बल्कि न्याय और समानता के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 'शी-बॉक्स' पोर्टल पर 1.48 लाख से अधिक संस्थान पंजीकृत हैं, 60,000 से अधिक आंतरिक समितियां सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और पिछले छह वर्षों में महिला श्रम बल की भागीदारी 23 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत हो गई है। इससे पता चलता है कि भारत उत्तरदायी और महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में निर्णायक बदलाव देख रहा है। 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऐतिहासिक लैंगिक बजट आवंटन का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने दोहराया कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का केंद्रबिंदु हैं और वास्‍तव में एक विकसित भारत वह होगा जहां हर महिला बिना किसी डर के काम कर सके और नेतृत्व कर सके।

इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए, राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने अपने विशेष संबोधन में कार्यस्थल सुरक्षा को मौलिक अधिकार बताया। उन्होंने सशक्तिकरण के व्यापक तंत्र के बारे में बताया जिससे अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी मजबूत हुई है - 2023-24 में महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी बढ़कर लगभग 41.7 प्रतिशत होने से लेकर मुद्रा ऋणों का 70 प्रतिशत महिलाओं को दिये जाने, पीएम स्वनिधि लाभार्थियों में 44 प्रतिशत महिलाएं होने और 90 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक महिलाओं का जुड़ा होना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये आंकड़े प्रगति दर्शाते हैं, लेकिन अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक महिला जीवन के हर क्षेत्र में सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे।

इन्हीं भावनाओं को दोहराते हुए, राज्यसभा सांसद श्री सुधांशु त्रिवेदी ने इस बात पर जोर दिया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की समानता और न्याय के प्रति संवैधानिक प्रतिबद्धता का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि पॉश अधिनियम और शी-बॉक्स पोर्टल जैसे विधायी और संस्थागत तंत्र सभी क्षेत्रों में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वास को मजबूत करते हैं।

देशव्यापी पॉश प्रशिक्षण वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सुरक्षित कार्यस्थलों को बढ़ावा देने में नए श्रम संहिता की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

"अनुपालन को मजबूत करना और सुरक्षित कार्यस्थल संस्कृति का निर्माण करना" विषय पर एक पैनल चर्चा में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, संसद, भारत के सर्वोच्च न्यायालय, संयुक्त राष्ट्र महिला और अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी), विश्व बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ कार्यस्थल सुरक्षा और लैंगिक अधिकारों के विशेषज्ञ भी शामिल हुए।

इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य संस्थागत उत्तरदायित्‍व को मजबूत करना, वैश्विक सर्वोत्तम व्‍यवस्‍थाओं को साझा करना और संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में अनुपालन तंत्र को बढ़ाना था ताकि सुरक्षित और अधिक समावेशी कार्यस्थलों का निर्माण किया जा सके।

इस सम्मेलन में सरकारी और निजी क्षेत्रों के 160 से अधिक संगठनों के लगभग 1,500 प्रतिभागियों ने भाग लिया और 40,000 से अधिक लोग लाइव वेबकास्ट के माध्यम से वर्चुअली जुड़े जिससे व्यापक स्तर पर इसकी पहुंच सुनिश्चित हुई।

इस पहल का उद्देश्य पॉश प्रावधानों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना, अनुपालन को मजबूत करना, शी-बॉक्स को अपनाने को बढ़ाना और देश भर में कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षा और सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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पीके/केसी/पीपी/आर


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