प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित के माध्यम से विचार और कर्म के अनुशासन के महत्व पर जोर दिया
प्रविष्टि तिथि:
05 FEB 2026 9:49AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज जीवन में स्पष्ट सोच और दृढ़ कार्रवाई के महत्व पर जोर दिया। संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए उन्होंने अनिर्णय और अस्थिरता के परिणामों को उजागर किया।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि निर्णय न ले पाने से मन कमजोर होता है और लक्ष्य डगमगा जाता है। उन्होंने कहा कि एक बार मूलभूत कार्य शुरू हो जाने के बाद, चुनौतियां और भी गहरी तथा जटिल हो जाती हैं और ऐसे में अनुशासन, एकता तथा अटूट संकल्प की आवश्यकता होती है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित को उद्धृत किया:
“विकल्पमात्रावस्थाने वैरूप्यं मनसो भवेत्।
पश्चान्मूलक्रियारम्भगम्भीरावर्तदुस्तरः।।”
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पीके/केसी/बीयू/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2223546)
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