गृह मंत्रालय
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गृह मंत्रालय की झांकी में नवीन न्याय संहिताओं के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन और प्रौद्योगिकी-संचालित न्यायिक सुधारों को प्रदर्शित किया जाएगा

प्रविष्टि तिथि: 24 JAN 2026 7:26PM by PIB Delhi

गृह मंत्रालय एक झांकी प्रस्तुत करेगा जो नवीन न्याय संहिता, यानी भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन को उजागर करेगी, जो 1 जुलाई 2024 से लागू हैं। इन तीनों कानूनों का अधिनियमन इस सदी के सबसे बड़े सुधारों में से एक रहा है। दंड के सिद्धांत पर आधारित औपनिवेशिक विरासत को हटाकर, ये कानून 'न्याय' के भारतीय दर्शन को अपनाकर विकसित भारत की आकांक्षा का प्रतीक हैं (दंड से न्याय की ओर)।

यह झांकी 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाएगी, जो नए कानूनों के राष्ट्रव्यापी संचालन और भारत के एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित न्याय प्रणाली में संक्रमण को उजागर करेगी।

प्रदर्शित की गई प्रमुख विशेषताओं में डिजिटल साक्ष्य संग्रह के लिए ई-साक्ष्य का इस्‍तेमाल, बायोमेट्रिक पहचान के लिए राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस), ई-समन जो अदालतों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जाने वाले डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित समन को सक्षम बनाता है, और वर्चुअल सुनवाई जैसी प्रौद्योगिकी-सक्षम अदालत प्रक्रियाएं शामिल हैं। यह इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) ढांचे के तहत पुलिस, फोरेंसिक, अभियोजन, अदालतों और जेलों के बीच सहज एकीकरण का प्रतिनिधित्व करता है। झांकी में दर्शाई गई मोबाइल फोरेंसिक इकाइयां अपराध स्थलों पर बेहतर फोरेंसिक पहुंच और त्वरित कार्रवाई का प्रतीक हैं।

यह झांकी एकीकृत नियंत्रण-कक्ष प्रणालियों, सीसीटीवी कैमरों जैसे उन्नत निगरानी के इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और क्षेत्र संचालन तथा कार्रवाई संबंधी इकाइयों में प्रशिक्षित महिला पुलिस कर्मियों की बढ़ती भूमिका के माध्यम से दर्शाए गए त्वरित कार्रवाई प्रणाली को भी उजागर करती है। नए कानूनों के तहत दंड के एक सुधारात्मक रूप के रूप में सामुदायिक सेवा को शामिल करना न्याय के प्रति एक प्रगतिशील और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।

कानून की नई पुस्तकों का बहुभाषी प्रतिनिधित्व पहुंच, समावेशिता और पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सुनिश्चित करता है कि सुधरा हुआ कानूनी ढांचा देश भर के नागरिकों के लिए समझने योग्य और सुलभ हो।

गृह मंत्रालय की झांकी एक आधुनिक, पेशेवर और प्रौद्योगिकी-संचालित न्याय प्रणाली की ओर भारत के निर्णायक कदम को दर्शाती है। यह संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करती है और न्याय वितरण में निश्चितता, गति और गरिमा के माध्यम से सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करती है।Bottom of Form

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पीके/केसी/एसकेएस/एमबी


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