उप राष्ट्रपति सचिवालय
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने उप-राष्ट्रपति भवन में ‘सरदार कथा’ कार्यक्रम में भाग लिया; राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की
उपराष्ट्रपति ने युवाओं से सरदार पटेल के एकता, अनुशासन और राष्ट्र-निर्माण के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया; कहा - ‘विकसित भारत @2047’ की ओर भारत की यात्रा को बड़ी महत्वाकांक्षा और सामूहिक संकल्प से प्रेरित होना चाहिए
प्रविष्टि तिथि:
31 OCT 2026 6:07PM by PIB Delhi
उपराष्ट्रपति, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में उप-राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'सरदार कथा' कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जानी-मानी कथा वाचिका डॉ. शोभना राधाकृष्णन ने सरदार पटेल के जीवन, उनके आदर्शों और राष्ट्र के प्रति उनके असाधारण योगदान पर एक प्रेरणादायक कथा प्रस्तुत की।
उपराष्ट्रपति ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की कहानी केवल भारत के महानतम नेताओं में से एक की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारत की एकता, साहस और राष्ट्र-निर्माण की भी कहानी है।
उपराष्ट्रपति ने भारत के राजनीतिक एकीकरण में सरदार पटेल के महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के समय देश के सामने बहुत बड़ी चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा कि बंटवारे के कारण अनिश्चितता का माहौल था और 550 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने की चुनौती थी। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, समझाने-बुझाने की कला, प्रशासनिक क्षमता और दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से, सरदार पटेल ने इस ऐतिहासिक कार्य को पूरा किया और एक 'अखंड भारत' के सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके इस असाधारण योगदान के लिए सदैव उनका ऋणी रहेगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, सरदार पटेल द्वारा प्रतिपादित एकता की भावना को 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय मिशन में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 से लेकर आज तक की भारत की यात्रा में साहस, दृढ़ संकल्प और सामूहिक इच्छाशक्ति दिखाई देती है; वहीं, वर्ष 2047 तक की आगे की यात्रा और भी बड़ी महत्वाकांक्षाओं, आकांक्षाओं और प्रतिबद्धता से भरी होनी चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने सरदार पटेल के आदर्शों की आज भी प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि सत्य, सादगी, साहस, अनुशासन और समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सेवा - ये ऐसे मूल्य हैं जिन्हें राष्ट्र को अपनाए रखना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लें और अपनी अपार ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र-निर्माण के रचनात्मक कार्यों में लगाएं।
श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने संबोधन के समापन पर डॉ. शोभना राधाकृष्ण और उनकी टीम की सराहना की। डॉ. शोभना राधाकृष्ण और उनकी टीम ने 'कथा' की चिरंतन परंपरा के माध्यम से सरदार पटेल के जीवन और उनकी विरासत को दर्शकों के करीब पहुँचाया। उपराष्ट्रपति ने कहा, "सरदार पटेल ने हमें एक एकजुट भारत दिया। इसे एकजुट, मजबूत और न्यायपूर्ण बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। भारत एक है, और सदैव एक ही रहेगा!"
इस कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर नई दिल्ली के सरदार पटेल चौक और उप-राष्ट्रपति भवन में सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की।
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(रिलीज़ आईडी: 2330980)
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