युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
भारत में बॉक्सिंग व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए एनएसडीएफ और एसएआई ने इंडियन ऑयल के साथ साझेदारी की
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश में एक समग्र बॉक्सिंग प्रणाली बनाने का आह्वान किया
इंडियन ऑयल द्वारा प्रतिभाओं की पहचान, एथलीटों के विकास, कोचिंग और खेल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए निवेश किए जाने से भारतीय बॉक्सिंग व्यवस्था को दो वर्षों में ₹40 करोड़ की मदद मिली
डीपीई के कॉमन सीएसआर थीम फ्रेमवर्क में खेलों को शामिल किए जाने के बाद एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए
प्रविष्टि तिथि:
13 OCT 2026 5:42PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ), भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने प्रतिभाओं की पहचान और एथलीट विकास पर केंद्रित एक व्यवस्थित कार्यक्रम के ज़रिए भारत में बॉक्सिंग को मज़बूत करने के लिए साझेदारी की है।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी (सीएसआर) के रणनीतिक इस्तेमाल के महत्व पर ज़ोर दिया है। इस बात का ज़िक्र नई खेलो इंडिया योजना में किया गया है, जिसे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंज़ूरी दी थी।

डॉ. मांडविया ने कहा, "नई खेलो इंडिया योजना के तहत सरकार कॉर्पोरेट साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ा रही है। इस तरह की सीएसआर आधारित साझेदारी से खेलों के लिए सही मायने में राष्ट्रीय प्रणाली बनाने में मदद मिलेगी।"
यह एमओयू ऐसे वक्त में साइन किया गया है, जब सार्वजनिक उद्यम विभाग के कॉमन सीएसआर थीम फ्रेमवर्क के तहत खेलों को एक खास थीम वाले क्षेत्र के तौर पर शामिल किया गया है। यह खेलों के विकास में कॉर्पोरेट की भागीदारी को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
इस साझेदारी के तहत, इंडियन ऑयल दो साल में ₹40 करोड़ की राशि देगा, इसका इस्तेमाल प्रतिभाओं की पहचान, एथलीटों के विकास, कोचिंग, खेल विज्ञान, वैश्विक अवसर, बॉक्सिंग अकादमियों को मज़बूत करने और कोच, रेफरी तथा तकनीकी अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
डॉ. मांडविया ने आगे कहा, "यह एमओयू खेलों में कॉर्पोरेट क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करता है। सिर्फ बॉक्सिंग में ही नहीं, बल्कि हर खेल में कॉर्पोरेट कंपनियों को आगे आना चाहिए और मदद करनी चाहिए। शुरुआती दौर में खेलों को सहारे की ज़रूरत होती है। बाद में, जब एक व्यवस्था बन जाती है, तो खेल खुद-ब-खुद चलने लगते हैं और निवेश भी आने लगता है।"

डॉ. मांडविया ने कहा, "महज़ आर्थिक मदद ही काफी नहीं है, बॉक्सिंग का एक पूरा इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिभाओं की पहचान करना और उपकरण, खेल विज्ञान, सुविधाओं, कोचों के विकास और रेफरी के प्रशिक्षण में निवेश करना ज़रूरी है।"
आज साइन किए गए एमओयू का मकसद इंडियन ऑयल की कॉर्पोरेट सामाजिक ज़िम्मेदारी (सीएसआर) मदद, खेलों के विकास के लिए संसाधन जुटाने में एनएसडीएफ की भूमिका और एसएआई की तकनीकी जानकारी को एक साथ लाना है।

इससे बॉक्सर्स को अच्छी कोचिंग, वैज्ञानिक मदद, प्रशिक्षण की सुविधाएँ और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियागिताओं के मौके मिलेंगे।
यह साझेदारी भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक अहम समय पर हुई है। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सर्स ने छह मेडल जीते, जिनमें तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदक शामिल थे।
इस पहल का मकसद उभरते और बेहतरीन बॉक्सर्स के लिए विकास का रास्ता मज़बूत करके इस प्रदर्शन को और बेहतर बनाना है।

यह एमओयू केंद्रीय खेल मंत्रालय में सचिव (खेल) श्री हरि रंजन राव, खेल मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री अजय सिंह और इंडियन ऑयल की एचआर निदेशक सुश्री रश्मि गोविल की मौजूदगी में साइन किया गया।
भारत सरकार ने 1998 में चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट, 1890 के तहत राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) बनाया था। यह कोष खेल के विकास के लिए लोगों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से संसाधन जुटाने में मदद करता है। यह फंड सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की संस्थाओं के साथ मिलकर खिलाड़ियों के विकास, खेलों से जुड़ी अवसंरचना, अकादमियों, खास कोचिंग, उपकरणों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने से जुड़ी पहलों में मदद करता है।
*****
पीके/केसी/आरटी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2322956)
आगंतुक पटल : 52