विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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स्वदेशी बहु-गैस संवेदक मंच के विकास के लिए टीडीबी ने मल्टी नैनो सेंस टेक्नोलॉजीज के साथ 37.51 करोड़ रुपये की आरडीआई सहायता के लिए समझौता किया


एमईएमएस-आधारित संवेदक और एएफई एसओसी को टीआरएल-4 से टीआरएल-9 तक उन्नत किया जाएगा, जिससे उन्नत संवेदक और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की क्षमताएं मजबूत होंगी

प्रविष्टि तिथि: 29 SEP 2026 5:14PM by PIB Delhi

औद्योगिक सुरक्षा और हाइड्रोजन अवसंरचना से लेकर ऊर्जा प्रणालियों और प्रक्रिया निगरानी तक, गैसों का पता लगाने और उनकी सटीक माप करने की क्षमता उभरती प्रौद्योगिकियों की एक व्‍यापक रेंज में लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इस क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देते हुए, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने, अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) निधि के अंतर्गत, महाराष्ट्र के नागपुर स्थित मेसर्स मल्टी नैनो सेंस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ 37.51 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कुल 75.02 करोड़ रुपये की अनुमोदित लागत वाली यह परियोजना एमईएमएस + एएफई एसओसी बहु-गैस संवेदक मंच के विकास पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी को टीआरएल-4 से टीआरएल-9 तक ले जाना है। यह सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण (ओसीडी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

मल्टी नैनो सेंस एक स्वदेशी एमईएमएस टीसीडीआईआर गैस संवेदक और सीएमओएस एएफई एसओसी मंच विकसित कर रही है, जिसका उद्देश्य एक सघन रूप में विश्वसनीय और व्यापक स्तर पर उपयोग योग्य बहु-गैस संवेदन को सक्षम बनाना है। यह प्रौद्योगिकी सिग्नल के अधिग्रहण और प्रसंस्करण के लिए एक एमईएमएस-आधारित संवेदन तत्व को अनुप्रयोग-विशिष्ट फ्रंट-एंड सिस्टम-ऑन-चिप के साथ एकीकृत करती है। यह मंच रिसाव का पता लगाने, प्रक्रिया नियंत्रण तथा स्वास्थ्य और सुरक्षा निगरानी जैसे अनुप्रयोगों के लिए तैयार किया गया है और रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल, विद्युत, पीएनजी अवसंरचना, औद्योगिक सुरक्षा, बैटरी तथा हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न उद्योगों में इसके उपयोग की संभावनाएं हैं।

प्रस्तावित संवेदक मंच को उच्च संवेदनशीलता, कम बिजली खपत, लघु आकार और बुद्धिमत्‍तापूर्ण सिग्नल प्रसंस्करण के लिए एमईएमएस गैस संवेदक और कस्टम एएफई एसओसी के संयोजन पर आधारित डिजाइन किया गया है। यह प्रौद्योगिकी व्‍यापक तापमान सीमा में तथा कठिन औद्योगिक परिवेश में कार्य करने के लिए अभिकल्पित है और इसमें स्वचालित अंशांकन, पर्यावरणीय मापदंडों के लिए क्षतिपूर्ति तथा सॉफ्टवेयर-आधारित गैस लाइब्रेरी प्रसंस्करण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। 200 मिलीसेकंड से कम के लक्षित प्रतिक्रिया समय के साथ, यह मंच ऐसे अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया जा रहा है जिनमें त्वरित पहचान और निगरानी की आवश्यकता होती है। 25 मि.मी. × 25 मि.मी. × 15 मि.मी. से कम आकार वाले संवेदक पैकेज वाली इसकी सघन संरचना, बैटरी से संचालित और एम्बेडेड अनुप्रयोगों के लिए भी संभावनाएं खोलती है।

आरडीआई समर्थित कार्यक्रम मल्टी नैनो सेंस को संवेदक और एएफई एसओसी मंच के आगे के विकास, एकीकरण, परीक्षण, सत्यापन और विस्तार का कार्य करने में सक्षम बनाएगा, जिसका अंतिम उद्देश्य प्रौद्योगिकी को टीआरएल-9 तक ले जाना है। यह परियोजना डीप टेक्नोलॉजी क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसमें क्वांटम टेक्नोलॉजी को उप-क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। यद्यपि इसका तात्कालिक अनुप्रयोग उन्नत बहु-गैस संवेदन है, अंतर्निहित मंच एमईएमएस, सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक्स और बुद्धिमत्‍तापूर्ण संवेदन को एकीकृत करता है, जो स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षमताओं के निर्माण के लिए तेजी से महत्वपूर्ण होते जा रहे क्षेत्र हैं।

श्री राजेश कुमार पाठक, सचिव, टीडीबी ने कहा, “सेंसर कई आधुनिक प्रौद्योगिकी प्रणालियों की आधारशिला हैं और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता तथा रणनीतिक आत्मनिर्भरता, दोनों के लिए संवेदन और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों में स्वदेशी क्षमताएं महत्वपूर्ण हैं। आरडीआई निधि हमें उन प्रौद्योगिकियों को सहायता प्रदान करने में सक्षम बनाती है, जिन्हें व्यापक वाणिज्यिक परिनियोजन तक पहुंचने से पहले निरंतर विकास की आवश्यकता होती है। मल्टी नैनो सेंस के साथ हुआ यह समझौता दर्शाता है कि इस प्रकार की सहायता भारतीय डीप-टेक कंपनियों को उन्नत सेंसर प्रौद्योगिकियों को विकास के चरण से बढ़ाकर बड़े पैमाने पर उत्पादन योग्य, बाजार के लिए तैयार समाधानों में बदलने में किस प्रकार मदद कर सकती है।”

मल्टी नैनो सेंस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ने कहा, “टीडीबी से प्राप्त आरडीआई सहायता हमें अपनी एमईएमएस गैस-सेंसिंग प्रौद्योगिकी को एकीकरण, सत्यापन और व्यापक स्तर पर उत्पादन के अगले चरण तक ले जाने में सक्षम बनाएगी। हमारा उद्देश्य एक ऐसा सघन, कम बिजली खपत वाला और व्यापक स्तर पर उपयोग योग्य बहु-गैस संवेदक मंच विकसित करना है, जो विभिन्न उद्योगों में चुनौतीपूर्ण अनुप्रयोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके। यह सहायता प्रौद्योगिकी को टीआरएल-9 तक ले जाने और एमईएमएस तथा सेंसर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

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