इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन ने महाराष्ट्र मंत्रालय में कार्यशाला का आयोजन किया; समावेशी डिजिटल शासन के लिए बहुभाषी एआई को बढ़ावा
महाराष्ट्र के भाषा विभाग के साथ किए गए संवाद में मराठी और अन्य भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं तक पहुंच सुदृढ़ करने के लिए भाषा एआई की क्षमता का पता लगाया गया
प्रविष्टि तिथि:
10 SEP 2026 12:51PM by PIB Delhi
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) के डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन (डीआईबीडी) ने महाराष्ट्र मंत्रालय में महाराष्ट्र सरकार के भाषा विभाग के सहयोग से एक कार्यशाला का आयोजन किया। इसका उद्देश्य डिजिटल सेवाओं, सरकारी सूचनाओं और नागरिकों के लिए उपयोगी अनुप्रयोगों तक पसंदीदा भाषाओं में पहुंच को मजबूत करने में बहुभाषी और ध्वनि-आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की क्षमता का पता लगाना था।
इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य समावेशी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन को सक्षम बनाने में भाषा एआई की भूमिका, विशेष रूप से मराठी और अन्य भारतीय भाषाओं में भाषा प्रौद्योगिकियों को नागरिकों के निकट लाने पर प्रकाश डालना था। इसमें उन डिजिटल प्रणालियों के निर्माण के महत्व पर बल दिया गया जो लोगों द्वारा अपने दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली भाषाओं को समझ सकें, संसाधित कर सकें और उनमें संवाद कर सकें।

भाषिनी टीम ने वाक् पहचान, वाक्-से-पाठ, पाठ-से-भाषण, अनुवाद और ध्वनि-आधारित अंतःक्रिया के लाइव प्रदर्शनों के माध्यम से अपनी बहुभाषी एआई क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों से यह स्पष्ट हुआ कि इन प्रौद्योगिकीयों को सार्वजनिक सेवाओं में कैसे एकीकृत किया जा सकता है ताकि नागरिकों और डिजिटल प्रणालियों के बीच अधिक सहज और समावेशी अंतःक्रिया संभव हो सके।
कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु स्थानीय प्रासंगिक एआई प्रणालियों के विकास में उच्च गुणवत्ता वाले और प्रतिनिधि भाषा डेटा के महत्व पर था। चर्चाओं में भाषा विशेषज्ञों, सरकारी संस्थानों, शिक्षाविदों और समुदायों की अधिक भागीदारी के अवसरों पर प्रकाश डाला गया ताकि भाषा डेटासेट को मजबूत किया जा सके और मराठी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के लिए भाषा एआई को आगे बढ़ाया जा सके। इस संदर्भ में, भाषिनी की क्राउडसोर्सिंग पहल, भाषादान, नागरिकों को भाषा डेटा का योगदान करने और मजबूत भाषा संसाधन बनाने में मदद करने के लिए एक मंच प्रदान करती है।

इस संवाद में विभाग-विशिष्ट भाषा एआई की संभावनाओं का भी पता लगाया गया, जिसमें सरकारी विभागों में प्रयुक्त विशेष शब्दावली को शामिल करना भी शामिल था। ऐसी क्षमताएं सरकारी कंटेंट की समझ और प्रसंस्करण को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं, साथ ही सार्वजनिक सेवाओं में अधिक प्रभावी बहुभाषी संचार को सक्षम बना सकती हैं।
चर्चाओं में महाराष्ट्र केंद्रित बहुभाषी एआई इकोसिस्टम की संभावनाओं का और अधिक विस्तार से पता लगाया गया। इसमें प्रस्तावित महाभाषिनी अवधारणा भी शामिल है, ताकि पर्यटन, परिवहन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भाषा-समावेशी अनुभवों को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यशाला ने महाराष्ट्र सरकार और भाषिनी के बीच प्राथमिकता वाले उपयोग के मामलों और सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर भी प्रदान किया।
कार्यशाला में सरकारी अधिकारियों, भाषा विशेषज्ञों और हितधारकों को एकत्रित किया गया ताकि वे विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और भाषा प्रौद्योगिकी, डेटासेट, अनुसंधान और भाषा एआई के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में सहयोग के अवसरों की पहचान कर सकें।

महाराष्ट्र मंत्रालय में आयोजित यह कार्यक्रम समावेशी बहुभाषी डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण में केंद्र-राज्य सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और कदम है, जहां भाषा पहुंच, भागीदारी और डिजिटल सशक्तिकरण का साधन बन जाती है।
डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन (डीआईबीडी) के बारे में:
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन (डीआईबीडी) एआई-संचालित बहुभाषी डिजिटल समावेशन के लिए एक राष्ट्रीय इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। भाषिनी 36 भारतीय पाठ भाषाओं, 23 भारतीय ध्वनि भाषाओं और 35 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं की सहायता करता है, 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को संचालित करता है, 9 बिलियन से अधिक संचयी एआई अनुमानों को सक्षम कर चुका है। यह प्रतिदिन 24 मिलियन से अधिक एआई अनुमानों को संसाधित करता है, जिससे भाषा एआई के माध्यम से डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को अधिक सुलभ बनाने में मदद मिलती है। नेशनल हब फॉर लैंग्वेज टेक्नोलॉजी (एनएचएलटी) विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) में सबसे बड़े इंफेरेंसिंग प्लेटफार्मों में से एक है, जो सरकारी और सार्वजनिक डिजिटल सेवाओं में भाषा एआई के बढ़ते उपयोग में सहायता करता है।
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पीके/केसी/एसकेजे/ओपी
(रिलीज़ आईडी: 2308646)
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