कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
एमएसडीई द्वारा 'महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका निर्माण' विषय पर 'स्किल मंथन' का आयोजन
'स्किल मंथन' के उद्घाटन सत्र में श्री जयंत चौधरी: देश के जिले आर्थिक विकास और सुधार के इंजन हैं
प्रविष्टि तिथि:
09 SEP 2026 6:09PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने 'महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका निर्माण' विषय केंद्रित 'स्किल मंथन' का उद्घाटन सत्र आयोजित किया। इस वर्चुअल संवाद में उत्तर प्रदेश के मेरठ और बिजनौर तथा आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले से आए अभिनव पहल और प्रयासों को प्रस्तुत किया गया। इसमें यह दर्शाया गया कि कैसे जिला प्रशासन कौशल विकास, उद्यमिता, वित्त, प्रौद्योगिकी और बाज़ार पहुँच को मिलाकर महिलाओं के लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित कर सकता है।
यह 'स्किल मंथन' एक ज्ञान-साझाकरण मंच के रूप में कार्य करेगा, जो अभिनव और प्रभावशाली जिला-स्तरीय प्रयासों को प्रदर्शित करेगा।
भारत सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने इस पहल पर बोलते हुए कहा, "जिला प्रशासन वास्तव में विकास, सुधार और परिवर्तन के इंजन हैं। हमारी जिला-आधारित योजना दृष्टिकोण के माध्यम से, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कौशल विकास के सभी प्रयास स्थानीय आवश्यकताओं से संचालित हों और उद्योग, विशेष रूप से एमएसएमई की आवश्यकताओं के अनुरूप हों। जिला कौशल विकास योजनाओं द्वारा समर्थित, कौशल विकास एजेंडा देश के सभी जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है, जो युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक प्रतिक्रियाशील, मांग-संचालित और प्रभावशाली परिणाम सक्षम बनाने का काम करती है।"
कौशल विकास मंत्रालय की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने कहा, "भारत की कौशल विकास आकांक्षाएँ तभी पूरी हो सकती हैं जब कौशल विकास स्थानीय वास्तविकताओं से संचालित हो। जिला आवश्यकताओं और रोज़गार के अवसरों के अनुरूप अति-स्थानीय (हाइपरलोकल) कौशल विकास, हमारी युवा पीढ़ी को प्रासंगिक कौशल से सज्जित करने और तेज़ी से बदलती अर्थव्यवस्था में उन्हें सार्थक आजीविका से जोड़ने के लिए आवश्यक है।"
जिला कलेक्टरों और जिला मजिस्ट्रेटों—उत्तर प्रदेश के बिजनौर की सुश्री जसजीत कौर, आंध्र प्रदेश के एनटीआर की डॉ. जी. लक्ष्मीशा और उत्तर प्रदेश के मेरठ के डॉ. विजय कुमार सिंह—ने कौशल विकास, उद्यमिता और बाज़ार एकीकरण के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अभिनव मार्ग प्रस्तुत किए।
मेरठ ने एक महिला-केंद्रित विनिर्माण मॉडल प्रदर्शित किया, जो बैडमिंटन रैकेट और शटलकॉक उत्पादन में व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोज़गार प्रदान करता है। बिजनौर ने 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी' को उजागर किया, जो ब्रांडिंग, बाज़ार पहुँच और उद्यम समर्थन के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सक्षम बनाने वाला एक जिला-व्यापी मंच है।
एनटीआर जिले के 'राइज़' (RISE) ने एक वन-स्टॉप पारिस्थितिकी तंत्र प्रस्तुत किया, जो कौशल विकास, ऋण सुविधा, मार्गदर्शन, रोज़गार लिंकेज और उद्यमिता समर्थन प्रदान करता है। यह दर्शाता हुआ कि स्थानीय संस्थाओं को मिलाकर महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए कैसे टिकाऊ अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
इस सत्र में कौशल विकास मंत्रालय की जिला प्रशासनों के साथ सहयोग को मज़बूत करने और सफल स्थानीय मॉडलों को दस्तावेज़बद्ध, साझा और पुनरावृत्त करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच सृजित करने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। 'स्किल मंथन' के माध्यम से, जिला-स्तरीय नवाचार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, आत्मनिर्भर समुदायों और 'विकसित भारत@2047' की दृष्टि में योगदान देगा।




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पीके/केसी/एमएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2308448)
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