शिक्षा मंत्रालय
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने कहा कि साक्षरता और शिक्षा की परिकल्पना सशक्तिकरण और सक्रिय नागरिकता के साधन के रूप में की जानी चाहिए
उल्लास शिक्षार्थियों को आत्मविश्वास, सम्मान और समाज में सार्थक भागीदारी के अवसरों के साथ सशक्त बना रहा है - श्री जयंत चौधरी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 मनाया
प्रविष्टि तिथि:
08 SEP 2026 8:05PM by PIB Delhi
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने आज कहा कि उल्लास शिक्षार्थियों को आत्मविश्वास, सम्मान और समाज में सार्थक भागीदारी के अवसरों के साथ सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए बच्चों को जोखिम लेने और रचनात्मकता के मूल्य सिखाये जाने चाहिए। मंत्री नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 के राष्ट्रीय समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री ने साक्षरता और शिक्षा की परिकल्पना सशक्तिकरण, रचनात्मकता, सम्मान और सक्रिय नागरिकता के साधन के तौर पर किये जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि साक्षरता को सिर्फ पढ़ने-लिखने की क्षमता से आगे बढ़ना चाहिए और इसमें समझ, ज्ञान का इस्तेमाल, वित्तीय ज्ञान और डिजिटल साक्षरता को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि शिक्षा को सतत विकास, आर्थिक भलाई और सक्रिय व ज़िम्मेदार नागरिक बनाने में योगदान देना चाहिए।
श्री चौधरी ने शिक्षार्थियों में जिज्ञासा, महत्वपूर्ण सोच-विचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के महत्व पर ज़ोर दिया और उल्लेख किया कि शिक्षा को युवाओं को न केवल ज्ञान, बल्कि तेज़ी से बदलती दुनिया में इसे सार्थक तरीके से इस्तेमाल करने का आत्मविश्वास और क्षमता भी देनी चाहिए। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और नागरिकों से अलग तरह से सोचने, मौजूदा हालात पर सवाल उठाने और एक नए भारत के निर्माण में रचनात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने कहा कि राज्य के सामूहिक प्रयासों से त्रिपुरा को 95.6% की साक्षरता दर हासिल करने में मदद मिली, जो भारत सरकार के पूरी तरह से साक्षर घोषित किए जाने के मानक को पार कर गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले तीन से चार साल में स्कूल छोड़ने की दर को, जितना संभव हो, कम से कम स्तर तक लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री रोहित ठाकुर; उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत; मिजोरम के शिक्षा और आईसीटी विभाग मंत्री डॉ. वनलालथलाना; और सिक्किम के स्कूल, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री राजू बसनेत मुख्य अतिथि थे। इस समारोह में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार; डीओएसईएल की अपर सचिव सुश्री अर्चना शर्मा अवस्थी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 के दो दिवसीय उत्सव के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था, जो इस वर्ष की थीम, "लोगों के लिए साक्षरता, पृथ्वी और समृद्धि" पर केंद्रित था। कल राष्ट्रीय बाल भवन में उल्लास मेले का आयोजन किया जाएगा। यह 29 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को एक साथ लाएगा और नव-साक्षरों, स्वयंसेवी शिक्षकों और अन्य हितधारकों को अपने अनुभव, उपलब्धियों, नवाचारों और सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने का एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 1-14 सितंबर, 2026 तक पूरे देश में साक्षरता पखवाड़ा आयोजित कर रहा है। इसमें कार्यशालाएं, सेमिनार, ग्राम पंचायत स्तर के कार्यक्रम, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, पंजीकरण अभियान, सोशल मीडिया अभियान और अन्य आउटरीच पहलों जैसी कई गतिविधियाँ होंगी। यह अभियान बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी में मदद करेगा, जिससे सभी नागरिकों में ‘कर्तव्यबोध’ और ‘जनभागीदारी’ की भावना पैदा होगी। इससे उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम - के विज़न के तहत भारत को पूरी तरह से साक्षर बनाने के लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी। यह अभियान “जन जन साक्षर” के विज़न को हासिल करने और एक ऐसा समाज बनाने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता सुनिश्चित करेगा, जहाँ हर व्यक्ति को प्राथमिक साक्षरता और ज़िंदगी भर सीखने के अवसर मिलते हों।
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पीके/केसी/जेके
(रिलीज़ आईडी: 2308115)
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