पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण फोरम का आयोजन 1 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ और बहु-हितधारक आदान-प्रदान सुगम बनेगा
प्रविष्टि तिथि:
31 AUG 2026 2:05PM by PIB Delhi
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव, जर्मनी के पर्यावरण, जलवायु संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा मंत्री कार्सटेन श्नाइडर के साथ, 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 'अधिक स्थिति अनुकूलता के लिए एक साथ' विषय पर चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण फोरम की सह-अध्यक्षता करेंगे।
यह फोरम भारत और जर्मनी के बीच पर्यावरण नीति पर सर्वोच्च द्विपक्षीय मंच है जो वर्ष 2008 से आयोजित हो रहा है। केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और जर्मनी का पर्यावरण, जलवायु संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और परमाणु सुरक्षा मंत्रालय इसे जर्मन एशिया-प्रशांत व्यापार समिति और भारतीय उद्योग संघों के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित कर रहा है।
इस अवसर पर श्री यादव और श्री श्नाइडर पर्यावरण संरक्षण और जलवायु नीति से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे ताकि, द्विपक्षीय सहयोग बढाए जा सके, अनुभव साझा किए जाएं और व्यावहारिक सहयोग बढे। फोरम में विषयगत सत्रों में निम्न-कार्बन उद्योगों; आर्द्रभूमि, पर्वतों और वन क्षेत्रों में जैव विविधता; संसाधन दक्षता और व्यावसायिक मॉडल के रूप में चक्रीय अर्थव्यवस्था तथा संधारणीय वित्त, हरित कौशल और निवेश जुटाने के क्षेत्रों में चुनौतियां, समाधान और अवसरों पर केंद्रित चर्चा की जाएगी।
यह फोरम दोनों देशों के बीच पर्यावरण और जलवायु सहयोग पर नीति निर्माताओं, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों, विचारकों और प्रमुख हितधारकों के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान का प्रमुख मंच बनेगा। फोरम में मंत्रालयों, व्यवसायों, विशेषज्ञ समूहों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
चौथे भारत-जर्मन पर्यावरण फोरम के आयोजन से पहले, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और चक्रीय अर्थव्यवस्था पर गठित तीन संयुक्त कार्य समूहों की इस वर्ष बैठक हुई। संबंधित कार्य समूहों ने अब तक की प्रगति और परस्पर हित क्षेत्रों पर चर्चा की।
भारत और जर्मनी के बीच मजबूत और बढ़ते आर्थिक और औद्योगिक संबंधों और दोनों देशों के बीच संवहनीय प्रौद्योगिकियों और हरित अर्थव्यवस्था में गहन सहयोग संभावनाओं को देखते हुए इस फोरम को काफी अहम माना जाता है।
***
पीके/केसी/एकेवी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2305011)
आगंतुक पटल : 127