सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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मंत्रालय ने मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए तीन लघु फिल्मों को अंतिम रूप दिया

वीडियो में प्रारंभिक चेतावनी संकेतों, राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 और माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया है

यह पहल नशामुक्त भारत अभियान के नशामुक्त समाज को बढ़ावा देने के लिए है

प्रविष्टि तिथि: 27 AUG 2026 5:14PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का विभाग देश में नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के लिए नोडल एजेंसी है। विभाग ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग और इसके हानिकारक प्रभावों के बारे में व्यापक जन जागरूकता पैदा करने के लिए 60 सेकंड की तीन लघु फिल्मों को अंतिम रूप दिया है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग मादक पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्परिणामों के बारे में आम जनता में जागरूकता पैदा करने और उन्हें शिक्षित करने के उद्देश्य से मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) को लागू कर रहा है।

इस योजना के तहत, विभाग ने 15 अगस्त 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान शुरू किया। इस प्रमुख अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता पैदा करना और नशा मुक्त समाज को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय ने जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निम्नलिखित विषयों पर तीन लघु फिल्मों को अंतिम रूप दे दिया है:

1. मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े प्रारंभिक चेतावनी संकेतों और व्यवहारिक परिवर्तनों को समझना, इसमें साथियों का दबाव भी शामिल है;

2. राष्ट्रीय नशामुक्ति एवं टेली-काउंसलिंग हेल्पलाइन—14446; और

3. मादक पदार्थों के सेवन की प्रारंभिक पहचान, रोकथाम और उपचार में माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका।

इन फिल्मों का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, समय पर क्रियाकलापों को प्रोत्साहित करना और मादक पदार्थों के सेवन के खिलाफ परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों द्वारा सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देना है।

यह वीडियो को निम्नलिखित गूगल लिंक के माध्यम से देखा जा सकता है:

तीन लघु फिल्में

 

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पीके/केसी/वीके/एम

 


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