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भारतीय डाक ने उन्नत डाक मित्र ऐप, डाक सेवा ऐप के साथ डिजिटल और अवसंरचना संबंधी बदलाव को गति दी


“सिर्फ एक क्लिक पर डाक सेवाएं: भारतीय डाक ने प्रौद्योगिकी-आधारित जनसेवा के नए युग में प्रवेश किया है”- केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप, भारतीय डाक एक आधुनिक, विश्वसनीय और प्रौद्योगिकी से लैस संस्थान के रूप में उभर रहा है

प्रविष्टि तिथि: 24 AUG 2026 8:38PM by PIB Delhi

डाक विभाग ने उन्नत डाक मित्र और डाक सेवा मोबाइल एप्लिकेशन के शुभारंभ और देश भर में 14 नवीनीकृत डाकघर भवनों के उद्घाटन के साथ डाक सेवा वितरण को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल रूप से सशक्त, नागरिक-केंद्रित और समावेशी भारत के विजन के अनुरूप, अपग्रेड किए गए एप्लिकेशन का शुभारंभ किया तथा नवीनीकृत डाकघर भवनों का उद्घाटन किया। इन पहलों का उद्देश्य अंतिम छोर तक सेवा वितरण को सुदृढ़ करना, नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाना और भारतीय डाक के डिजिटल बदलाव में तेजी लाना है।

केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, सचिव (डाक) श्री सुब्रत दास, डाक विभाग के महानिदेशक श्री जितेंद्र गुप्ता और सदस्य (संपदा) श्रीमती प्रतिमा नाथ उन्नत डाक मित्र और डाक सेवा एप्लिकेशन के शुभारंभ और 14 नवीनीकृत डाकघर भवनों के उद्घाटन के दौरान उपस्थित थे।

केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग प्रौद्योगिकी, नीतिगत सुधारों, संगठनात्मक परिवर्तन और आधुनिक अवसंरचना के कारण से बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। डाक सेवा और डाक मित्र के शुभारंभ का उल्लेख करते  हुए उन्होंने कहा कि ये पहल डाक सेवाओं को हर पीढ़ी के लिए अधिक सुलभ, सुविधाजनक और प्रासंगिक बनाने के विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने इन प्लेटफॉर्म्स को विकसित करने और डाक नेटवर्क को आधुनिक बनाने में शामिल टीमों को बधाई दी तथा इस बात पर जोर दिया कि भारतीय डाक की सोच, कार्यप्रणाली और नागरिकों को सेवा प्रदान करने के तरीके में व्यापक बदलाव आ रहा है।

केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि डाकघर की अवसंरचना के आधुनिकीकरण के साथ-साथ डाक सेवा और डाक मित्र का शुभारंभ, भारतीय डाक को और अधिक नागरिक-केंद्रित व प्रौद्योगिकी से लैस करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि कैसे 'डाक मित्र' डिजिटल टूल्स के माध्यम से डाक कर्मियों को घर-घर सेवा प्रदान करने में मदद करता है, जबकि 'डाक सेवा' 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध एक ही सुलभ प्लेटफॉर्म पर कई डाक सेवाओं की सुविधा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ये पहल भारतीय डाक के पारंपरिक विश्वास और सेवा की भावना को आधुनिक तकनीक, अधिक गति और आसान पहुंच के साथ जोड़ने के विभाग के दृष्टिकोण को दर्शाती है।

डाक विभाग आईटी 2.0 आधुनिकीकरण के तहत उन्नत डाक प्रौद्योगिकी (एपीटी) प्लेटफॉर्म के तहत डाक प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र (सीईपीटी) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित, उन्नत डाक मित्र (मोबाइल इंटरफेस फॉर ट्रांज़ैक्शन्स एंड रूरल असिस्टेंस) एप्लिकेशन 1.4 लाख से अधिक शाखा डाकघरों के लिए एक एकीकृत परिचालन मंच (प्लेटफॉर्म) के रूप में कार्य करता है। एंड्रॉइड आधारित हैंडहेल्ड उपकरणों के उपयोग के साथ, यह शाखा पोस्टमास्टरों को पेपरलेस और वास्तविक समय में डाक और वित्तीय लेन-देन करने की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें मेल बुकिंग, ओटीपी-आधारित डोरस्टेप डिलीवरी, कोर बैंकिंग सेवाएं, बीमा सेवाएं, आधार-आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी, नकद जमा और निकासी और घर पर ही पीएलआई/आरपीएलआई प्रीमियम जमा करना शामिल हैं।

डाक सेवा ऐप नागरिकों को 24 घंटे डाक सेवाओं की सुविधा देता है जिसमें ट्रैकिंग, बुकिंग, शिकायतें, डाकघर और पिन कोड लोकेटर और वित्तीय कैलकुलेटर शामिल है। साथ ही भाषिणी के माध्यम से 23 भारतीय भाषाओं में डाक सेवाओं का लाभ उठाने की सुविधा भी देता है। इसके साथ ही, डाक विभाग, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली के सहयोग से, एक डिजाइन मैनुअल के माध्यम से डाकघर की सुविधाओं का आधुनिकीकरण कर रहा है। यह मैनुअल कार्यक्षमता, सुलभता, परिचालन दक्षता और बेहतर ग्राहक अनुभव पर केंद्रित है, साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं के अनुकूल भी है।

डिज़ाइन मैनुअल चार मुख्य सिद्धांतों, जन सेवा के रूप में पहचान, नागरिक-केंद्रित सेवा प्रदान करना, प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार रहना, और स्थानीय आवश्यकतों के अनुरूप बदलाव की सुविधा के साथ मानकीकरण, पर आधारित है। इसमें पांच-क्षेत्र स्थानिक ढांचे को भी अपनाया गया है जिसमें अर्बन इंटरफ़ेस ज़ोन, ओपन एक्सेस फोरकोर्ट, ओपन एक्सेस सर्विसेज, सर्विस और ट्रांज़ैक्शन ज़ोन, और स्टाफ़ ज़ोन आते हैं, जिसे पहुंच, आवाजाही, परिचालन दक्षता और समग्र ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है।

प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के तहत, एसपीए डिजाइन मैनुअल के अनुसार कायाकल्प के लिए 17 राज्यों में 40 डाकघरों की पहचान की गई। 27 डाकघरों का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है, जिनमें से चार का उद्घाटन किया जा चुका है और 14 अन्य नवीनीकृत डाकघरों का उद्घाटन 24 अगस्त, 2026 को किया गया। प्रारंभिक चरण के तहत पहचान किए गए 40-डाकघरों में से शेष डाकघरों को 31 अगस्त, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पहल के अनुभव और सीख के आधार पर, विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान इस कार्यक्रम को 60 और डाकघरों तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। आज जिन 14 पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन किया गया, वे पाटलिपुत्र (बिहार), वसंत कुंज (दिल्ली), सेक्टर-56 गुरुग्राम (हरियाणा), कंकुरगाछी (कोलकाता), विदिशा और सांची (मध्य प्रदेश), शिलांग (मेघालय), कांदिवली वेस्ट (मुंबई), शंकर नगर और अयोध्या नगर (नागपुर), निराला नगर, गोमती नगर और इंदिरा नगर (लखनऊ), और प्रयागराज में हैं।

उद्घाटन किए गए डाकघरों में से एक डाकघर के आधुनिक इंटीरियर की एक झलक, जिसमें नागरिक-केंद्रित सेवा काउंटर, बैठने की बेहतर व्यवस्था और एक समकालीन भारतीय डाक डिजाइन शामिल है।

नवीनीकृत डाकघरों में भारतीय डाक की एक विशिष्ट पहचान, बेहतर साइनेज, नागरिक-केंद्रित लेआउट, समर्पित सेवा क्षेत्र और प्रौद्योगिकी-आधारित सुविधाएं हैं, जिनमें चौबीसों घंटे सातों दिन सेवा सुविधाएं, एटीएम, कार्यालय समय के बाद बुकिंग और जहां भी संभव हो, स्मार्ट पार्सल सेवाएं शामिल हैं। डाक मित्र और डाक सेवा के साथ मिलकर, यह आधुनिक अवसंरचना अंतिम छोर तक सेवा प्रदायगी को सुदृढ़ करती है, पहुंच और दक्षता को बढ़ाती है, तथा विभाग का दृष्टिकोण भारतीय डाक को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाना है, जो डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के अनुरूप अपनी विश्वसनीय विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ता है।

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पीके/केसी/एसके


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