जल शक्ति मंत्रालय
जल जीवन मिशन के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 75% ग्रामीण बस्तियों को सुजल गांव आईडी से जोड़ा गया
सुजल गांव और सुजलम भारत आईडी के माध्यम से जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जलापूर्ति के डिजिटल शासन को मजबूती
प्रविष्टि तिथि:
13 AUG 2026 4:49PM by PIB Delhi
‘सुजल गांव आईडी’ जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के डिजिटल निगरानी ढांचे के तहत जलापूर्ति सेवा क्षेत्र (बस्ती/बस्तियों) को प्रदान की जाने वाली एक विशिष्ट पहचान संख्या है, जो मिशन के तहत निर्धारित मानकों और मानदंडों को पूरा करती हैं। यह आईडी राष्ट्रीय जेजेएम डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जारी की जाती है और इसकी जानकारी जेजेएम डिजिटल इकोसिस्टम के माध्यम से संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी जाती है। सुजल गांव आईडी का उद्देश्य ग्रामीण पेयजल सेवा वितरण और स्थिरता में वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए जल आपूर्ति सेवा क्षेत्र (बस्ती/बस्तियों) की व्यवस्थित पहचान, निगरानी, रिपोर्टिंग, ट्रैकिंग और सत्यापन को सुगम बनाना है। 10.08.2026 तक, देश की कुल 16,96,213 ग्रामीण बस्तियों में से 12,67,808 बस्तियों (75%) को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में ‘सुजल गांव आईडी’ जारी की जा चुकी हैं।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) के अंतर्गत सुजलाम भारत को ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं (आरपीडब्ल्यूएसएस) के जीवनचक्र-आधारित और सेवा-उन्मुख प्रबंधन के लिए एक एकीकृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के रूप में विकसित किया गया है। यह जल आपूर्ति अवसंरचना की एकीकृत जानकारी प्रदान करने के लिए डिजिटल परिसंपत्ति रजिस्टरों, भू-स्थानिक मानचित्रण और निर्णय-सहायता प्रणालियों को एकीकृत करता है। पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत, यह जीआईएस-सत्यापित ढांचा उपलब्ध कराता है तथा ‘सुजलम भारत आईडी’ के माध्यम से ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान करता है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत सुजल गाँव आईडी और सुजलम भारत आईडी क्रमशः सेवा क्षेत्रों और ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं को विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान करते हैं। जीआईएस और संरचित हाइड्रोलिक लिंकेज के साथ इनका एकीकरण स्रोत से नल तक संपूर्ण मानचित्रण, परिसंपत्ति ट्रैकिंग और जीवनचक्र प्रबंधन को सक्षम बनाता है। यह मौजूदा योजनाओं की बेहतर योजना, निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायक है, साथ ही कमियों और दोहराव की पहचान करने तथा डेटा-आधारित निर्णय लेने और प्रभावी संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) को सक्षम बनाता है। इस प्रकार, ये डिजिटल आईडी पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करते हैं और जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में अनियमितताओं को कम करने में सहायक होते हैं।
यह जानकारी जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी ।
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पीके/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2299154)
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