सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को वार्षिक रिपोर्ट-2024-25 प्रस्तुत की
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आयोग से अनुसूचित जातियों के लिए सुरक्षा उपायों और कल्याणकारी उपायों के अधिक प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा संस्थागत तंत्रों को मजबूत और सुव्यवस्थित करने हेतु उपाय तैयार करने का आग्रह किया
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 8:28PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने आज राष्ट्रपति भवन में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को 2024-25 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की|
यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के अंतर्गत अनुसूचित जातियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों के कामकाज पर संवैधानिक जनादेश के अनुरूप है। इसमें अनुसूचित जातियों के प्रभावी कार्यान्वयन के साथ-साथ संरक्षण, कल्याण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए जाने वाले उपायों के लिए सिफारिशें शामिल हैं।
एनसीएससी के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस प्रतिनिधिमंडल में एनसीएससी के सदस्य श्री लव कुश कुमार, श्री वड्डेपल्ली रामचंदर, डॉ. पार्थ बिस्वास और एनसीएससी के सचिव श्री गुडे श्रीनिवास शामिल थे।
माननीय राष्ट्रपति ने आयोग को अनुसूचित जातियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और कल्याणकारी उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मौजूदा तंत्रों को मजबूत और सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से उपायों की परिकल्पना करने का निर्देश दिया ताकि उनके कल्याण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए संस्थागत तंत्रों के सुचारू और प्रभावी कामकाज को सुनिश्चित किया जा सके।

यह रिपोर्ट अनुसूचित जातियों के लिए संवैधानिक प्रावधानों के कामकाज की व्यापक समीक्षा प्रस्तुत करती है। इसमें अनुसूचित जातियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के संबंध में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ व्यापक समीक्षाओं, मौके पर किए गए दौरों और परामर्शों से प्राप्त प्रमुख निष्कर्षों का विवरण दिया गया है।
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पीके/केसी/एनकेएस
(रिलीज़ आईडी: 2298656)
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