सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
सरकार ने अंतरजातीय विवाहों के लिए डॉ. अंबेडकर योजना के अंतर्गत 457 लाभार्थियों को ₹10.66 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की।
प्रविष्टि तिथि:
12 AUG 2026 2:48PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार ने राज्यसभा को सूचित किया है कि अंतरजातीय विवाहों के माध्यम से सामाजिक एकीकरण हेतु डॉ. अंबेडकर योजना और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार पीड़ितों के लिए डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय राहत योजना को नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के कार्यान्वयन हेतु केंद्र प्रायोजित योजना में 31 मार्च 2023 से विलय कर दिया गया है ताकि योजनाओं के कार्यान्वयन में दोहराव से बचा जा सके।
यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने आज राज्यसभा में श्री राघव चड्ढा के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी ।
मंत्री ने बताया कि नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के कार्यान्वयन हेतु केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है, और यह योजना संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा कार्यान्वित की जाती है तथा इसके प्रभावी कार्यान्वयन की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।

डॉ . अंबेडकर फाउंडेशन ने विलय से पहले उत्पन्न अंतरजातीय विवाहों के माध्यम से सामाजिक एकीकरण हेतु डॉ. अंबेडकर योजना से संबंधित लंबित मामलों में वित्तीय सहायता प्रदान करना जारी रखा। इसके तहत, 457 लाभार्थियों को ₹ 10.66 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की गई है ।
वर्षवार विवरण से पता चलता है कि 2023-24 के दौरान 68 लाभार्थियों को, 2024-25 के दौरान 11 लाभार्थियों को और 2025-26 के दौरान 378 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई , जिससे तीन साल की अवधि के दौरान लाभार्थियों की कुल संख्या 457 हो गई।
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पीके/केसी/एनकेएस/
(रिलीज़ आईडी: 2298345)
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