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भारतीय रेलवे ने चित्रकूट के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल और प्रतापगढ़-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस सेवाओं के विलय को मंजूरी दी


विलय की गई सेवा से मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, कानपुर सेंट्रल और चित्रकूटधाम कर्वी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी तथा यात्री क्षमता 12 से बढ़कर 24 कोच हो जाएगी

विलय से कानपुर-प्रतापगढ़ रेलखंड पर भीड़भाड़ कम करने और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी

प्रविष्टि तिथि: 08 AUG 2026 4:49PM by PIB Delhi

भारतीय रेलवे ने यात्री सुविधा बढ़ाने और ट्रेन परिचालन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 14109/14110 चित्रकूटधाम कर्वी-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस और 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस के विलय को मंजूरी दी है। विलय के बाद यह सेवा 14123/14124 मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़-चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस के रूप में संचालित होगी।

इस विलय से मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ और चित्रकूटधाम कर्वी के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ क्षेत्र और चित्रकूट सहित अन्य महत्वपूर्ण गंतव्यों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।

 

24 कोच की ट्रेन से बढ़ेगी यात्री क्षमता

इस विलय से होने वाले परिचालन लाभों के तहत संयुक्त ट्रेन सेवा की यात्री क्षमता बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में 12 कोच वाली ट्रेन को बढ़ाकर 24 कोच किया जाएगा। इससे उपलब्ध सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और कानपुर-प्रतापगढ़ रेलखंड पर भीड़भाड़ तथा यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

बढ़ी हुई क्षमता से कानपुर, बांदा, चित्रकूट, प्रतापगढ़ तथा मार्ग के अन्य स्टेशनों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

चित्रकूट और प्रतापगढ़/लखनऊ क्षेत्र के बीच बेहतर सीधी कनेक्टिविटी

विलय के बाद यह सेवा चित्रकूट और लखनऊ-प्रतापगढ़ क्षेत्र के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी। यात्रियों को कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।

इससे विशेष रूप से तीर्थयात्रा, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और अन्य उद्देश्यों से चित्रकूट, प्रतापगढ़ तथा लखनऊ क्षेत्र के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं क्षेत्रीय केंद्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा।

प्रमुख स्टेशनों के बीच बेहतर संपर्क

विलय की गई सेवा मार्ग में आने वाले महत्वपूर्ण स्टेशनों पर अपनी सेवाएं जारी रखेगी। इनमें मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, चिलबिला, मां चंद्रिका देवी धाम अंतू, अमेठी, गौरीगंज, काशिमपुर, जायस, फुरसतगंज, रायबरेली, हरचंदपुर, बछरावां, निगोहां, लखनऊ, मानक नगर, उन्नाव, कानपुर सेंट्रल, भीमसेन, कठारा रोड, पनारा, घाटमपुर, हमीरपुर रोड, यमुना साउथ बैंक, भरुआ सुमेरपुर, रागौल, बांदा, अतर्रा और चित्रकूटधाम कर्वी शामिल हैं।

निष्कर्ष

नई विलय की गई सेवा उत्तर प्रदेश में यात्री कनेक्टिविटी को मजबूत करने, महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच बेहतर बनाने और रेलवे संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग में मदद करेगी। इससे बुंदेलखंड और अवध के बीच एक निर्बाध रेल गलियारा स्थापित होगा। यह सेवा चित्रकूट को राज्य की राजधानी लखनऊ तथा प्रतापगढ़ से सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। साथ ही, ट्रेन में कोचों की संख्या 12 से बढ़ाकर 24 किए जाने से यात्री वहन क्षमता दोगुनी हो जाएगी और यात्रियों को किफायती दरों पर बेहतर रेल सेवा उपलब्ध होगी। चित्रकूट की तीर्थयात्रा और पर्यटन को बढ़ावा देने के अलावा, यह सेवा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार, व्यापार और प्रशासनिक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। साथ ही, उपलब्ध ट्रेन परिचालन संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा।

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पीके/केसी/वीएस


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