प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने आध्यात्मिक विकास पर बल देने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया
प्रविष्टि तिथि:
05 AUG 2026 12:30PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आध्यात्मिक विकास पर बल देने वाले एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया:
"आत्मोदयः परज्यानिर्द्वयं नीतिरितीयती।
तदूरीकृत्य कृतिभिर्वाचस्पत्यं प्रतायते।।"
श्री मोदी ने कहा कि आध्यात्मिक विकास व्यक्ति में सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करता है। श्री मोदी ने कहा, "इसी सिद्धांत से प्रेरित होकर, आज हमारी युवा शक्ति देश को हर क्षेत्र में आगे ले जा रही है।"
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट लिखा:
आत्मिक विकास व्यक्ति के भीतर सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करता है। इसी से प्रेरित होकर आज हमारी युवा शक्ति देश को हर क्षेत्र में आगे ले जा रही है।
आत्मोदयः परज्यानिर्द्वयं नीतिरितीयती।
तदूरीकृत्य कृतिभिर्वाचस्पत्यं प्रतायते।।
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पीके/केसी/एसएस/एमपी
(रिलीज़ आईडी: 2294726)
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