सहकारिता मंत्रालय
सहकारिता-आधारित जैविक खेती
प्रविष्टि तिथि:
04 AUG 2026 5:15PM by PIB Delhi
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015-16 से असम सहित राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के माध्यम से तथा असम सहित पूर्वोत्तर राज्यों के लिए मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ इस्टर्न रीजन (MOVCDNER) के माध्यम से जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाता है ।
दोनों योजनाएं जैविक खेती में लगे किसानों की शुरुआत से लेकर अंत, अर्थात उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, प्रमाणन और विपणन तक सहायता प्रदान करने पर बल देती है । इन योजनाओं का प्राथमिक फोकस आपूर्ति श्रृंखला के सृजन के लिए छोटे और सीमांत किसानों को अधिमान देते हुए जैविक क्लस्टरों का गठन करना है । दोनों योजनाएं राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों के माध्यम से कार्यान्वित की जाती हैं । पीकेवीवाई के अधीन जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए तीन वर्ष की अवधि के दौरान 31,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता प्रदान की जाती है । इसमें से 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से ऑन-फार्म/ऑफ-फार्म जैविक निविष्टियों के लिए प्रदान की जाती है ।
MOVCDNER के अधीन 3 वर्ष की अवधि के दौरान 46,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता किसान उत्पादक संगठन के गठन के लिए, किसानों को जैविक निविष्टि, आदि की सहायता के लिए दी जाती है। योजना के अधीन इस सहायता में से 32,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से किसानों को ऑन-फार्म/ऑफ-फार्म जैविक निविष्टियों के लिए प्रदान की जाती है जिसमें से 15,000 रुपये किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के रूप में प्रदान किया जाता है ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2294369)
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