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एसपीआई के तहत हिमाचल प्रदेश में फार्मास्युटिकल एमएसएमई क्लस्टरों को सहायता

प्रविष्टि तिथि: 04 AUG 2026 2:16PM by PIB Delhi

फार्मास्युटिकल उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए (एसपीआई) केंद्रीय क्षेत्र योजना की उप-योजना सामान्य सुविधाओं के लिए फार्मास्युटिकल उद्योग को सहायता (एपीआईसीएफ) के तहत मौजूदा फार्मास्युटिकल क्लस्टर की सतत विकास क्षमता को मजबूत करने के लिए सामान्य अवसंरचना सुविधाओं का निर्माण कराया जाता है।

इस उप-योजना के अंतर्गत, हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित मेसर्स वेल्ज़ो रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स हिमाचल प्रदेश टेस्टिंग लैब लिमिटेड (एचपीटीएलएल) की परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2022-23 (19.53 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के साथ) और वित्त वर्ष 2025-26 (17.87 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के साथ) में क्रमशः मंजूरी दी गई है। एपीआई-सीएफ उप-योजना के अंतर्गत, हिमाचल प्रदेश से कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं है।

मेसर्स वेल्ज़ो रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड की एक परियोजना वित्त वर्ष 2022-23 में जारी 5.86 करोड़ रूपये, वित्त वर्ष 2023-24 में जारी 4.88 करोड़ रूपये, वित्त वर्ष 2024-25 में जारी 6.84 करोड़ रूपये और वित्त वर्ष 2025-26 में जारी 1.95 करोड़ रूपये की केंद्रीय अनुदान सहायता के साथ पूरी हो चुकी है। इस परियोजना को अनुसंधान एवं विकास और परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए मंजूरी दी गई थी।

दूसरी परियोजना, मैसर्स हिमाचल प्रदेश टेस्टिंग लैब लिमिटेड (एचपीटीएलएल) को अनुसंधान एवं विकास के लिए साझा सुविधा केंद्र और कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। एचपीटीएलएल की उप-योजना के अनुसार प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं के पूरा होने के कारण अभी तक वित्तीय सहायता जारी नहीं की गई है।

उपरोक्त के अतिरिक्त, फार्मास्युटिकल उद्योग को सुदृढ़ करने के लिए (एसपीआई) केंद्रीय क्षेत्र योजना की उप-योजना संशोधित फार्मास्युटिकल प्रौद्योगिकी उन्नयन सहायता योजना (आरपीटीयूएएस) के तहत मौजूदा फार्मास्युटिकल इकाइयों को संशोधित अनुसूची-एम और विश्व स्वास्थ्य संगठन - गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (डब्ल्यूएचओ-जीएमपी) प्रमाणन के लिए प्रौद्योगिकी और प्रक्रियाओं के उन्नयन को सुगम बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में वित्त वर्ष 2024-25 में 16 फार्मास्युटिकल इकाइयों को 17.19 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में 27 फार्मास्युटिकल इकाइयों को 29.02 करोड़ रूपये की स्वीकृत राशि के साथ मंजूरी दी गई है। स्वीकृत फार्मास्युटिकल इकाइयों में से सात फार्मास्युटिकल इकाइयों को 6.42 करोड़ रूपये का प्रोत्साहन जारी किया गया है।

इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में स्थित दवा इकाइयों के कुल 21 आवेदन उक्त उप-योजना के तहत लंबित हैं, क्योंकि व्यय वित्त समिति/स्थायी वित्त समिति द्वारा उप-योजना के विस्तार पर अंतिम निर्णय होने तक अस्थायी प्रतिबंध लागू है।

यह जानकारी रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।  

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पीके/केसी/एके/एसके


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