कोयला मंत्रालय
जुलाई 2026 में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयला उत्पादन और ढुलाई में वृद्धि जारी रही
प्रविष्टि तिथि:
03 AUG 2026 12:21PM by PIB Delhi
कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र ने अपनी तीव्र विकास गति बनाए रखते हुए जुलाई 2026 में उच्च उत्पादन हासिल किया। इस महीने कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से 14.78 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ, जबकि कोयले की आपूर्ति 17.49 मिलियन टन तक पहुंच गई। जुलाई 2025 की तुलना में, कोयला उत्पादन में 9.61 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जिससे खनन गतिविधियों की सुगम प्रगति और घरेलू कोयला उत्पादन में इन खदानों के बढ़ते योगदान का पता चलता है।
यह उत्साहजनक प्रदर्शन कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र में परिचालन दक्षता के सुधार, खनन उत्पादकता में वृद्धि और खनन क्षमताओं के अधिक प्रभावी उपयोग का परिचायक है।
नीचे दिया गया ग्राफ जुलाई महीने में कोयला उत्पादन और ढुलाई को दर्शाता है (मिलियन टन में)

कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से उत्पादन में सतत वृद्धि के चलते आयातित कोयले पर निर्भरता में कमी आएगी, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, और देश की ऊर्जा सुरक्षा एवं औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कच्चे माल में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इससे सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बल मिलने की उम्मीद है।
कोयला मंत्रालय कैप्टिव और वाणिज्यिक कोयला खनन क्षेत्र की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। प्रगतिशील नीतिगत पहल, सशक्त नियामक देखरेख और हितधारकों के निरंतर समर्थन के माध्यम से मंत्रालय उत्पादन वृद्धि को सुनिश्चित करने, आपूर्ति से संबंधित बाधाओं को खत्म करने और कोयले की उपलब्धता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। इसके साथ ही, मंत्रालय यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोयला क्षेत्र देश की बढ़ती ऊर्जा एवं औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे।
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पीके/केसी/बीयू/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2293699)
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