कोयला मंत्रालय
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कोल इंडिया ने व्यापक कल्याणकारी एवं पेंशन सुधारों के जरिए सेवानिवृत्ति पश्चात देखभाल को किया मजबूत

प्रविष्टि तिथि: 01 AUG 2026 6:44PM by PIB Delhi

कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन प्रशासन, स्वास्थ्य सेवा पहुँच, शिकायत निवारण और सामाजिक सुरक्षा में सुधार के उद्देश्य से कई सुधारों के जरिए अपने सेवानिवृत्ति-पश्चात् वेलफेयर इकोसिस्टम को काफी मजबूत किया है। इन पहलों ने 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन स्तर में सुधार किया है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देने वालों के कल्याण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

सीआईएल  ने कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के सहयोग से 'सी-केयर्स' प्लेटफॉर्म के माध्यम से पेंशन प्रशासन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को भी गति दी है। इसके परिणामस्वरूप, सेवानिवृत्ति के दावों के निपटान का औसत समय 30 दिनों से घटकर मात्र 10 दिन रह गया है। ऑनलाइन पेंशन संशोधन और संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी करने की सुविधा के लिए आगे के डिजिटल मॉड्यूल विकसित किए जा रहे हैं, जो एक निर्बाध और पेपरलेस पेंशन प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

सेवानिवृत्ति के अनुभव को सहज और परेशानी मुक्त बनाने के लिए सी-केयर्स पोर्टल सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने और सीएमपीएफ बकाये के निपटान की सुविधा प्रदान करता है, जबकि ग्रेच्युटी वैधानिक प्रावधानों के अनुसार जारी की जाती है। संशोधित पीपीओ लागू होने से पात्र जीवनसाथी का विवरण इसमें शामिल हो गया है, जिससे पारिवारिक पेंशन शुरू करने की प्रक्रिया सरल हो गई है। अब पेंशन वितरित करने वाले बैंक सीएमपीएफओ से अलग से स्वीकृति लिए बिना ही सामान्य पारिवारिक पेंशन के मामलों को संसाधित कर सकते हैं।

एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहल के तहत, कोयला खान पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को 8 मार्च 2024 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रति माह कर दिया गया, जिससे लगभग 40,000 पेंशनभोगियों को लाभ हुआ है। इस कदम ने सेवानिवृत्त खदान श्रमिकों और उनके परिवारों को अधिक वित्तीय सहायता प्रदान की है।

सीआईएल ने अपने मुख्यालय और सहायक कंपनियों में समर्पित पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट सेल  (पीआरबीसी) के माध्यम से अपनी सहायता प्रणाली को और मजबूत किया है, जो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सिंगल-पॉइंट कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य करते हैं।

स्वास्थ्य सेवा सीआईएल के सेवानिवृत्ति-पश्चात् कल्याणकारी ढांचे का एक मुख्य स्तंभ बनी हुई है। अंशदायी सेवानिवृत्ति-पश्चात् चिकित्सा योजना (सीपीआरएमएस) के तहत नामांकित लगभग 1.13 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त है। यह योजना सेवानिवृत्त एग्जीक्यूटिव को ₹25 लाख तक और नॉन-एग्जीक्यूटिव को ₹8 लाख तक का मेडिकल कवर प्रदान करती है। वहीं, गंभीर बीमारियों के इलाज के खर्चों को इस वित्तीय सीमा से बाहर रखा गया है, जिससे गंभीर चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

इन पहलों के व्यापक प्रभाव को दर्शाते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भविष्य निधि का वितरण पिछले वर्ष के ₹11,391.6 करोड़ से 19.5% बढ़कर ₹13,608.8 करोड़ हो गया, जबकि पेंशन वितरण 22.9% बढ़कर ₹5,229.1 करोड़ से ₹6,427 करोड़ हो गया। कुल मिलाकर, इस वर्ष के दौरान पीएफ और पेंशन वितरण में ₹3,415.1 करोड़ की वृद्धि हुई, जो अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और संस्थागत सहायता सुनिश्चित करने के प्रति सीआईएल की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। कंपनी अपने सूचीबद्ध हॉलिडे होम्स तक पहुँच भी प्रदान करना जारी रखे हुए है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कल्याण और निरंतर जुड़ाव को बढ़ावा मिलता है।

कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में, कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियां देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में दृढ़ संकल्पित हैं। इसके साथ ही, वे देश के 'कोयला योद्धाओं' के रूप में उनके समर्पित योगदान के सम्मान स्वरूप, अपनी सेवा अवधि के दौरान और उसके बाद भी, अपने कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराती हैं।

 

पीके/केसी/एसके


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